मानसून के मौसम में झीलों की नगरी उदयपुर की खूबसूरती एकदम अलग रंग में नजर आती है और इसी मौसम में यहां का जगनिवास किसी जन्नत जैसा दिखने लगता है। पिछोला झील के बीचोंबीच बना यह सफेद संगमरमर का महल, जिसे दुनिया लेक पैलेस के नाम से जानती है, बादलों से घिरी अरावली की पहाड़ियों और चारों ओर लबालब पानी के बीच एक अलग ही दृश्य रचता है। यही वजह है कि बरसात के दिनों में देश और विदेश दोनों जगहों से बड़ी तादाद में पर्यटक इस ऐतिहासिक इमारत को देखने उदयपुर पहुंचते हैं।
18वीं सदी में हुआ था निर्माण
जगनिवास का निर्माण 18वीं शताब्दी में मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने करवाया था। सफेद संगमरमर से तैयार यह भव्य महल अपनी वास्तुकला और झील के बीच की अनोखी स्थिति की वजह से आज दुनिया के सबसे खूबसूरत महलों में गिना जाता है। चारों तरफ पानी और बीचोंबीच खड़ा यह महल देखने वालों को हैरान कर देता है, इसलिए इसे लेक पैलेस के नाम से भी जाना जाता है।
बादलों और पानी के बीच स्वर्ग जैसा नजारा
मानसून में जब पिछोला झील पूरी तरह भर जाती है और आसमान में बादल छाए रहते हैं, तब जगनिवास का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त इसकी खूबसूरती और भी निखर जाती है। यही वजह है कि फोटोग्राफर, प्रकृति प्रेमी और घूमने के शौकीन लोग इस मौसम में यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी मशहूर
जगनिवास सिर्फ अपनी सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है। कई बड़े उद्योगपति, फिल्मी सितारे और विदेशी मेहमान यहां शाही अंदाज में अपने विवाह समारोह आयोजित करवा चुके हैं। झील के बीच बना यह महल दूल्हा-दुल्हन और उनके मेहमानों को एक राजसी अनुभव देता है, जिसकी वजह से इसे भारत के सबसे प्रतिष्ठित वेडिंग डेस्टिनेशन में गिना जाता है।
ताजमहल से जुड़ी लोककथा
जगनिवास से एक दिलचस्प ऐतिहासिक कथा भी जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहां जब राजकुमार खुर्रम थे, तब उन्होंने मेवाड़ में कुछ वक्त बिताया था। उसी दौरान उन्होंने पिछोला झील के बीच बने इस सफेद संगमरमर के महल की वास्तुकला और सुंदरता को करीब से देखा था। इतिहासकारों का एक वर्ग मानता है कि बाद में आगरा में ताजमहल बनवाते समय संगमरमर की इसी तरह की शिल्पकला और पानी के बीच बनी इमारत के सौंदर्य से प्रेरणा ली गई होगी। हालांकि यह दावा ऐतिहासिक तौर पर पूरी तरह साबित नहीं है और इसे एक लोकप्रिय मान्यता के तौर पर ही देखा जाता है।
उदयपुर की पहचान बन चुका है यह महल
आज जगनिवास सिर्फ एक पुरानी इमारत नहीं रह गया, बल्कि यह उदयपुर की पहचान बन चुका है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां शाही मेहमाननवाजी, राजस्थानी संस्कृति और झीलों की अनोखी खूबसूरती का अनुभव करते हैं। मानसून के मौसम में इसकी छटा और भी मनमोहक हो जाती है, जिसकी वजह से हर साल हजारों पर्यटक इसे देखने के लिए यहां खिंचे चले आते हैं।











