मानसून दस्तक देते ही भारत के कई मशहूर पर्यटन स्थल मानो हरी चादर ओढ़ लेते हैं और पहाड़, झरने, घाटियां और जंगल पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत नजर आने लगते हैं। अगर बारिश के मौसम में प्रकृति के करीब सुकून भरे पल बिताने का मन है, तो देश में ऐसी 5 जगहें मौजूद हैं जो देखने में किसी जादुई दुनिया से कम नहीं लगतीं। आइए जानते हैं इन शानदार डेस्टिनेशन के बारे में, जहां मानसून के मौसम का असली मजा लिया जा सकता है।
मुन्नार, केरल: चाय के बागानों की धुंध भरी वादियां
केरल का मुन्नार अपने चाय के बागानों, धुंध से ढकी पहाड़ियों और ठंडी हवाओं के लिए दुनियाभर में जाना जाता है, और बारिश के मौसम में इसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है। मानसून में यहां फैली हरियाली देखते ही बनती है, इसलिए यह जगह प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती।
कूर्ग, कर्नाटक: भारत के स्कॉटलैंड में ट्रेकिंग का मजा
कर्नाटक का कूर्ग 'भारत के स्कॉटलैंड' के नाम से मशहूर है और बारिश के मौसम में इसका नजारा बेहद शानदार हो जाता है। यहां फैले कॉफी के बागान, झरने और घने जंगल इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। मानसून के दौरान कूर्ग का मौसम सुहावना बना रहता है, यही वजह है कि यह ट्रेकिंग और नेचर वॉक के शौकीनों के लिए बेहतरीन जगह मानी जाती है।
महाबलेश्वर, महाराष्ट्र: बादलों और झरनों के बीच
महाराष्ट्र की सह्याद्रि पहाड़ियों में बसा महाबलेश्वर मानसून के दौरान बादलों और झरनों से पूरी तरह घिर जाता है। यहां की अलग-अलग ऊंचाई वाली जगहों से दिखने वाले नजारे पर्यटकों का दिल जीत लेते हैं। इसी मौसम में लिंगमाला वॉटरफॉल और वेन्ना झील यहां आने वाले सैलानियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बन जाते हैं।
चेरापूंजी, मेघालय: सबसे ज्यादा बारिश वाली जगह का जादू
मेघालय का चेरापूंजी दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश वाली जगहों में गिना जाता है और मानसून के मौसम में यह अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आता है। यहां के विशाल झरने, हरे-भरे पहाड़ और पेड़ों की जड़ों से बना मशहूर 'लिविंग रूट ब्रिज' पर्यटकों को रोमांच के साथ-साथ प्रकृति का एक बिल्कुल अनोखा अनुभव भी देते हैं।
वैली ऑफ फ्लावर्स, उत्तराखंड: रंग-बिरंगे फूलों की घाटी
उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स, यानी फूलों की घाटी, को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा हासिल है, और मानसून के दौरान यह घाटी रंग-बिरंगे फूलों से पूरी तरह खिल उठती है। जुलाई से सितंबर के महीनों के बीच यहां सैकड़ों तरह के फूल खिलते हैं, जिससे घाटी का नजारा बेहद अद्भुत हो जाता है। ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं मानी जाती।
मानसून ट्रिप पर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
बारिश के मौसम में कहीं भी यात्रा पर निकलने से पहले रेनकोट, छाता और वॉटरप्रूफ जूते साथ रखना बिल्कुल न भूलें। यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम का हाल जरूर जान लें और वहां पहुंचकर फिसलन भरे रास्तों पर बेहद सावधानी से चलें। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन की तरफ से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी न भूलें।











