त्योहारों के मौसम में घर को सजाने के लिए गेंदे के फूलों की मांग बढ़ जाती है, जिससे बाजार में खर्च भी ज्यादा होता है। यदि आपकी छत या बालकनी में गेंदे का पौधा लगा है, तो बिना किसी महंगे उत्पाद या विशेष खाद के उसकी सही देखभाल करके फूलों की पैदावार बढ़ाई जा सकती है। पौधे के विकास के दौरान एक आसान सी गार्डनिंग ट्रिक अपनाकर इसे हरा-भरा और घना बनाया जा सकता है।
पिंचिंग तकनीक से बढ़ाएं पौधे की शाखाएं
गेंदे के पौधे में अधिक फूल पाने के लिए पिंचिंग की विधि काफी असरदार साबित हो सकती है। जब पौधे की लंबाई तेजी से बढ़ रही हो लेकिन शाखाएं कम निकल रही हों, तो पौधे के सबसे ऊपर वाले नए सिरे को हटा दिया जाता है। इस प्रक्रिया से पौधे को बगल से नई शाखाएं निकालने में मदद मिलती है, जिससे वह केवल ऊपर की ओर बढ़ने के बजाय चारों तरफ फैलकर घना हो जाता है। हालांकि, यह तरीका ज्यादा फूल आने की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं देता है, क्योंकि यह पौधे की किस्म और मौसम पर भी निर्भर करता है।
किस समय और कैसे करें पिंचिंग की प्रक्रिया
जब गेंदे का पौधा करीब 6 से 8 इंच का हो जाए और उसमें पर्याप्त पत्तियां आ जाएं, तब पिंचिंग पर विचार किया जा सकता है। पौधे की सबसे ऊपरी टहनी का लगभग 1 से 2 इंच हिस्सा साफ प्रूनर या कैंची की मदद से काट दें। यदि सिरा बहुत नाजुक है, तो उसे उंगलियों से भी तोड़ा जा सकता है। संक्रमण से बचाव के लिए काटने से पहले उपकरण को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। कमजोर, बीमार या बहुत छोटे पौधों पर यह तरीका आजमाने से बचना चाहिए ताकि उनपर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
शुरुआती कलियों को हटाने का महत्व
कई बार छोटे गेंदे के पौधों में ही कलियां उगने लगती हैं। यदि पौधा अभी आकार में छोटा है और उसमें शाखाओं का विस्तार कम हुआ है, तो शुरुआती कलियों को हटाने से पौधे का पूरा ध्यान उसकी शारीरिक बढ़त पर केंद्रित हो जाता है। हालांकि, यह हर पौधे के लिए आवश्यक नहीं है। जब पौधा पूरी तरह विकसित हो जाए और उसमें कई शाखाएं फूट आएं, तब कलियों को नहीं छेड़ना चाहिए क्योंकि बार-बार टहनियां काटने से फूलों के खिलने में देरी हो सकती है।
धूप और पानी का सही प्रबंधन
पिंचिंग के साथ-साथ गेंदे के पौधे को उचित वातावरण देना भी उतना ही आवश्यक है। इस पौधे को दिनभर में कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप मिलना जरूरी है, जो इसके बेहतर विकास और फूलों के निर्माण में सहायता करती है। गमले में पानी डालने से पहले उसकी मिट्टी की नमी की जांच अवश्य कर लें। मिट्टी गीली होने पर दोबारा पानी न डालें, क्योंकि अत्यधिक नमी से जड़ें सड़ सकती हैं। इसके अलावा, गमले में अतिरिक्त पानी निकलने के लिए उचित निकासी छिद्र होना चाहिए।
उचित खाद और पोषण का चुनाव
पौधे को मजबूती देने के लिए मिट्टी में सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाया जा सकता है। खाद की मात्रा हमेशा पौधे की आवश्यकता और मिट्टी की स्थिति के अनुसार ही तय करें, क्योंकि अत्यधिक खाद जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। यदि आप सरसों की खली के घोल का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसे पानी में अच्छी तरह पतला करके ही पौधों में डालें। गाढ़ा या बिना सड़ा हुआ घोल पौधे की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
दिवाली तक फूलों से भरने की संभावना
यदि आप त्योहारी सीजन तक गेंदे के पौधे को फूलों से महकाना चाहते हैं, तो सही समय पर पिंचिंग के साथ धूप, पानी और खाद का संतुलन बनाए रखें। इससे नई शाखाओं का विकास तेजी से होता है और फूलों की संख्या बढ़ने की संभावना भी काफी हद तक बढ़ जाती है। ध्यान रहे कि फूलों का खिलना पूरी तरह से मौसम, पौधे की उम्र और नियमित देखभाल पर निर्भर करता है। एक बार कलियां बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाए, तो पिंचिंग का काम रोक देना चाहिए।




















