स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के अवसर पर टेलीविजन पर प्रसारित हुई एक नई सैन्य डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला ने पड़ोसी देश पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है। दो एपिसोड की इस विशेष सीरीज 'डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर' (Declassified: Operation Sindoor) के सामने आते ही सीमा पार प्रशासनिक और सैन्य गलियारों में खलबली देखने को मिली। इस डॉक्यूमेंट्री में भारतीय सैन्य अधिकारियों और सुरक्षा विशेषज्ञों के बयान शामिल किए गए हैं, जो सीमा पार हुए इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान की पूरी कहानी उजागर करते हैं।
88 घंटे का सैन्य अभियान और पहलगाम हमले का बदला
यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज मुख्य रूप से पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए जवाबी अभियान पर केंद्रित है। भारतीय सेना के नेतृत्व में 88 घंटे तक चले इस व्यापक सैन्य ऑपरेशन में सीमा पार मौजूद आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया गया था। इस सीमित सीरीज को 45-45 मिनट की अवधि वाले दो मुख्य भागों में बांटा गया है। इसके पहले भाग का शीर्षक 'द ग्रीनलाइट' है, जबकि दूसरे एपिसोड का नाम 'अटैक एंड काउंटरस्ट्राइक' रखा गया है।
अजीत डोभाल और सेना प्रमुख ने दी रणनीतिक जानकारी
इस डॉक्यूमेंट्री की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सैन्य कमांडरों के प्रत्यक्ष वक्तव्य हैं। इसमें भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी खुद ऑपरेशन की रणनीतिक योजना और उसकी बारीकियों पर बात करते नजर आते हैं। उनके अलावा अभियान का हिस्सा रहे सैन्य ऑपरेटिव्स और रक्षा मामलों के विश्लेषकों के आधिकारिक बयानों के जरिए घटनाक्रम का पूरा ब्योरा पेश किया गया है।
पाकिस्तान की बौखलाहट: रात 2 बजे जारी किया गया बयान
श्रृंखला के प्रसारण के तुरंत बाद पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। भारतीय सैन्य अभियान के विवरण से असहज होकर पाकिस्तान सेना के आधिकारिक प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने देर रात 2 बजे सोशल मीडिया पर एक बयान साझा किया। उनके इस संदेश में साफ तौर पर चिड़चिड़ाहट और बौखलाहट दिखाई दी। उन्होंने इस डॉक्यूमेंट्री को खारिज करने की कोशिश करते हुए इसे महज गिने-चुने इंटरव्यू, भावनात्मक कहानी और बॉलीवुड शैली का नाट्य रूपांतरण करार दिया।
कहां और कैसे देख सकते हैं यह सीरीज
भारतीय सेना के इस जांबाजी भरे अभियान पर आधारित इस वास्तविक कहानी को दर्शक डिस्कवरी चैनल पर देख सकते हैं। इसके अलावा जिन दर्शकों के पास ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन है, वे इसे अमेज़न प्राइम वीडियो पर कभी भी स्ट्रीम कर सकते हैं।



















