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लव मैरिज पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बड़ा बयान: 'आत्मनिर्भर बनने के बाद ही करें शादी'उत्तर प्रदेश
8 जुल॰ 2026, 3:31 pm (45 दिन पहले)· 2

लव मैरिज पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का बड़ा बयान: 'आत्मनिर्भर बनने के बाद ही करें शादी'

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ में एक दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों को सलाह दी कि वे घर से भागकर शादी करने जैसे कदम न उठाएं। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनने और परिवार की सहमति को प्राथमिकता देने की अपील की।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ में एकेटीयू के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रेम विवाह और युवाओं के पलायन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा अक्सर घर वालों के विरोध के डर से भागकर शादी कर लेते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब लड़कियां गर्भवती हो जाती हैं और बच्चे का जन्म होता है, तो अक्सर उन बच्चों को अपनाने वाला कोई नहीं होता। नतीजतन, उन मासूमों को बालगृहों में जीवन बिताने के लिए छोड़ दिया जाता है, जो अत्यंत दुखद स्थिति है।

माता-पिता से खुलकर संवाद की सलाह

आनंदीबेन पटेल ने अपने निजी जीवन का उदाहरण साझा करते हुए छात्रों को सलाह दी कि वे अपने माता-पिता से संवाद बनाए रखें। उन्होंने बताया कि जब उनका बेटा बेंगलुरु पढ़ाई के लिए गया था, तब उन्होंने उससे साफ कह दिया था कि यदि उसे कोई पसंद आए, तो वह सीधे आकर बताए। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को भरोसा दिया था कि वे खुद खुशी-खुशी विवाह करा देंगी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे गलत रास्ता अपनाने के बजाय अपने परिवार के साथ ईमानदारी बरतें।

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आत्मनिर्भरता की अहमियत

राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि वे प्रेम विवाह की विरोधी नहीं हैं, लेकिन युवाओं को शादी का निर्णय लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने छात्रों को नसीहत दी कि पहले शिक्षा पूरी करें, करियर बनाएं और आत्मनिर्भर बनें, उसके बाद ही विवाह के बारे में सोचें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जल्दबाजी में लिए गए गलत निर्णय भविष्य के लिए भारी साबित हो सकते हैं।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उपयोगिता पर सवाल

कार्यक्रम के दौरान आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हो रहे बुनियादी ढांचों के निर्माण पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य सिर्फ देखने में अच्छे नहीं, बल्कि उपयोग में आसान भी होने चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी के नल और शौचालय इतनी ऊंचाई पर बनाए जा रहे हैं कि वहां के छोटे बच्चे उन तक पहुंच ही नहीं पाते। इसके अलावा, कमरों में लाइट के स्विच बोर्ड गलत स्थानों पर लगे होते हैं। उन्होंने विवि प्रशासन को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी उपयोगिता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, उन्होंने छात्रावासों में आधुनिक रसोइयों और आरओ वॉटर प्लांट की स्थापना सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया है।

सवाल-जवाब

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लव मैरिज के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह लव मैरिज की विरोधी नहीं हैं, लेकिन युवाओं को शादी का फैसला लेने से पहले आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से स्थिर होना चाहिए।
युवाओं के घर से भागने के बाद क्या समस्याएं आती हैं?
राज्यपाल के अनुसार, इसके बाद गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सामाजिक स्वीकार्यता नहीं मिलती, जिसके कारण बच्चों को बालगृहों में भेजा जाता है।
क्या राज्यपाल ने अपने बेटे का कोई उदाहरण दिया?
हां, उन्होंने बताया कि जब उनका बेटा बेंगलुरु पढ़ने गया था, तो उन्होंने उससे कहा था कि अगर उसे कोई पसंद आए तो वह उन्हें बताए, ताकि वे शादी करा सकें।
निर्माण कार्यों को लेकर राज्यपाल ने क्या निर्देश दिए?
उन्होंने निर्देश दिए कि हॉस्टल और आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्माण के दौरान गुणवत्ता और बच्चों के लिए उपयोगिता का ध्यान रखा जाए, जैसे पानी के नलों की सही ऊंचाई।
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