उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में एक विवाह समारोह के दौरान उस समय बेहद अप्रत्याशित और नाटकीय स्थिति उत्पन्न हो गई, जब शादी की रस्मों के बीच पहली पत्नी ने अचानक पुलिस बल के साथ शादी के मंडप में दस्तक दे दी। श्यामनगर के एक स्थानीय मैरिज गार्डन में चल रहा खुशी का माहौल देखते ही देखते भारी हंगामे और तनाव में बदल गया। यहां एक इंटीरियर कारोबारी चोरी-छिपे अपनी दूसरी शादी रचाने की तैयारी कर रहा था, जिसकी भनक उसकी पहली पत्नी को लग गई। पहली पत्नी अपनी बहन और स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ सीधे समारोह स्थल पर पहुंची और सबके सामने पति के इस कृत्य का विरोध किया। उसने आरोप लगाया कि उनके बीच अभी तक कानूनी तौर पर तलाक नहीं हुआ है, जिसके कारण यह दूसरा विवाह पूरी तरह से गैर-कानूनी है। इस खुलासे के बाद शादी में आए मेहमानों, वधू पक्ष के लोगों और खुद दूल्हे के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूल्हे को विवाह स्थल से ही हिरासत में ले लिया।
मैरिज लॉन में अचानक मचा भारी उपद्रव और हंगामा
यह चौंकाने वाली घटना २४ जुलाई को कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्यामनगर स्थित एक मैरिज लॉन में सामने आई। जूही लाल कॉलोनी, दक्षिण कानपुर के रहने वाले एक इंटीरियर कारोबारी के दूसरे विवाह के लिए इस भव्य समारोह का आयोजन किया गया था। वर और वधू दोनों ही पक्षों के रिश्तेदार तथा मेहमान शादी की खुशियों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में वहां पहुंचे थे। चारों तरफ उत्सव का माहौल था और विवाह की मुख्य रस्में पूरी की जा रही थीं। इसी बीच दूल्हे की पहली पत्नी अपनी बहन के साथ अचानक मैरिज लॉन के भीतर आ धमकी। उसने विवाह स्थल पर कदम रखते ही खुद को दूल्हे की कानूनी तौर पर विवाहित पत्नी घोषित कर दिया और इस निकाह का तीखा विरोध शुरू कर दिया। उसने वहां मौजूद लड़की वालों और मेहमानों को चिल्लाकर बताया कि उसका पति उन्हें धोखे में रखकर यह दूसरी शादी कर रहा है, जबकि कानूनन वे अभी भी पति-पत्नी हैं। इस अचानक हुए खुलासे के बाद मैरिज गार्डन में करीब एक घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा और उत्सव का पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया।
विवाह का इतिहास और अदालत में लंबित कानूनी विवाद
चमनगंज इलाके की रहने वाली पीड़िता ने चकेरी पुलिस को दिए अपने बयान में अपने वैवाहिक जीवन के इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। महिला ने बताया कि उसका विवाह साल २०२२ में दक्षिण कानपुर के जूही लाल कॉलोनी के निवासी इंटीरियर कारोबारी के साथ हुआ था। विवाह संपन्न होने के बाद साल २०२४ में उसकी औपचारिक विदाई हुई थी और वह अपने ससुराल आई थी। लेकिन ससुराल आने के कुछ ही समय बाद दोनों के बीच आपसी विवाद और घरेलू कलह शुरू हो गई। समय के साथ यह अनबन इतनी बढ़ गई कि मामला सुलझने के बजाय सीधे न्यायालय तक पहुंच गया। वर्तमान समय में दोनों के बीच तलाक और वैवाहिक विवाद का यह मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। पीड़ित महिला ने पुलिस के सामने यह तर्क दिया कि जब तक अदालत से कानूनी रूप से विवाह विच्छेद यानी तलाक की अंतिम डिक्री जारी नहीं हो जाती, तक तक किसी भी पक्ष को कानूनन दूसरा विवाह करने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बावजूद, उसके पति ने उसे बिना बताए अत्यंत गोपनीय तरीके से इस दूसरे निकाह की तैयारियां पूरी कर ली थीं।
पड़ोसी की एक कॉल से खुला पति की दूसरी शादी का राज
पीड़िता ने बताया कि उसे अपने पति की इस दूसरी शादी के बारे में पहले से कोई जानकारी या संदेह नहीं था। इस बड़े धोखे का पर्दाफाश तब हुआ जब शुक्रवार की रात को उसके पति के ही एक पड़ोसी ने उसे फोन करके पूरी बात बताई। पड़ोसी ने उसे सूचित किया कि श्यामनगर के एक मैरिज हॉल में उसके पति का दूसरा निकाह बड़ी धूमधाम से रचाया जा रहा है। यह सुनते ही पीड़िता स्तब्ध रह गई। उसने सच्चाई जानने और स्थिति स्पष्ट करने के लिए तुरंत अपने पति, ससुर और ससुराल के अन्य सदस्यों के मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने भी उसका फोन रिसीव नहीं किया। जब ससुराल पक्ष के किसी भी व्यक्ति ने उसका फोन नहीं उठाया, तो उसका संदेह गहरा गया। इसके बाद उसने बिना कोई समय गंवाए अपनी बहन को साथ लिया और सीधे श्यामनगर के मैरिज लॉन के लिए रवाना हो गई। वहां पहुंचकर जब उसने अपनी आंखों के सामने निकाह का मंडप सजा देखा और पति को दूल्हे के लिबास में पाया, तो उसके होश उड़ गए और उसने तुरंत इस अवैध विवाह का विरोध करना शुरू कर दिया।
नियमित रूप से व्हाट्सएप पर बात करने के बावजूद दिया धोखा
पीड़ित महिला ने पुलिस अधिकारियों और वहां उपस्थित मीडिया कर्मियों के सामने एक और अत्यंत हैरान करने वाला दावा किया। उसने बताया कि यद्यपि उनके बीच अदालत में मुकदमा चल रहा था, फिर भी उनका आपसी संपर्क पूरी तरह से टूटा नहीं था। महिला के अनुसार, वे दोनों लगभग रोजाना व्हाट्सएप के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे और चैट पर उनकी बातें होती थीं। इसके साथ ही, महीने में कई बार उनकी आपस में मुलाकातें भी होती थीं। इसी कारण उसे कभी भी यह अंदेशा नहीं हुआ कि उसका पति उसकी पीठ पीछे इतनी बड़ी साजिश रच रहा है और उसे धोखा देकर दूसरा घर बसाने की तैयारी कर रहा है। इस आकस्मिक धोखे और अविश्वास ने पीड़िता को अंदर से झकझोर कर रख दिया, जिसके बाद उसने शादी स्थल पर जाकर इस अवैध विवाह को रुकवाने का कड़ा निर्णय लिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और दूल्हे की हिरासत
मैरिज लॉन में मचे इस हंगामे और विवाद की सूचना मिलते ही चकेरी थाना पुलिस की एक टीम अतिरिक्त पुलिस बल के साथ तुरंत श्यामनगर स्थित घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया और मैरिज लॉन के भीतर व्यवस्था बहाल की। इसके बाद, कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पुलिस ने दूल्हे को विवाह स्थल से ही हिरासत में ले लिया और उसे चकेरी पुलिस चौकी ले आई। देर रात तक पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों के बीच इस मुद्दे पर गहन बातचीत चलती रही। इस पूरे मामले पर चकेरी के थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि पुलिस इस संवेदनशील मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों से लिखित रूप में अपनी शिकायतें सौंपने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, मोबाइल फोन के व्हाट्सएप चैट और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



















