महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में स्थित ऐतिहासिक नलदुर्ग किले के परिसर से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। किले के प्रसिद्ध उपली बुर्ज से एक महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ नीचे गिर गई। लगभग 80 फीट की ऊंचाई से गिरे इन चारों लोगों में से महिला और उसके दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज अस्पताल में जारी है। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला।
घटना का विवरण और हताहतों की स्थिति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला की पहचान अश्विनी मनोहर पाल के रूप में हुई है। वह वंतल गांव में स्थित अपने मायके यानी माता-पिता के घर पर रह रही थी। वह अपने साढ़े पांच साल के बेटे अजिंक्य और ढाई साल की जुड़वां बेटियों वीरा तथा क्रांति के साथ नलदुर्ग किला घूमने के लिए आई हुई थी। भ्रमण के दौरान जब वे किले के सबसे ऊंचे हिस्से उपली बुर्ज के पास पहुंचे, तो चारों अचानक 80 फीट की ऊंचाई से नीचे आ गिरे।
इस भीषण हादसे में अश्विनी और उनके बेटे अजिंक्य की मौके पर ही सांसे थम गईं। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों और पुलिस कर्मियों की मदद से घायल जुड़वां बच्चियों वीरा और क्रांति को इलाज के लिए धाराशिव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों के भरसक प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान क्रांति की भी मृत्यु हो गई। दूसरी जुड़वां बच्ची वीरा की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज डॉक्टरों की देखरेख में जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों ने मामले के संदर्भ में आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल नलदुर्ग पुलिस स्टेशन में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
मामले में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी ने बताया कि मृतका अश्विनी पूर्व में महाराष्ट्र सुरक्षा बल नाम की सरकारी सुरक्षा एजेंसी में कार्यरत थी। उन्होंने लगभग 4 से 5 महीने पहले ही अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। अधिकारी के अनुसार, अश्विनी और उनके दो बच्चों का अंतिम संस्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाएगा, जिसके उपरांत घटना के मूल कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ आगे बढ़ाई जाएगी।
नलदुर्ग किले का विशाल ढांचा
धाराशिव में स्थित नलदुर्ग किला अपने ऐतिहासिक महत्व और अनोखी बनावट के लिए जाना जाता है। यह पूरा किला परिसर करीब 105 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला हुआ है। इस किले के चारों तरफ सुरक्षा के दृष्टिकोण से 100 से भी अधिक बुर्ज बनाए गए थे। जिस उपली बुर्ज से यह हादसा हुआ, वह किले का सबसे ऊंचा बुर्ज माना जाता है, जिसकी धरातल से ऊंचाई लगभग 80 फीट है। अत्यधिक ऊंचाई होने के कारण यहां से गिरकर बचना बेहद कठिन होता है।
महाराष्ट्र में ऊंचाई से गिरने का पिछला मामला
राज्य में ऊंचाई से गिरकर जान गंवाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले छत्रपति संभाजीनगर क्षेत्र से भी पहाड़ी से गिरकर तीन लोगों की मौत का एक बहुचर्चित मामला सामने आया था। उस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें एक युवक पहाड़ी के बिल्कुल किनारे पर खड़ा दिखाई दे रहा था। जब उसके पिता उसे बचाने या पकड़ने के लिए किनारे की ओर बढ़े, तो पैर फिसलने की वजह से युवक खाई में गिर गया और हाथ पकड़े होने के कारण पिता भी उसके साथ नीचे जा गिरा। इस दर्दनाक दृश्य को देखने के बाद युवक की मां ने भी खाई में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। हालांकि, उस समय यह आशंका भी जताई गई थी कि युवक आईफोन खरीदने की जिद को लेकर पहाड़ी पर गया था, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।



















