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बिहार के जमुई में छिपा है एक शानदार एडवेंचर स्पॉट, पहाड़ों के बीच बिना भीड़ के सुकून का सफरयात्रा
5 जुल॰ 2026, 11:19 am (94 दिन पहले)· 3

बिहार के जमुई में छिपा है एक शानदार एडवेंचर स्पॉट, पहाड़ों के बीच बिना भीड़ के सुकून का सफर

बिहार के जमुई जिले में गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र का योगेश्वर पहाड़ी इलाका एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए बिना भीड़ और बिना ज्यादा खर्च के घूमने की एक शानदार जगह बनकर उभरा है.

बिहार के जमुई जिले में वन क्षेत्र का बड़ा हिस्सा फैला हुआ है, और यहीं गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र में एक ऐसी जगह है जो एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए किसी हब से कम नहीं. गिद्धेश्वर मंदिर से करीब 5 किलोमीटर दूर योगेश्वर पहाड़ की तलहटी का यह इलाका अपने प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है. गिद्धेश्वर मंदिर से आगे बढ़ने पर यह जगह ललदैया काजवे पुल के पास से शुरू होती है.

रास्ते की शुरुआत यहीं से

ललदैया काजवे पुल तक पहुंचते ही मुख्य सड़क यहीं खत्म हो जाती है, और इसके आगे का पूरा सफर पथरीले रास्तों पर तय करना पड़ता है. जो लोग यहां घूमने की योजना बना रहे हैं, वे इसी पुल के पास से पहाड़ी पर चढ़ाई शुरू कर सकते हैं.

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पथरीले रास्तों पर बाइकिंग का रोमांच

इन उबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों पर बाइक चलाने का अपना ही मजा है. रास्ते के दोनों ओर घनी झाड़ियां हैं, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं, लंबे-लंबे पेड़ हैं और चारों तरफ फैली हरियाली मन को सुकून देती है. यही वजह है कि यह जगह धीरे-धीरे एडवेंचर के शौकीनों के बीच पसंदीदा बनती जा रही है.

भीड़भाड़ से दूर, गांवों को जोड़ता रास्ता

यह रास्ता जंगल में बसे कई गांवों को मुख्यालय से जोड़ता है. इन गांवों में रहने वाले लोगों के अलावा यहां बहुत कम लोग पहुंचते हैं, इसलिए इस पूरे इलाके में भीड़भाड़ जैसा कुछ नहीं दिखता. इसी रास्ते पर आगे बढ़ते हुए यात्री गिद्धेश्वर के आसपास मौजूद पांच पहाड़ियों के बीच बनी तलहटी तक पहुंच जाते हैं.

सात से ज्यादा पहाड़ियों से बनी घाटी

गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र में सात से भी ज्यादा छोटी-बड़ी पहाड़ियां मौजूद हैं, जो आपस में मिलकर एक विशाल घाटी बनाती हैं. इसी रास्ते पर लगातार आगे बढ़ने पर यही घाटी सामने आती है, जो देखने में बेहद खूबसूरत है. यहां पहुंचकर हर तरफ सिर्फ पहाड़ ही पहाड़ नजर आते हैं, मानो पूरा इलाका पहाड़ों से घिरा हो.

झरने, डैम और पिकनिक की रौनक

स्थानीय युवक अक्सर इसी पहाड़ी इलाके में पिकनिक मनाने आते हैं. इन्हीं पहाड़ियों के बीच कई छोटे-छोटे झरने और डैम भी मौजूद हैं, जिनमें साल के बारहों महीने पानी भरा रहता है. इनमें से पंचभूर झरना इन दिनों लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो चुका है.

अगर आप जमुई आने की सोच रहे हैं और एडवेंचर के शौकीन हैं, तो लाखों रुपये खर्च किए बिना यहां आकर अपने दोस्तों के साथ प्रकृति और रोमांच का भरपूर मजा उठा सकते हैं.

सवाल-जवाब

गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र गिद्धेश्वर मंदिर से कितनी दूर है?
यह इलाका गिद्धेश्वर मंदिर से करीब 5 किलोमीटर दूर, योगेश्वर पहाड़ की तलहटी में स्थित है.
यह रास्ता कहां से शुरू होता है?
गिद्धेश्वर मंदिर से आगे बढ़ने पर यह रास्ता ललदैया काजवे पुल के पास से शुरू होता है.
गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र में कितनी पहाड़ियां हैं?
यहां सात से भी ज्यादा छोटी-बड़ी पहाड़ियां हैं, जो आपस में मिलकर एक बड़ी घाटी बनाती हैं.
यहां घूमने के लिए क्या खास तैयारी चाहिए?
लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं, बस पथरीले रास्तों पर बाइक चलाने या पैदल चलने की तैयारी चाहिए.
यहां का सबसे लोकप्रिय झरना कौन सा है?
पंचभूर झरना, जो इन दिनों लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो चुका है.
क्या इस जगह पर भीड़ रहती है?
नहीं, यहां जंगल के गांवों में रहने वाले लोगों के अलावा बहुत कम लोग पहुंचते हैं, इसलिए भीड़ नहीं रहती.
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