भारत में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कामकाज तथा यूजर प्राइवेसी पर संसद ने कड़ा रुख अपनाया है। संसद की सूचना प्रौद्योगिकी और संचार संबंधी स्थायी समिति ने दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों को तलब किया है। इस बैठक में मेटा, गूगल, एक्स और स्नैपचैट जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों को समिति के समक्ष पेश होना होगा।
डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी पर अहम चर्चा
संसदीय समिति की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा और प्राइवेसी के अधिकारों की समीक्षा करना है। टेक दिग्गजों से मुख्यतः दो प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी जाएगी, जिनमें यूजर डेटा की सुरक्षा व्यवस्था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट का नियमन शामिल है। हाल ही में डिजिटल कंटेंट के गायब होने और सोशल मीडिया पर विज्ञापनों तथा सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवालों के बाद यह कदम उठाया गया है।
प्लेटफॉर्म्स के नियमन पर जोर
डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने और जवाबदेही तय करने के लिए सरकार और संसदीय समितियां लगातार नियमन पर विचार कर रही हैं। बैठक के दौरान यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि ये कंपनियां भारतीय यूजर्स के डेटा को किस तरह सुरक्षित रखती हैं और भ्रामक या आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए उनके पास क्या तंत्र मौजूद हैं। दुनिया भर में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर बनाए जा रहे कड़े नियमों के बीच भारत में भी इस तरह की निगरानी को आवश्यक माना जा रहा है।


















