चॉपिंग बोर्ड से नहीं जा रही बदबू? लकड़ी के इस किचन टूल को साफ करने के ये असरदार घरेलू नुस्खेमहाराष्ट्र सरकार कसने जा रही है कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा, एंटी कोचिंग बिल का ड्राफ्ट हुआ तैयारमलाड में शूटिंग के दौरान पकड़ा गया एक्टर रोहुल्लाह मेहदी, 5.60 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स मामले में पुलिस रिमांडबिहार के इस जिले में चमकी किसान की किस्मत, खेतों की मेड़ पर उगाई बेहतरीन मौसमीदेवेंद्र फडणवीस बोले— 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के वक्त मैं वहां मौजूद था, इस बात पर गर्व हैदिल्ली के आईटीओ चौक पर तेज रफ्तार कार ने डिवाइडर तोड़ा, कर्नाटक सरकार के वाहन से भिड़ीमुंबई में सिर्फ महादेव का नाम चलेगा, आई लव मोहम्मद पर मंत्री नितेश राणे का बड़ा बयानसावन के आखिरी सोमवार पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और व्रत के नियमयूपी में ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर योगी सरकार सख्त, रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का समय बढ़ायादौलत और शोहरत मिलने पर भी सादगी नहीं छोड़ते इन 3 मूलांक के लोग
उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड का होगा पुनर्गठन, गैर-मुस्लिम और महिलाओं को भी मिलेगी भागीदारीउत्तर प्रदेश
9 जुल॰ 2026, 6:56 pm (45 दिन पहले)· 1

उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड का होगा पुनर्गठन, गैर-मुस्लिम और महिलाओं को भी मिलेगी भागीदारी

मध्य प्रदेश की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश सरकार वक्फ बोर्ड में बदलाव करने जा रही है, जिसमें दो गैर-मुस्लिम सदस्यों और महिलाओं को शामिल किया जाएगा। इस निर्णय पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

मध्य प्रदेश के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार भी अपने वक्फ बोर्ड में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में राज्य में नए वक्फ बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसमें पहली बार दो गैर-मुस्लिम सदस्यों को जगह दी जाएगी। इसके अलावा, इस नए बोर्ड में दो मुस्लिम महिलाओं और पसमांदा मुसलमानों को भी प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सुन्नी वक्फ बोर्ड का ढांचा 11 सदस्यों का होगा, जिसमें एक चेयरमैन के साथ 10 सदस्य शामिल होंगे। प्रशासन का तर्क है कि बोर्ड में इस तरह के समावेशी बदलावों से कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।

उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्डों के कार्यकाल की बात करें तो सुन्नी वक्फ बोर्ड का कार्यकाल मार्च महीने में ही समाप्त हो चुका है, जबकि शिया वक्फ बोर्ड का कार्यकाल आगामी अक्टूबर में पूरा हो जाएगा। इन स्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य बना है जिसने अपने वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को नियुक्त किया है, और अब उत्तर प्रदेश उसी मॉडल को अपनाने की ओर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की बात करें तो राज्य में कुल 2,32,547 वक्फ संपत्तियां मौजूद हैं। इनमें से 2,17,161 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आती हैं, जबकि 15,386 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के अधीन हैं। इसके अलावा उम्मीद पोर्टल पर अब तक 92,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का विवरण दर्ज किया जा चुका है।

ये भी पढ़ें

समाजवादी पार्टी ने जताई असहमति

इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में विरोध भी शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस विषय को राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के आरोपों से जोड़ते हुए दावा किया है कि सरकार की असल मंशा वक्फ की जमीनों पर कब्जा करने की है। रविदास मेहरोत्रा ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जो लोग राम मंदिर ट्रस्ट में मौजूद हैं और जिन पर चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप हैं, वे वक्फ बोर्ड में निष्पक्ष काम कैसे कर सकते हैं। उनका आरोप है कि गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना केवल जमीन हड़पने का एक जरिया है।

मध्यप्रदेश मॉडल पर कानूनी चुनौती की तैयारी

मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन और वहां गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचने की संभावना है। कांग्रेस नेताओं ने इस कदम को पूरी तरह अनुचित बताया है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का कहना है कि वक्फ अधिनियम से संबंधित मामला पहले से ही उच्चतम न्यायालय में लंबित है, जिस पर अंतिम निर्णय आना शेष है। आरिफ मसूद का तर्क है कि जब तक शीर्ष अदालत कोई अंतिम फैसला नहीं सुना देती, तब तक इस प्रकार की नियुक्तियां करना उचित नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार का यह निर्णय कानूनी रूप से कई गंभीर सवाल खड़े करता है, और इस पूरे मामले को लेकर वे सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे ताकि बोर्ड के गठन और नियुक्तियों को चुनौती दी जा सके।

सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड में कितने सदस्य होंगे?
सुन्नी वक्फ बोर्ड में कुल 11 सदस्य होंगे, जिसमें एक चेयरमैन और दस अन्य सदस्य शामिल होंगे।
नए बोर्ड में कौन से नए सदस्य शामिल किए जाएंगे?
नए बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्य, दो मुस्लिम महिलाएं और पसमांदा मुसलमान शामिल किए जाएंगे।
वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन करने वाले पोर्टल का क्या नाम है?
वक्फ संपत्तियों को दर्ज करने के लिए उम्मीद पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है।
वक्फ बोर्ड पुनर्गठन को लेकर विरोध क्यों हो रहा है?
समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि सरकार वक्फ की जमीनों पर कब्जा करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR