अंतरराष्ट्रीय टेनिस सर्किट पर कनाडाई ओपन के खिताबी मुकाबलों में जबरदस्त रोमांच देखने को मिला, जहां महिला और पुरुष दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन दर्ज किए गए। छह बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन इगा स्वायटेक ने टोरांटो में खेले गए फाइनल मुकाबले में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी एलेना रायबाकिना को सीधे सेटों में पराजित कर इस सीजन की अपनी पहली ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। वहीं पुरुष वर्ग के खिताबी मैच में पांचवीं वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन ने हमवतन अमेरिकी खिलाड़ी ब्रैंडन नकाशिमा को मात देकर लगातार दूसरी बार यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट अपने नाम किया। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों ने हाल के महीनों में खराब फॉर्म से जूझने के बाद कोर्ट पर अपनी बादशाहत साबित कर दी है।
टोरांटो में इगा स्वायटेक का दबदबा और खिताबी सूखा समाप्त
25 वर्षीय पोलिश टेनिस स्टार इगा स्वायटेक ने टोरांटो के दर्शकों की भरपूर वाहवाही के बीच कनाडाई ओपन का फाइनल मुकाबला 6-2, 6-3 से अपने नाम किया। दुनिया की आठवें नंबर की खिलाड़ी स्वायटेक ने कजाकिस्तान की 27 वर्षीय एलेना रायबाकिना के खिलाफ केवल 1 घंटे 15 मिनट में यह मुकाबला जीतकर अपने करियर की 26वीं ट्रॉफी उठाई। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही स्वायटेक की महिला टेनिस रैंकिंग के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में वापसी भी तय हो गई है।
मैच के पहले सेट में ऑस्ट्रेलियाई ओपन चैंपियन रायबाकिना काफी दबाव में नजर आईं और उन्होंने 12 अनफोर्स्ड एरर किए। स्वायटेक ने रायबाकिना की सर्व को दो बार तोड़ा और खुद पर आए दो ब्रेक प्वाइंट्स को सफलतापूर्वक बचाया। दूसरे सेट में रायबाकिना ने शुरुआत में 2-1 की बढ़त बनाई थी, लेकिन इसके बाद स्वायटेक ने जोरदार वापसी करते हुए अंतिम छह में से पांच गेम जीते और मुकाबला समाप्त कर दिया। पूरे मैच के दौरान स्वायटेक ने एक एस लगाया, चार डबल फॉल्ट किए, 13 विनर्स दागे और कुल 23 अनफोर्स्ड एरर दर्ज किए।
ऑनलाइन आलोचनाओं के बीच स्वायटेक की शानदार वापसी
खिताब जीतने के बाद स्वायटेक ने अपने संघर्ष को याद करते हुए कहा कि यह जीत उनके लिए बहुत मायने रखती है क्योंकि पिछले कुछ महीने बिल्कुल आसान नहीं रहे थे। इस साल जनवरी में मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलियाई ओपन के क्वार्टर फाइनल में उन्हें रायबाकिना के हाथों ही हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद रोलां गैरो में वे चौथे दौर तक और विंबलडन में तीसरे दौर तक ही पहुंच सकी थीं। इंटरनेट पर लगातार हो रही आलोचनाओं के बावजूद उन्होंने अपने खेल में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया। स्वायटेक ने स्पष्ट किया, "सोशल मीडिया पर लोगों की तरह-तरह की टिप्पणियों के बावजूद अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान देना आसान नहीं होता, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं आगे बढ़ती रही।"
दूसरी ओर, उपविजेता रहीं एलेना रायबाकिना ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया लेकिन यह जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। रायबाकिना के लिए फाइनल की राह कठिन रही थी, क्योंकि उनके पिछले तीनों मुकाबले तीन-तीन सेट तक खिंचे थे, जिससे थकावट साफ झलक रही थी।
बेन शेल्टन का ऐतिहासिक कारनामा और बैक टू बैक खिताब
पुरुष एकल वर्ग में 23 वर्षीय अमेरिकी खिलाड़ी बेन शेल्टन ने मॉन्ट्रियल में खेले गए फाइनल में ब्रैंडन नकाशिमा को 6-3, 7-6 (7-4) से हराकर इतिहास रच दिया। शेल्टन के करियर का यह सातवां एटीपी टूर एकल खिताब है। इसके साथ ही वे 2019 में राफेल नडाल के बाद कनाडा ओपन का अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इसके अतिरिक्त, 2016 में नोवाक जोकोविच के बाद शेल्टन पहले ऐसे चैंपियन बने हैं जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक भी सेट नहीं गंवाया।
यह मुकाबला एटीपी मास्टर्स 1000 स्तर पर 2003 के सिनसिनाटी ओपन के बाद पहला पूरी तरह से अमेरिकी खिलाड़ियों के बीच खेला गया फाइनल था, जब एंडी रोडिक ने मार्डी फिश को हराया था। शेल्टन इस टूर्नामेंट से पहले काफी कठिन दौर से गुजर रहे थे, जहां वे विंबलडन के पहले दौर और रोलां गैरो के दूसरे दौर में बाहर हो गए थे, जबकि सीजन के अपने शुरुआती चार मास्टर्स 1000 टूर्नामेंटों में वे केवल एक मैच जीत सके थे।
मानसिक मजबूती से शेल्टन ने बदला अपना परिणाम
अपनी इस शानदार खिताबी सफलता पर बात करते हुए बेन शेल्टन ने अपनी मानसिक दृढ़ता को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि बिना कोई सेट गंवाए इस ड्रा के माध्यम से फाइनल तक पहुंचना उनकी कड़ी मेहनत और दिमागी मजबूती को दर्शाता है। शेल्टन ने कहा, "पूरे सप्ताह मैंने जिस तरह का खेल दिखाया और बिना कोई सेट गंवाए ट्रॉफी जीती, वह मेरी मानसिक ताकत की गवाही देता है।"
सिनसिनाटी ओपन में केटी बोल्टर की जुझारू जीत
कनाडा ओपन के अलावा सिनसिनाटी ओपन में भी मुख्य दौर के मुकाबले शुरू हो चुके हैं। ग्रेट ब्रिटेन की 30 वर्षीय खिलाड़ी केटी बोल्टर ने पहले दौर के कड़े मुकाबले में अमेरिका की केटी वॉलीनेट्स को 7-5, 0-6, 6-4 से हराकर सिनसिनाटी ओपन में अपने करियर की पहली जीत हासिल की। जून के बाद से अपनी पहली जीत दर्ज करने वाली बोल्टर का सामना अब दूसरे दौर में विंबलडन चैंपियन और छठी वरीयता प्राप्त लिंडा नोस्कोवा से होगा।



















