पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटें हाल में तृणमूल कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। अब चुनाव आयोग ने इन तीनों सीटों पर उपचुनाव कराने के लिए पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसमें नोमिनेशन से लेकर वोटिंग और नतीजों तक हर तारीख साफ बता दी गई है।
किन नेताओं के इस्तीफे से बनी यह नौबत
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखेन्दु शेखर रॉय ने 8 जून 2026 को राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके दो दिन बाद यानी 10 जून 2026 को पार्टी की एक और वरिष्ठ नेता सुष्मिता देव ने भी अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया। वहीं तीसरे नेता प्रकाश चिक बड़ाईक ने सुष्मिता देव के इस्तीफे के अगले ही दिन, यानी 11 जून 2026 को अपनी सदस्यता छोड़ दी। तीनों नेताओं के लगातार इस्तीफों की वजह से महज तीन दिन के भीतर पश्चिम बंगाल कोटे की तीन राज्यसभा सीटें खाली हो गईं। खास बात यह है कि इन तीनों सीटों का मूल कार्यकाल अभी काफी बाकी था, यह सीटें 2029 और 2030 तक के लिए तय थीं, ऐसे में इन्हें खाली नहीं छोड़ा जा सकता था और उपचुनाव कराना जरूरी हो गया।
नोमिनेशन से वोटिंग तक, जानें पूरी टाइमलाइन
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इन तीनों सीटों के लिए उपचुनाव की अधिसूचना यानी नोटिफिकेशन 7 जुलाई 2026 को जारी होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए 14 जुलाई 2026 तक का समय मिलेगा। नामांकन पत्रों की जांच अगले ही दिन, 15 जुलाई 2026 को की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी उम्मीदवार तय नियमों पर खरे उतरते हैं या नहीं। जो उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटना चाहते हैं, उनके लिए नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 17 जुलाई 2026 रखी गई है। इसके बाद असली मुकाबला 24 जुलाई 2026 को होगा, जब सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। वोटिंग खत्म होते ही उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू हो जाएगी, यानी नतीजे भी उसी दिन, 24 जुलाई को ही सामने आ जाएंगे। इस तरह पूरी चुनावी प्रक्रिया महज करीब तीन हफ्तों में सिमट कर पूरी हो जाएगी।
वोटिंग के लिए इस्तेमाल होगा खास पेन, आयोग की सख्त हिदायत
चुनाव आयोग ने वोटिंग को लेकर एक अहम निर्देश भी जारी किया है। आयोग के मुताबिक बैलेट पेपर पर अपनी पसंद जाहिर करने के लिए विधायकों को रिटर्निंग ऑफिसर की तरफ से दिया गया खास बैंगनी रंग का इंटीग्रेटेड स्केच पेन ही इस्तेमाल करना होगा। यह पेन पहले से तय स्पेसिफिकेशन के हिसाब से बनाया गया है। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में इस उपचुनाव में किसी दूसरे पेन का इस्तेमाल मंजूर नहीं होगा। ऐसा नियम राज्यसभा चुनावों में वोटिंग की पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के मकसद से बनाया जाता है।
हर खाली सीट के लिए अलग नोटिफिकेशन क्यों
चुनाव आयोग की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में एक और अहम बात बताई गई है। इसमें कहा गया है कि राज्यसभा समेत संसद और विधानसभाओं के किसी भी सदन में उपचुनाव वाली हर खाली सीट को अलग-अलग खाली जगह माना जाता है। इसका मतलब है कि हर सीट के लिए अलग नोटिफिकेशन जारी होता है और हर सीट पर तकनीकी तौर पर अलग चुनाव कराया जाता है, भले ही तीनों सीटों के लिए तारीखें और पूरा कार्यक्रम एक जैसा ही क्यों न हो। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल की इन तीनों सीटों पर एक साथ, एक ही शेड्यूल के तहत उपचुनाव हो रहे हैं, लेकिन कागजी तौर पर हर सीट का चुनाव अपने आप में स्वतंत्र माना जाएगा।











