टीवी की चर्चित सीरीज अनुपमा के नए एपिसोड में परिवार के फैसलों से लेकर घर खरीदने की उठापटक तक, कई मोड़ एक साथ सामने आए हैं। कहानी की शुरुआत घर के अंदर होने वाली बातचीत से होती है, जहां अनुपमा हर किरदार को उसकी जिंदगी की दिशा समझाती नजर आती है।
बच्चों को समझाइश, फिर कैफे में चौंकाने वाला नजारा
अनुपमा बैंकू को पढ़ाई पर फोकस करने और अच्छा करियर बनाने की सीख देती है और उसे आशीर्वाद भी देती है। इशानी को भी वह यही समझाती है कि अभी उसे अपने भविष्य पर ध्यान लगाना चाहिए। किंजल के लिए अनुपमा की सलाह साफ है, वह अपनी कमाई पर खुद हक जताए और परितोष के हाथ में एक रुपया भी न थमाए। इन सब से फुर्सत पाकर अनुपमा कैफे की ओर निकल पड़ती है। वहां पहुंचते ही उसे झटका लगता है क्योंकि प्रेम और राही दोनों काम में जुटे मिलते हैं। दिग्विजय भी वहां मौजूद रहकर अनुपमा का हौसला बढ़ाता है। प्रेम के कहने पर अनुपमा खासतौर पर उनके लिए नाश्ता तैयार करती है, और इसी दौरान राही दिग्विजय के सामने ठान लेती है कि वे तीनों मिलकर अनुपमा को उसका अपना घर दिलाएंगे। ठीक उसी वक्त दिग्विजय के मोबाइल पर एक कॉल आती है जिसमें बताया जाता है कि इलाके के प्लॉट्स हाथों-हाथ बिक रहे हैं। अनुपमा फौरन डाउन पेमेंट कर देती है, हालांकि बाकी रकम के लिए लोन मिलेगा या नहीं, इसकी फिक्र उसे अंदर ही अंदर खाने लगती है।
बिल्डर के साथ पेपर्स पर तकरार, लोन को लेकर बढ़ी मुश्किलें
इसी बीच घर से निकलने से पहले ख्याति अपना नेकलेस और घर संभालने की जिम्मेदारी मीता को सौंप जाती है। दूसरी ओर अनुपमा बिल्डर के पास पहुंचकर एग्रीमेंट के कागजात मांगती है। बातचीत के दौरान बिल्डर उस पर तंज कसता है, जिसका अनुपमा तुरंत डटकर जवाब देती है और साफ कह देती है कि घर बनाने का हक सिर्फ मर्दों तक सीमित नहीं है, महिलाएं भी यह कर दिखा सकती हैं। इस पर बिल्डर शर्त रखता है कि बाकी बची रकम अगले 30 दिन के भीतर चुकानी होगी। उधर प्रेम और राही लोन का इंतजाम न हो पाने से परेशान हैं, और बैंक मैनेजर राही को सुझाव देता है कि वह को-एप्लिकेंट बन जाए तो प्रोसेस आसान हो सकता है। इसी दौरान गौतम चुपके से वसुंधरा के कान भरता है ताकि वह किसी भी सूरत में अनुपमा की मदद के लिए आगे न आए।
अनुज की यादों से मिली ताकत, प्लॉट हुआ अपने नाम
चारों तरफ से मुश्किलें घिरने के बावजूद अनुपमा हार नहीं मानती। वह अनुज को याद करती है और वहीं से उसे अपना घर खड़ा करने की हिम्मत मिलती है। आखिरकार वह बिल्डर के हाथ में 5 लाख रुपये का चेक थमाती है और बदले में उसे रसीद भी सौंपी जाती है। जैसे ही प्लॉट उसके नाम होने की पुष्टि वाली रसीद उसके हाथ में आती है, अनुपमा की आंखें भर आती हैं।
प्रीकैप में झलक, खुशी के साथ धोखे का संकेत भी
आने वाले एपिसोड की झलक में अनुपमा भगवान का शुक्रिया अदा करती नजर आएगी और राही व प्रेम के साथ मिलकर यह खुशखबरी सेलिब्रेट करेगी। हालांकि कहानी के संकेत बताते हैं कि आगे चलकर अनुपमा को इसी डील में धोखा झेलना पड़ सकता है, यानी उसका घर का सपना अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।



















