घर की बालकनी एक ऐसा शांत कोना होता है जहां बैठकर सुबह की ताजी धूप का आनंद लिया जाता है और शाम को ठंडी हवा के बीच सुकून के पल बिताए जाते हैं। वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार घर का यह हिस्सा बाहरी दुनिया और भीतर के वातावरण को जोड़ता है, इसलिए यहां से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सीधा घर के भीतर होता है। यही वजह है कि बालकनी से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करना हर किसी के लिए बेहद जरूरी माना जाता है ताकि घर का माहौल हमेशा खुशनुमा और सकारात्मक बना रहे। कई बार लोग अनजाने में बालकनी में ऐसी चीजें रख देते हैं जो वास्तु दोष का कारण बन जाती हैं और फिर पूरे परिवार को इसके नकारात्मक परिणामों का सामना करना पड़ता है। अगर आपके घर की बालकनी में भी ऐसी कोई वस्तु मौजूद है, तो समय रहते उसे वहां से हटा देना ही समझदारी होगी ताकि जीवन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
बालकनी में कांटेदार पौधे रखने से क्यों करना चाहिए परहेज
अक्सर लोग अपने घर की बालकनी को हरा-भरा और सुंदर दिखाने के लिए कैक्टस या अन्य कांटेदार पौधे सजा देते हैं। वास्तु नियमों के लिहाज से देखा जाए तो घर की ऊर्जा के लिए बालकनी में कांटेदार पौधों को रखना बिल्कुल भी उचित नहीं माना गया है। इस तरह के पौधे घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं जिससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी मनमुटाव और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा कांटेदार पौधों की वजह से आर्थिक नुकसान का सामना भी करना पड़ सकता है और बरकत रुक जाती है। इसलिए कभी भी भूलकर ऐसे पौधों को बालकनी में स्थान न दें और इसके बजाय तुलसी या मनी प्लांट जैसे शुभ पौधों को वहां लगाएं जो सकारात्मकता लाते हैं।
जूते-चप्पल और शू-रैक रखने से क्या होती है परेशानी
बहुत से घरों में जगह की कमी या सुविधा के कारण बालकनी में ही शू-रैक या पुराने जूते-चप्पल रख दिए जाते हैं। वास्तु के दृष्टिकोण से ऐसा करना बहुत गलत माना गया है क्योंकि इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश घर के मुख्य हिस्सों में रुक जाता है। इसके अलावा बालकनी में जूते-चप्पल बिखरे रहने से देवी-देवता भी नाराज हो सकते हैं जिसका बुरा असर घर की सुख-शांति पर पड़ता है। इस छोटी सी गलती की वजह से इंसान के करियर में अचानक रुकावटें आने लगती हैं और तरक्की के रास्ते बंद होने लगते हैं। साथ ही ऐसा करने से कुंडली में शनि और राहु-केतु का अशुभ प्रभाव भी तेजी से बढ़ने लगता है जो जीवन में ढेरों परेशानियां खड़ी कर सकता है।
टूटी-फूटी चीजें और कचरा जमा करने की आदत
तमाम लोगों की यह आदत होती है कि वे घर का कबाड़, खराब सामान या टूटी-फूटी बेकार चीजें बालकनी के किसी कोने में इकट्ठा करते रहते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार बालकनी में इस तरह का सामान रखना राहु के भयंकर प्रकोप को न्यौता देने जैसा साबित होता है। इसकी वजह से इंसान के बने-बनाए काम अचानक बिगड़ने लगते हैं और व्यक्ति को मानसिक रूप से भारी तनाव और बेचैनी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह बालकनी में कचरा या गंदगी बिल्कुल भी जमा नहीं होने देनी चाहिए और यदि ऐसा कोई सामान वहां रखा है तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए ताकि घर का वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहे।
भारी फर्नीचर और गलत दिशा का चुनाव
बालकनी में बहुत ज्यादा भारी फर्नीचर जैसे बड़ा सोफा, भारी टेबल या अन्य वजनी सामान रखने से भी हमेशा बचना चाहिए। विशेष तौर पर बालकनी की उत्तर और पूर्व दिशा में तो भारी फर्नीचर भूलकर भी नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह वास्तु नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। इन दिशाओं में भारी सामान होने से धन से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और आवक प्रभावित होती है। बालकनी से जुड़े इन जरूरी नियमों के साथ-साथ अगर आप घर के बाकी हिस्सों के लिए भी जानना चाहते हैं कि किन नियमों का पालन करने से सुख-समृद्धि प्राप्त हो सकती है, तो आप इस विषय पर हमारी वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।


















