उत्तर प्रदेश पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। दो अलग-अलग जिलों — गाजियाबाद और आजमगढ़ — में पुलिस का सामना संगीन अपराधों में वांछित बदमाशों से हुआ, और दोनों ही जगह जवाबी फायरिंग में आरोपी घायल होकर पुलिस की गिरफ्त में आ गए। एक तरफ अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले का 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश था, तो दूसरी तरफ 75 साल के एक बुजुर्ग की निर्मम हत्या का मुख्य आरोपी।
आजमगढ़: डेढ़ दशक पुरानी रंजिश का खूनी हिसाब
आजमगढ़ के शहर कोतवाली इलाके में पुलिस और हत्या के मुख्य आरोपी अभय के बीच आमना-सामना हुआ। रात की गश्त पर निकली पुलिस टीम जैसे ही उसके करीब पहुंची, बदमाश ने बिना देर किए गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अभय घायल हो गया और फिर उसे काबू कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक इस वारदात की जड़ें पुरानी हैं। अभय और पीड़ित परिवार के बीच बीते 15 वर्षों से दुश्मनी चली आ रही थी, और इसी रंजिश का बदला लेने के लिए उसने 75 वर्षीय एक वृद्ध का गला रेतकर बेरहमी से कत्ल कर दिया था।
गाजियाबाद: स्विफ्ट से भागते इनामी बदमाश के दोनों पैरों में गोली
दूसरी कार्रवाई गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी गौरव नागर को मुठभेड़ में दबोचा। जवाबी फायरिंग में बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वह अपहरण और हत्या के एक सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था।
पूरा घटनाक्रम 13 जून को शुरू हुआ, जब लोनी थाना पुलिस को मुखबिर के जरिये खबर मिली कि 30 मई को ग्राम गनौली निवासी ओमकार सिंह के अपहरण में वांछित गौरव नागर बंथला से चिरोड़ी की ओर आने वाला है। सूचना पुख्ता होते ही पुलिस ने बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर नहर के पास चेकिंग शुरू कर दी। तभी एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार उस रास्ते पर आती दिखी।
पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और भागने लगा। पीछा करने के दौरान कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा भिड़ी। इसके तुरंत बाद आरोपी कार से निकलकर पुलिस टीम पर गोलियां चलाते हुए भागने की कोशिश करने लगा। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल होते ही उसे पकड़कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
पूछताछ में कबूलनामा और बरामदगी
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम गौरव बताया। उसने स्वीकार किया कि अपने साथियों के साथ मिलकर उसी ने गाजियाबाद के ओमकार सिंह को अगवा किया था। इसके बाद ओमकार की हत्या कर दी गई और शव को मेरठ रोड पर गंगानगर इलाके में फेंक दिया गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक स्विफ्ट कार, 32 बोर की एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार गौरव नागर के खिलाफ एनसीआर क्षेत्र में करीब आधा दर्जन आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।













