घर की बालकनी या गार्डन की शोभा बढ़ाने के लिए गुलाब का पौधा एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है, लेकिन कई बार भरपूर हरियाली होने के बावजूद पौधे में फूलों की संख्या कम हो जाती है। इस स्थिति से निपटने के लिए अक्सर लोग बिना सोचे-समझे बार-बार खाद बदलने लगते हैं या पानी की मात्रा में बदलाव कर देते हैं, जबकि असल समस्या पौधों की बुनियादी देखभाल में होती है। गुलाब को बंपर फूल देने के लिए उचित धूप, संतुलित नमी, सही पोषक तत्वों और नियमित कटिंग की आवश्यकता होती है।
अच्छी बात यह है कि इसके लिए बाजार से महंगे प्रोडक्ट्स पर पैसे खर्च करने की कोई जरूरत नहीं है। रसोई और घर में आसानी से मिलने वाली चीजों से भी पौधों के विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। बस इसके लिए सही तकनीक अपनाने और थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत होती है ताकि पौधा स्वस्थ रहे और उस पर कलियों की भरमार हो जाए।
पर्याप्त धूप है सबसे जरूरी
गुलाब के पौधों को खिलने के लिए भरपूर मात्रा में धूप की आवश्यकता होती है। यदि आपका पौधा किसी ऐसी जगह पर रखा हुआ है जहां पूरे दिन छाती रहती है या पर्याप्त रोशनी नहीं पहुंचती है, तो पत्तियों का आकार तो बढ़ सकता है लेकिन फूल आने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पौधे को रोजाना कम से कम पांच से छह घंटे की सीधी धूप मिले। हालांकि, अत्यधिक गर्मी वाले दिनों में दोपहर की चिलचिलाती धूप से पौधे को थोड़ा बचाना भी फायदेमंद साबित होता है।
जरूरत के अनुसार ही दें पानी
अधिक फूल पाने की चाहत में लोग अक्सर पौधे में जरूरत से ज्यादा पानी डालना शुरू कर देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत तरीका है। लगातार मिट्टी गीली रहने से जड़ों को सांस लेने में दिक्कत होती है और वे सड़ सकती हैं। जब गमले की ऊपरी मिट्टी छूने पर हल्की सूखी महसूस हो, तभी उसमें पर्याप्त पानी डालें। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि गमले के निचले हिस्से में पानी निकासी के लिए ड्रेनेज होल ठीक स्थिति में हों ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके।
संतुलित पोषण और खाद का चयन
फूल आने के इस अहम दौर में पौधों को अतिरिक्त पोषण की दरकार होती है। इस समय पुरानी जैविक खाद या अच्छी तरह से डीकंपोज हुई कंपोस्ट की थोड़ी मात्रा मिट्टी में मिलाई जा सकती है। इसके अलावा केले के छिलकों से तैयार जैविक खाद का इस्तेमाल भी काफी लोकप्रिय है। हालांकि, किसी भी खाद का अत्यधिक इस्तेमाल पौधे के लिए हानिकारक बन सकता है। यदि पौधे की केवल पत्तियां बहुत तेजी से फैल रही हैं और फूल नहीं निकल रहे हैं, तो नाइट्रोजन युक्त खादों के प्रयोग से बचना चाहिए क्योंकि गुलाब के लिए संतुलित पोषण ही सबसे ज्यादा कारगर होता है।
नियमित रूप से करें डेडहेडिंग
गुलाब के पौधे में फूलों की पैदावार बढ़ाने का एक बेहद आसान और कारगर तरीका पुराने और मुरझाए हुए फूलों को समय पर हटाना है। जब फूल खिलने के बाद सूखने लगें, तो उन्हें केवल ऊपर से खींचकर तोड़ने के बजाय किसी साफ और तेज कैंची की मदद से सही जगह से काटना चाहिए। ऐसा करने से पौधे की ऊर्जा बर्बाद नहीं होती और वह नए विकास तथा नई कलियों के निर्माण में पूरी तरह लगती है।
प्रूनिंग और मिट्टी की देखभाल
पौधे की पुरानी, कमजोर और अंदर की तरफ बढ़ने वाली अनावश्यक शाखाओं की समय-समय पर छंटाई करते रहना चाहिए ताकि पौधे के भीतर हवा का संचार बेहतर तरीके से हो सके। हालांकि, एक साथ बहुत ज्यादा शाखाएं काटने से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही गुलाब के लिए ऐसी मिट्टी का चुनाव करना चाहिए जिसमें पानी टिके नहीं और जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचती रहे। यदि गमले की मिट्टी सख्त हो गई है, तो उसकी ऊपरी परत को बहुत ही हल्के हाथों से खुरचकर ढीला कर देना चाहिए ताकि मिट्टी की गुणवत्ता और सेहत हमेशा बरकरार रहे।



















