यदि आप वाई-फाई के सहारे बिना सिम कार्ड वाले फोन पर वॉट्सऐप का उपयोग करते हैं, तो आने वाले समय में आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दूरसंचार विभाग (DoT) के सिम बाइंडिंग निर्देशों के अंतर्गत वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे तमाम मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस नए प्रावधान के मुताबिक जिस फोन नंबर से आपका मैसेजिंग अकाउंट बना हुआ है, उस सिम का उसी डिवाइस के भीतर मौजूद होना अनिवार्य किया जा सकता है जिस पर ऐप चलाया जा रहा है। ऐसे हालात में फोन से सिम कार्ड निकाल लेने या फिर उसके निष्क्रिय हो जाने पर ऐप की सेवाएं बाधित हो सकती हैं।
ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी अकाउंट्स पर लगाम
सरकार का मुख्य उद्देश्य डिजिटल फ्रॉड, फर्जी खातों के निर्माण और मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग पर सख्त रोक लगाना है। ऐसा सामने आया है कि साइबर अपराधी भारतीय नंबरों के जरिए अकाउंट का ओटीपी वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद बिना सिम के भी इन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल बदस्तूर जारी रखते हैं। सिम बाइंडिंग तकनीक लागू होने से इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने में काफी मदद मिलने की पूरी उम्मीद है। इसी अवैध इस्तेमाल को रोकने की मंशा से 1 जनवरी 2027 से वॉट्सऐप के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।
किन यूजर्स पर पड़ेगा इस बदलाव का असर
इस नए बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो दो अलग-अलग फोन का इस्तेमाल करते हैं या फिर अपने पुराने स्मार्टफोन्स में केवल वाई-फाई के माध्यम से वॉट्सऐप चलाते हैं। इसके अलावा ई-सिम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों और आईफोन यूजर्स के लिहाज से भी यह तकनीकी व्यवस्था काफी अहम साबित होगी। हालांकि, यह नियम अलग-अलग डिवाइसेस और यूजर्स पर किस हद तक प्रभाव डालेगा, यह पूरी तरह से इसके जमीनी तकनीकी क्रियान्वयन पर ही निर्भर करेगा। खासतौर पर डुअल फोन इस्तेमाल करने वालों, वाई-फाई पर निर्भर रहने वाले वॉट्सऐप यूजर्स और ई-सिम धारकों की स्थिति को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ होना बाकी है।
फिलहाल क्या है वॉट्सऐप चलाने का मौजूदा तरीका
मौजूदा समय में व्यवस्था यह है कि आप किसी भी मोबाइल फोन में सिम कार्ड डालकर वॉट्सऐप को आसानी से इंस्टॉल कर सकते हैं। ऐप को एक्टिवेट करने के लिए आपके नंबर पर एक ओटीपी आता है और एक बार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आप सिम कार्ड को फोन से बाहर निकाल कर भी ऐप को आराम से चला सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने अब इसी मौजूदा नियम में बदलाव करने की पूरी तैयारी कर ली है। विभाग का साफ तौर पर यह मानना है कि यूजर्स की सही पहचान सुनिश्चित करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बिना सिम के वॉट्सऐप के इस्तेमाल पर रोक लगानी ही होगी। हालांकि, इस बदलाव का सीधा असर आम यूजर्स पर भी पड़ेगा, लेकिन देश में डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिहाज से यह कदम उठाया जाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।



















