कॉर्पोरेट दिग्गजों की चुनौतियों को सुलझाने के लिए सीधे उनके लिए नए उद्यम खड़े करने वाली उद्यम प्रयोगशाला वैंतोरा ने एक बड़ा रणनीतिक बदलाव करते हुए 10 करोड़ डॉलर की नई फंडिंग हासिल की है। यह पूरी पूंजी सिल्वरस्मिथ कैपिटल पार्टनर्स की ओर से पहली बाहरी संस्थागत फंडिंग के तौर पर मिली है। पहले यूपी.लैब्स के नाम से जानी जाने वाली यह इकाई न तो कोई साधारण इनक्यूबेटर है, न ही पारंपरिक एक्सेलेरेटर या जोखिम पूंजी वाली वेंचर फर्म। करीब चार साल पहले जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब इसका मकसद अलास्का एयरलाइंस और पोर्श जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे स्टार्टअप बनाना था, जो इन कंपनियों के साथ बाहरी बाजार की समस्याओं का भी समाधान कर सकें। अब वैंतोरा ने अपने पूरे मॉडल को रीब्रांडिंग के साथ एक नई दिशा दी है, जिसके केंद्र में केवल कॉर्पोरेट साझेदारों के निजी इस्तेमाल और फिजिकल AI की जरूरतें शामिल हैं।
ओपन मार्केट छोड़कर कॉर्पोरेट एमएंडए पाइपलाइन की ओर कदम
वैंतोरा का ताजा दृष्टिकोण अब व्यापक खुदरा या बाहरी बाजार के लिए उत्पाद बनाने से पूरी तरह हट गया है। कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन कुओल्ट के अनुसार, फर्म अब एक विशेष आंतरिक विलय और अधिग्रहण पाइपलाइन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है। इस नई संरचना के तहत वैंतोरा अपने बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के साथ मिलकर उनके काम के लिए ही नए स्टार्टअप का निर्माण करती है। वे कॉर्पोरेट साझेदार शुरुआत में इन स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं और उनके पहले आधिकारिक ग्राहक बनते हैं। हालांकि, पहले की व्यवस्था के उलट, अब इन साझेदारों के पास यह अधिकार और विकल्प होता है कि वे इन नवजात उद्यमों को सीधे अपने मूल कारोबार में मिला लें और बौद्धिक संपदा को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखें।
गोपनीय तकनीकों और फिजिकल AI की बढ़ती मांग
इस रणनीतिक बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह यह रही कि पारंपरिक ओपन-मार्केट मॉडल में कई बेहद संवेदनशील औद्योगिक विचारों को छोड़ना पड़ जाता था। जॉन कुओल्ट ने बताया कि पहले ऐसी कई परियोजनाएं सामने आती थीं जो कॉर्पोरेट साझेदारों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद मूल्यवान थीं, लेकिन वे इतनी संवेदनशील थीं कि उन्हें बाहरी दुनिया या प्रतिद्वंद्वियों के सामने नहीं लाया जा सकता था। कुओल्ट का कहना है कि जब कोई फॉर्च्यून 100 औद्योगिक कंपनी अपनी सभी मशीनों और हार्डवेयर को स्वायत्त कामकाज के लायक बनाने के लिए रेट्रोफिट करती है, तो वह उस तकनीक की संपूर्ण संप्रभुता अपने पास रखना चाहती है। वह कोर इंटेलिजेंस लेयर पर किसी तीसरे पक्ष का नियंत्रण बर्दाश्त नहीं कर सकती और न ही उस तकनीक को प्रतिस्पर्धियों को बेचने की इजाजत दे सकती है। इस नए मालिकाना ढांचे ने वैंतोरा को भारी उद्योगों और मौजूदा ग्राहकों के बीच फिजिकल AI के बड़े अवसरों को भुनाने की पूरी छूट दी है।
जेबी हंट से लेकर पोर्श तक का मजबूत नेटवर्क
वैंतोरा के इतिहास पर नजर डालें तो इस वेंचर लैब ने 2022 में जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता पोर्श के साथ अपने पहले कॉर्पोरेट साझेदार के रूप में सफर शुरू किया था। उस साझेदारी के बाद से कंपनी ने पोर्श के लिए कई स्टार्टअप सफलतापूर्वक लॉन्च किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने विमानन क्षेत्र की अलास्का एयरलाइंस, लॉजिस्टिक्स दिग्गज जेबी हंट, परिवहन उपकरण निर्माता वाबाश, और एशले फर्नीचर की मूल कंपनी टीडीजी के साथ भी अहम समझौते किए हैं। लॉजिस्टिक्स कंपनी जेबी हंट के साथ पहले भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा एक बड़ा विचार तैयार हुआ था, लेकिन बाहरी बाजार में जाने के डर से उसे रोकना पड़ा था। अब इस नए मॉडल के तहत उस तरह के आंतरिक प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाना संभव हो गया है। हाल के दिनों में कंपनी ने अपने नेटवर्क में तेल और गैस क्षेत्र के साथ-साथ औद्योगिक विनिर्माण की कुछ अन्य दिग्गज कंपनियों को भी जोड़ा है, जिनके नामों का फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है।
स्वतंत्र वजूद और भविष्य का खाका
अपने शुरुआती दौर में यह इकाई कैलिफोर्निया स्थित वेंचर फर्म यूपी.पार्टनर्स के साथ दफ्तर साझा करने और निकट सहयोग के बावजूद वित्तीय रूप से उससे पूरी तरह अलग थी। जॉन कुओल्ट ने स्पष्ट किया है कि भले ही दोनों फर्म अभी भी दफ्तर का स्थान साझा करती हैं, लेकिन वैंतोरा का कॉर्पोरेट ढांचा पूरी तरह स्वतंत्र है। सिल्वरस्मिथ कैपिटल पार्टनर्स से मिले 10 करोड़ डॉलर की यह राशि वैंतोरा की बैलेंस शीट पर पहला बाहरी निवेश है। इस पूंजी के सहारे कंपनी अब भारी विनिर्माण, मोबिलिटी, परिवहन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में फिजिकल AI पर आधारित कस्टम समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।













