अयोध्या में श्री राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिस ने इस सिलसिले में कुल आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह मुकदमा श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर लिखा गया है। मामले की शुरुआती पड़ताल के बाद ही यह कदम उठाया गया।
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में जो सिफारिश की गई, उसी के आधार पर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से यह FIR दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता कृष्ण मोहन खुद इसी ट्रस्ट के सदस्य हैं, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है।
FIR में किन-किन के नाम
दर्ज की गई इस FIR में चंपत टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ल और मनीष यादव का नाम शामिल है। इनके अलावा कई और लोगों के नाम भी इसमें जोड़े गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 6 और 13(5) के तहत यह शिकायत दर्ज की गई है।
कौन हैं शिकायतकर्ता कृष्ण मोहन
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और अब वे समाजसेवी संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। पिछले साल ही उन्हें दिवंगत कामेश्वर चौपाल के स्थान पर ट्रस्ट का सदस्य नामित किया गया था। चौपाल की तरह वे भी अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं।
कृष्ण मोहन ने साल 1970 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से MSc की डिग्री हासिल की और इसके बाद करीब पांच से छह साल तक उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में शोध किया। साल 1978 में उनका चयन भारतीय वन सेवा के महाराष्ट्र काडर के लिए हुआ। साल 2012 में सेवानिवृत्त होने के बाद वे हरदोई लौट आए और तभी से समाजसेवा के काम में जुट गए।
कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्य भी हैं। मूल रूप से वे उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले हैं। राम मंदिर के चंदे की चोरी के इस मामले में FIR सामने आने के बाद उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है।
आगे क्या
जानकारी के अनुसार, SIT की शुरुआती रिपोर्ट में कुल आठ लोग नामजद किए गए हैं, जबकि इसमें कई अन्य नाम भी शामिल हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली रामजन्मभूमि में मुकदमा दर्ज किया गया। यह FIR योगी सरकार की सिफारिश पर दर्ज की गई है।













