उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिला स्थित नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत बदनोली गांव में सुबह के समय माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया जब दो विरोधी समूहों के बीच हिंसक झड़प छिड़ गई। रास्ते से बच्चों के निकलने को लेकर शुरू हुई मामूली बहस ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें दोनों ओर से लाठी-डंडे चले, पत्थरों की बारिश हुई और अवैध असलहों से गोलियां दागी गईं। अचानक हुई इस हिंसक वारदात से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
जिम की कहासुनी से उपजी दो साल पुरानी दुश्मनी बनी वजह
इस रक्तरंजित घटना की जड़ें करीब दो वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक जिम के भीतर नवयुवकों के बीच हुई बहस के बाद से ही दोनों पक्षों में इलाके में दबदबा बनाने को लेकर तनातनी चली आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों का दावा है कि पूर्व ग्राम प्रधान अमरपाल के बेटों और उनके अन्य सहयोगियों ने रास्ते में रोककर पहले गाली-गलौज की और फिर तमंचों से ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में भी खुले आम ईंट-पत्थर फेंके जाने और गोलियां चलाए जाने के दृश्य नजर आ रहे हैं।
गोलीबारी व पथराव में महिला समेत 3 गंभीर रूप से घायल
अवैध हथियारों से की गई इस अंधाधुंध गोलीबारी और पथराव में एक महिला मुनेश के अलावा गोलू और बंटी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घटना के फौरन बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वारदात के बाद गांव की गलियों में चारों तरफ ईंट-पत्थर बिखरे पड़े थे और पुलिस को जांच के दौरान कारतूस के खाली खोके भी मिले हैं। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल गांव पहुंचा और स्थिति पर काबू पाया। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेज दिया।
चार मुख्य आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, वीडियो से हो रही शिनाख्त
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए हापुड़ के पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने खुद मौके का मुआयना किया और मामले की कमान संभाली। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि नौजवानों के बीच रास्ते पर आवाजाही, आपसी टसल और सोशल मीडिया पर पुरानी खींचतान के कारण यह टकराव हुआ। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो फुटेज की मदद से अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात है।





















