उत्तर प्रदेश के कानपुर से पहचान छिपाकर की गई शादी और महिलाओं को बंधक बनाने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पनकी थाना पुलिस ने रतनपुर के कामदगिरि अपार्टमेंट में छापेमारी करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को हिंदू बताकर दो महिलाओं से शादी की और बाद में दोनों को उनके एक बच्चे के साथ अपार्टमेंट में बंधक बनाकर रख लिया था। मामले का खुलासा तब हुआ जब हिंदू संगठन बजरंग दल ने पुलिस को इसकी सूचना दी और पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
पहली शादी में कैसे फंसाया
पुलिस के मुताबिक आरोपी मुस्लिम समुदाय से है, लेकिन उसने अपनी असली पहचान छिपाकर नाम बदल लिया था। इसी बदले नाम की मदद से उसने पहली पीड़िता से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी रचाई। शादी के बाद वह पीड़िता को अपने साथ लखनऊ ले गया, जहां दोनों कुछ समय तक रहे। कुछ वक्त बाद पीड़िता को उसकी असली मजहबी पहचान का पता चला, जिसने महिला को पूरी तरह तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि सच सामने आने के बाद आरोपी ने महिला पर जबरन धर्म बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब भी पीड़िता इस दबाव का विरोध करती, आरोपी उसे बेरहमी से पीटता और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा और पीड़िता चुपचाप यह सब सहती रही।
दूसरी महिला भी बनी शिकार
बीते दिनों आरोपी पीड़िता और अपने बच्चे को लेकर वापस कानपुर लौट आया। यहां आकर उसने अपनी असली पहचान फिर छिपाई और इस बार एक दूसरी हिंदू महिला को अपने झूठ के जाल में फंसा लिया। आरोप है कि उसने इस महिला से भी शादी कर ली और उसके बाद दोनों महिलाओं तथा बच्चे को कामदगिरि अपार्टमेंट में जबरन बंधक बनाकर रखना शुरू कर दिया। दोनों महिलाओं को न घर से बाहर निकलने दिया जाता था और न ही किसी से संपर्क करने दिया जाता था, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
बजरंग दल की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
जब इस पूरे मामले की भनक हिंदू संगठन बजरंग दल को लगी, तो संगठन ने बिना देरी किए पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पनकी थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कामदगिरि अपार्टमेंट पर छापा मारा। छापेमारी में पुलिस ने बंधक बनाई गई दोनों महिलाओं और बच्चे को सुरक्षित बरामद किया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस और बजरंग दल ने क्या कहा
एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने इस मामले पर कहा:
हमें हिंदू संगठन और पीड़िता के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर महिलाओं को बंधक बनाए हुए है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं को रेस्क्यू किया है और आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पहली महिला के बयानों के आधार पर धर्म परिवर्तन के दबाव, घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी की धाराओं में जांच शुरू कर दी गई है। दूसरी महिला से भी पूछताछ जारी है, जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बजरंग दल के महानगर प्रभारी नरेश तोमर ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी:
यह सीधे तौर पर लव जिहाद और हमारी बहनों के साथ क्रूरता का मामला है। आरोपी ने 8 साल तक पहचान छिपाई, मारपीट की और फिर दूसरी हिंदू बेटी को फंसाया। बजरंग दल ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं करेगा। हमने पुलिस को सूचना देकर बहनों को मुक्त कराया है। हम आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग करते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस फिलहाल आरोपी और दूसरी महिला से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद ही तमाम तथ्यों की कड़ाई से पुष्टि हो पाएगी, लेकिन इस पूरी घटना ने पहचान छिपाकर की जाने वाली शादियों और जबरन धर्म परिवर्तन के गिरोहों पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली पीड़िता के बयानों के आधार पर धर्म परिवर्तन के दबाव, घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, जबकि दूसरी महिला से भी पूछताछ जारी है ताकि पूरी घटना की तह तक पहुंचा जा सके।













