रोजमर्रा की कॉल में AI का जादू
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में डेटा और कॉलिंग के अनुभव को नया आकार देने के बाद, रिलायंस जियो अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शक्ति को सीधे आम लोगों की फोन कॉल्स से जोड़ने की तैयारी में है. कंपनी इस अभिनव AI टूल को इसी साल के अंत तक देश भर में जारी करने की योजना बना रही है, जो प्रत्येक जियो यूज़र के लिए पूरी तरह से उपलब्ध होगा. इस सर्विस की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से 'मेड इन इंडिया' है और भारतीय परिवेश के अनुकूल डिज़ाइन की गई है. यह असिस्टेंट भारत की सभी प्रमुख भाषाओं का समर्थन करेगा, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए फोन पर बातचीत करने और अपने दैनिक कार्यों को निपटाने का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा.
'हे जियो' कहो और काम करवाओ
जियो कॉल एजेंट एक व्यक्तिगत AI दरबान के रूप में काम करेगा, जो आपकी सामान्य वॉयस कॉल्स के भीतर ही मौजूद रहेगा. इस सेवा का उपयोग करने के लिए किसी स्मार्टफोन में कोई थर्ड-पार्टी ऐप इंस्टॉल करने या कोई अतिरिक्त सेटिंग चालू करने की आवश्यकता नहीं होगी. जब आप किसी से फोन पर बात कर रहे होंगे, तो आपको बस अपनी आवाज़ में "हे जियो" कहना होगा. यह कमांड सुनते ही, जियो का नेटवर्क-आधारित AI असिस्टेंट आपकी कॉल में एक सहायक के रूप में जुड़ जाएगा. इसके बाद यह कॉल पर हो रही बातचीत को लाइव सुनकर और समझकर प्रतिक्रिया देगा. सुरक्षा और गोपनीयता के नज़रिए से यह महत्वपूर्ण है कि यह AI केवल यूज़र की स्पष्ट सहमति और कमांड प्राप्त होने के बाद ही कॉल में शामिल होगा, जिससे डेटा सुरक्षा से जुड़ी कोई चिंता नहीं होगी.
कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 आवाज़ों की पहचान
Akash Ambani के अनुसार, इस AI एजेंट की क्षमताएं काफी उन्नत हैं. यह किसी भी चालू कॉल के दौरान कही गई बातों को वास्तविक समय में लिखित रूप में (Transcribe) बदल सकता है. सबसे ख़ास बात यह है कि यदि आप एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर हैं, तो यह AI एक साथ 10 अलग-अलग लोगों की आवाज़ों को पहचान सकता है और यह भी रिकॉर्ड रख सकता है कि किस व्यक्ति ने क्या बात कही. बातचीत खत्म होने के बाद, यह जियो कॉल एजेंट पूरी कॉल का एक सटीक सारांश (Summary) तैयार करेगा. इसके साथ ही, मीटिंग में तय हुए ज़रूरी काम (Action Items) और ज़रूरी रिमाइंडर की एक सूची बनाकर कॉल में शामिल सभी सदस्यों के साथ तुरंत साझा कर देगा, ताकि किसी को अलग से नोट्स बनाने की ज़रूरत न पड़े.
आम आदमी के जीवन को बनाएगा ज़्यादा स्मार्ट
यह AI असिस्टेंट केवल ऑफिस की मीटिंग्स या नोट्स बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को भी बेहद आसान और स्मार्ट बना देगा. लाइव कॉल के दौरान ही यूज़र इस AI एजेंट को सीधे निर्देश देकर कई तरह के टास्क पूरे करवा सकेंगे, जैसे:
- कैब और फूड बुकिंग: कॉल पर बात करते-करते ही आप AI से कहकर अपने लिए खाना ऑर्डर कर सकते हैं या कहीं जाने के लिए कैब बुक कर सकते हैं.
- टेबल और मीटिंग शेड्यूलिंग: किसी रेस्टोरेंट में टेबल आरक्षित करनी हो या दोस्तों-सहकर्मियों के साथ मीटिंग का समय तय करना हो, AI कॉल के बैकग्राउंड में ही यह काम संभाल लेगा.
- भाषा की दीवार होगी खत्म: सभी भारतीय भाषाओं के समर्थन के कारण, यदि कोई व्यक्ति अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी निर्देश देगा, तो यह AI उसे बखूबी समझकर टास्क पूरा करेगा.
जियो का यह कदम भारत में AI तकनीक के लोकतंत्रीकरण (Democratization) की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है, जो महंगे AI फीचर्स को बिना किसी अतिरिक्त लागत के देश के 50 करोड़ से ज़्यादा आम स्मार्टफोन और फीचर फोन यूज़र्स की पहुंच में ला देगा.













