उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली अक्सर चर्चा का केंद्र बनी रहती है, लेकिन एटा जिले से सामने आई एक घटना ने खाकी की छवि पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस का खौफ इस कदर हावी हो गया कि एक व्यवसायी को अपनी चलती-फिरती दुकान पर ताला लगाने के लिए विवश होना पड़ा। दुकानदार ने केवल अपनी दुकान बंद नहीं की, बल्कि अपने शटर पर एक पोस्टर चस्पा कर पुलिस की ज्यादतियों को सार्वजनिक कर दिया, जिससे स्थानीय प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।
सस्ते क्वार्टर के बदले महंगी वसूली का आरोप
यह पूरा वाकया एटा के जैथरा थाना क्षेत्र का है। वहां स्थित देसी शराब की दुकान के मालिक भूप सिंह ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भूप सिंह का दावा है कि पिछले चार से पांच दिनों से जैथरा पुलिस के कुछ जवान उनकी दुकान के आसपास घेराबंदी कर रहे हैं। जैसे ही कोई मजदूर या आम ग्राहक वहां शराब लेने पहुंचता है, पुलिसकर्मी उसे तुरंत पकड़ लेते हैं। उन्होंने बताया कि अस्सी रुपये की शराब खरीदने वाले गरीब व्यक्ति से पुलिस एक हजार से लेकर दो हजार रुपये तक वसूल रही है। ग्राहकों में फैले इस डर के कारण उनकी दुकान पर आना कम हो गया, जिसके चलते उन्होंने विरोध जताने के लिए दुकान का शटर गिरा दिया और उस पर पुलिस उत्पीड़न की जानकारी देने वाला पोस्टर लगा दिया।
प्रशासन की सक्रियता और जांच की पहल
दुकानदार द्वारा पोस्टर लगाने और उस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के अधिकारियों में हलचल मच गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने उच्च पुलिस प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और दुकानदार को निर्देश देकर महज दस मिनट के भीतर ही दुकान दोबारा खुलवा दी। यह घटना पुलिस और आबकारी विभाग के बीच सामंजस्य की कमी और धरातल पर हो रही कथित अवैध वसूली की ओर इशारा करती है।
पुलिस का पक्ष और विभागीय जांच का वादा
इस पूरे प्रकरण पर अलीगंज के क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार ने स्पष्टीकरण दिया है। उनका कहना है कि पुलिस का 'कार बार ऑपरेशन' सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वालों के खिलाफ चलाया जा रहा है, न कि शराब की दुकान के ग्राहकों को परेशान करने के लिए। राजेश कुमार ने दावा किया कि पुलिस केवल उन लोगों को पकड़ रही थी जो खुले में शराब का सेवन कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि पुलिस की ओर से कोई भी कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है या किसी ग्राहक से अनुचित तरीके से वसूली की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन अब मामले की गहराई से जांच का भरोसा दे रहा है ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके।











