उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस विभाग से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां सिरौली थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला ने शिकायत की है कि उक्त सब-इंस्पेक्टर ने उसे नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया और विवाह का वादा करके उसका यौन शोषण किया। इस शिकायत के सामने आने के बाद आला अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शादी का झांसा और नौकरी का वादा
महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य को दी गई अपनी लिखित शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात सब-इंस्पेक्टर नरेश बाबू से वर्ष 2025 में हुई थी। उस समय महिला अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए बारादरी थाने पहुंची थी। महिला का दावा है कि सब-इंस्पेक्टर ने न केवल उसकी समस्या को ध्यानपूर्वक सुना, बल्कि उसे वरिष्ठ अधिकारियों से अपनी निकटता का हवाला देकर नौकरी दिलाने का भी भरोसा दिया। इसी विश्वास को आधार बनाकर नरेश बाबू ने महिला के साथ नजदीकियां बढ़ाईं और अपनी पत्नी को तलाक देने का वादा करके उससे विवाह करने का झांसा दिया। महिला के अनुसार, इन वादों के चलते सब-इंस्पेक्टर उसके घर आने-जाने लगा और शारीरिक संबंध भी बनाए।
आभूषणों को लेकर धोखाधड़ी का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में सब-इंस्पेक्टर नरेश बाबू पर आर्थिक धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि नरेश बाबू करवा चौथ के बाद से उसके घर पर ही रहने लगा था। फरवरी 2026 में सब-इंस्पेक्टर ने अपने बेटे की शादी का बहाना बनाकर उससे करीब आठ लाख रुपये के सोने के आभूषण लिए। जब महिला ने बाद में अपने गहने वापस मांगे, तो सब-इंस्पेक्टर आनाकानी करने लगा और दबाव बनाने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने लगा।
विभागीय जांच के आदेश
महिला द्वारा सौंपे गए सबूतों, जिनमें आरोपी के साथ उसकी तस्वीरें और वीडियो फुटेज शामिल हैं, के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि प्राथमिक जांच के दौरान आरोपों की गंभीरता को देखते हुए नरेश बाबू को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि इस संपूर्ण प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच पुलिस अधीक्षक (साउथ) अंशिका वर्मा को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के नतीजे सामने आने के बाद पुलिस विभाग द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।











