टेनिस की दुनिया में इन दिनों एक ही चर्चा है, 44 साल की उम्र में दो बच्चों की मां बन चुकीं सेरेना विलियम्स ने विंबलडन में कोर्ट पर वापसी का ऐलान करके सबको चौंका दिया. इस हिम्मत भरे फैसले पर भारत की टेनिस स्टार रहीं सानिया मिर्जा ने भी खुलकर अपनी राय रखी है और सेरेना को टेनिस की सर्वकालिक महान खिलाड़ी यानी GOAT करार दिया है.
चौंकाने वाला ऐलान, कोर्ट पर लौटीं सेरेना
कुछ समय पहले जब सेरेना विलियम्स ने विंबलडन में उतरने की घोषणा की, तो पूरी दुनिया हैरान रह गई थी. दो बच्चों की मां बनने के बाद और 44 साल की उम्र में मैदान पर वापसी करना आसान फैसला नहीं था, लेकिन सेरेना ने यह साहस दिखाया. इसी वापसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे टेनिस की GOAT यानी सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी क्यों मानी जाती हैं.
सानिया बोलीं, इस पर बहस की गुंजाइश ही नहीं
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सानिया मिर्जा ने कहा कि सेरेना विलियम्स दुनिया की सबसे महान एथलीट हैं और खेल जगत की सबसे बड़ी बहसों में से एक पर उनकी राय एकदम साफ है, सेरेना का कोई मुकाबला ही नहीं है. सानिया ने कहा,
अगर 44 साल की उम्र में दो बच्चों के साथ, सेरेना वहीं से वापसी करने में सक्षम हैं जहां उन्होंने खेल छोड़ा था तो इस बात पर कोई बहस ही नहीं होनी चाहिए कि दुनिया का सबसे महान एथलीट कौन है.
13 विंबलडन खिताब, लेकिन कमबैक मैच में हार
सेरेना विलियम्स के नाम कुल 13 विंबलडन खिताब दर्ज हैं, इनमें 7 खिताब सिंगल्स के हैं और 6 खिताब डबल्स के. हालांकि विंबलडन सिंगल्स में उनकी बहुप्रतीक्षित वापसी बहुत लंबी नहीं चल सकी, पहले ही दौर में ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जॉइंट के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा और उनका सफर वहीं थम गया.
सानिया भी कर चुकी हैं ऐसी वापसी
दिलचस्प बात यह है कि सानिया मिर्जा खुद भी मां बनने के बाद कोर्ट पर वापस लौट चुकी हैं. साल 2018 में अपने बेटे को जन्म देने के बाद सानिया ने प्रोफेशनल टेनिस में वापसी की थी, इसलिए वे बखूबी समझती हैं कि खेल में दोबारा लौटने पर शरीर और दिमाग पर कैसी मांगें आती हैं. सानिया ने 2020 में WTA टूर में कमबैक किया था और अपने पहले ही टूर्नामेंट में होबार्ट इंटरनेशनल में डबल्स खिताब जीत लिया था. इससे यह भी साबित हुआ कि मां बनना किसी भी खिलाड़ी के करियर का अंत नहीं होता. फिर भी सानिया मानती हैं कि सेरेना की चुनौती एक अलग ही स्तर की थी क्योंकि 23 बार की ग्रैंड स्लैम सिंगल्स चैंपियन ने अपनी बेटियों के जन्म के बाद टेनिस से पूरी तरह दूरी बना ली थी, और लंबे समय से यह अटकलें लगती रही थीं कि क्या वे दोबारा प्रतिस्पर्धी टेनिस में उतरेंगी भी या नहीं.
चैंपियन बनने के इरादे से लौटीं सेरेना, विरासत पर फर्क नहीं
सानिया ने आगे कहा,
सेरेना विलियम्स केवल इसलिए वापस आ रही हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि वह अभी भी वे चीजें कर सकती हैं जो वह पहले कर रही थीं. अब, वह ऐसा कर पाएंगी या नहीं, इससे उनकी चैंपियन की छवि और उनकी पहले से मौजूद विरासत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
सानिया के मुताबिक सेरेना की महानता सिर्फ ग्रैंड स्लैम की गिनती या रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं है. यह उनकी जुझारू क्षमता, बरसों तक टॉप लेवल पर टिके रहने की ताकत और उम्र व मातृत्व की शारीरिक चुनौतियों के बावजूद दुनिया की सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों के सामने डटे रहने की क्षमता है, जो उन्हें बाकी हर एथलीट से अलग बनाती है.













