पश्चिम बंगाल सरकार में लोक निर्माण विभाग और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है। सोमवार को उनके मोबाइल नंबर 9434238684 से जुड़े खाते पर साइबर ठगों ने कब्जा जमा लिया और अब उसी नंबर से मंत्री के परिचितों तथा संपर्क सूची में मौजूद लोगों को फर्जी संदेश भेजकर पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है।
कैसे फंसाया जा रहा लोगों को जाल में
हैक किए गए खाते से भेजे जा रहे संदेश में ठग खुद को मंत्री बताकर लिख रहे हैं, मुझे कुछ अमाउंट की अर्जेंट जरूरत है। मेरा UPI काम नहीं कर रहा है। सुबह तक वापस कर दूंगा, हो पाएगा? भरोसा दिलाने के बाद ठग सीधे 35 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं और भुगतान आसान बनाने के लिए एक QR कोड यानी स्कैनर भी भेज रहे हैं, ताकि लोग बिना ज्यादा सोचे तुरंत ऑनलाइन पेमेंट कर दें। चूंकि संदेश मंत्री के असली नंबर से आ रहा है, इसलिए कई लोग शुरुआत में इसे सच मान भी सकते हैं, यही वजह है कि यह ठगी सामान्य अनजान नंबर वाली ठगी से ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है।
व्यस्त कार्यक्रमों के बीच सामने आई घटना
यह मामला ऐसे वक्त सामने आया जब डॉ. अजय कुमार पोद्दार कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती से जुड़े विभिन्न आयोजनों के साथ साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से संबंधित कार्यक्रमों में व्यस्त थे। मंत्री की इसी व्यस्तता के दौरान उनका फोन नंबर हैकरों के निशाने पर आया, जिससे अकाउंट पर नियंत्रण खोने की यह घटना और भी संदिग्ध हालात में हुई मानी जा रही है।
मंत्री के नंबर के दुरुपयोग से बढ़ी चिंता
मंत्री अजय कुमार पोद्दार के नाम और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर की जा रही इस ठगी ने न सिर्फ मंत्री बल्कि उनसे जुड़े परिचितों और आम लोगों में भी डर और असमंजस पैदा कर दिया है। जिन लोगों को यह संदेश मिल रहा है, वे यह तय नहीं कर पा रहे कि असली मंत्री की तरफ से मदद मांगी जा रही है या यह किसी ठग की चाल है, और यही अनिश्चितता साइबर अपराधियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
बेटे केशव पोद्दार की चेतावनी और अपील
मामला बढ़ता देख मंत्री के बेटे और भाजपा नेता केशव पोद्दार ने सोशल मीडिया पर आगे आकर स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि उनके पिता का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और इसी वजह से उनके नंबर से पैसे मांगे जाने वाले संदेश भेजे जा रहे हैं। केशव पोद्दार ने सभी लोगों से अनुरोध किया कि अगर मंत्री के नंबर से किसी तरह का संदेश आए या पैसे की मांग हो तो उस पर भरोसा बिल्कुल न करें और किसी भी सूरत में भुगतान न करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई पहले ही शुरू करवा दी गई है।
साइबर सुरक्षा को लेकर एक और चेतावनी
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि साइबर अपराधियों का नेटवर्क कितनी तेजी से किसी के भी व्हाट्सएप खाते को निशाना बना सकता है, चाहे वह आम नागरिक हो या कोई मंत्री। इस तरह के मामलों में लगातार यह सलाह दी जाती रही है कि अनजान या संदिग्ध संदेश पर भरोसा करने से पहले फोन करके पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए, खासकर तब जब बात पैसों के लेनदेन या UPI भुगतान से जुड़ी हो।











