बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर इतिहास रचते हुए मेजबान टीम को 9 विकेट के बड़े अंतर से पराजित किया है। डार्विन में खेले गए इस मुकाबले में बांग्लादेशी गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के सामने दुनिया की शीर्ष टेस्ट टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ बांग्लादेश की यह पहली टेस्ट जीत है, जबकि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कंगारू टीम पर उनकी यह कुल दूसरी जीत दर्ज हुई है। पूरे मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया की टीम न तो गेंदबाजी में अपनी छाप छोड़ सकी और न ही बल्लेबाजी में टिक पाई।
स्विंग गेंदबाजी के सामने बेनकाब हुई ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी
डार्विन टेस्ट में मेजबान टीम की सबसे बड़ी कमजोरी स्विंग होती गेंदों के खिलाफ उनका पैनिक होना साबित हुई। नई और पुरानी दोनों गेंदों से मिल रही स्विंग के सामने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने बेहद आसानी से अपने विकेट गंवाए। मैच की पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा, जिसके चलते पूरी टीम महज 198 रन के स्कोर पर सिमट गई थी। बांग्लादेशी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही ऐसा दबाव बनाया कि कंगारू बल्लेबाज जोखिम भरे शॉट खेलने पर मजबूर हो गए।
हसन महमूद का कहर और मेहदी हसन मिराज का पंजा
बांग्लादेश की इस ऐतिहासिक जीत के मुख्य सूत्रधार तेज गेंदबाज हसन महमूद रहे। हसन ने अपनी धारदार स्विंग गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को पूरे मैच में बैकफुट पर रखा। उन्होंने दोनों पारियों को मिलाकर केवल 111 रन खर्च किए और शानदार गेंदबाजी करते हुए 9 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। हसन के अलावा बांग्लादेश के अन्य गेंदबाजों ने भी सटीक लाइन और लेंथ बनाए रखी। दूसरी पारी में स्पिनर मेहदी हसन मिराज ने भी बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके और ऑस्ट्रेलिया की वापसी की बची-खुची उम्मीदों को पूरी तरह समाप्त कर दिया।
टॉप ऑर्डर में एंकर की कमी और गैर-जिम्मेदाराना बल्लेबाजी
ऑस्ट्रेलियाई टीम की इस करारी हार के पीछे उनके टॉप ऑर्डर में किसी भी बल्लेबाज द्वारा एंकर भूमिका न निभा पाना एक प्रमुख वजह रहा। ट्रेविस हेड और जेक एडवर्ड्स दोनों पारियों में अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे और गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर आउट हो गए। वहीं मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाजों ने भी क्रीज पर जरूरी गंभीरता नहीं दिखाई। शीर्ष क्रम के इस तरह सरेंडर करने से मध्यक्रम पर भारी दबाव आ गया।
कैमरून ग्रीन का शतक बेकार, बांग्लादेश को मिला 57 रन का लक्ष्य
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की ओर से मध्यक्रम के बल्लेबाज कैमरून ग्रीन ने जुझारू खेल दिखाते हुए शतकीय पारी खेली। हालांकि, ऊपरी क्रम के बल्लेबाजों के पूरी तरह फ्लॉप होने के कारण कंगारू टीम अपनी दूसरी पारी में 284 रन ही बना सकी। पहली पारी में बांग्लादेश द्वारा ली गई 228 रनों की विशाल बढ़त के कारण ऑस्ट्रेलिया मेजबान होते हुए भी केवल 57 रनों की बढ़त ही बना सका। बांग्लादेश की टीम ने चौथी पारी में महज 1 विकेट खोकर 57 रनों के इस आसान लक्ष्य को हासिल कर लिया और मैदान पर ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।



















