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60 साल पुराना बर्नपुर का सिनेमाघर ढहा, यादों में सिमटा एक जमानापश्चिम बंगाल
6 जुल॰ 2026, 12:21 pm (45 दिन पहले)· 2

60 साल पुराना बर्नपुर का सिनेमाघर ढहा, यादों में सिमटा एक जमाना

बर्दवान जिले के बर्नपुर में सेल-आईएसपी के अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत करीब 60 साल पुराने बर्नपुर सिनेमा हॉल को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों खासकर बुजुर्गों में भावुक कर देने वाली प्रतिक्रिया देखी गई।

बर्नपुर के लोगों ने रविवार को अपनी आंखों के सामने एक जीता-जागता इतिहास मलबे में बदलते देखा। बर्दवान जिले के बर्नपुर इलाके में करीब 60 साल पुराने सिनेमाघर पर बुलडोजर चला और कुछ ही घंटों में पूरी इमारत जमींदोज हो गई। यह कार्रवाई सेल-आईएसपी यानी इस्को स्टील प्लांट की उस मुहिम का हिस्सा थी, जिसके तहत कंपनी अपनी जमीन से अवैध कब्जे लगातार हटा रही है। बर्नपुर सिनेमा हॉल के नाम से मशहूर यह इमारत दशकों तक इलाके की पहचान रही, और इसके गिरने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

दशकों पुरानी यादें और भावुक पल

सिनेमा हॉल को टूटता देख स्थानीय लोगों के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। इलाके के बुजुर्गों के लिए यह इमारत सिर्फ ईंट-गारे का ढांचा नहीं, बल्कि जवानी के दिनों की यादों का खजाना थी। कई बुजुर्ग निवासियों ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के साथ इसी हॉल में उस दौर की मशहूर फिल्में देखी थीं। लंबे समय से यह सिनेमा हॉल बंद पड़ा था, लेकिन अपने दौर में यह इलाके के मनोरंजन का सबसे बड़ा ठिकाना हुआ करता था। यही वजह है कि हॉल के गिरते ही पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं और लोगों में भावनात्मक कसक साफ देखने को मिली। कुछ बुजुर्गों ने तो यह भी कहा कि इस हॉल की दीवारों के साथ उनकी जवानी के सबसे खूबसूरत लम्हे जुड़े हुए थे, और उसे इस तरह गिरता देखना किसी अपने को खोने जैसा अनुभव था।

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क्यों चला बुलडोजर

दरअसल राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से सेल-आईएसपी अपनी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। इस मुहिम के तहत पहले भी कई राजनीतिक दलों के कार्यालय, क्लब और दूसरे ढांचे तोड़े जा चुके हैं। जानकारी के अनुसार बर्नपुर सिनेमा हॉल भी सेल-आईएसपी की ही जमीन पर बना हुआ था, इसलिए प्रशासन ने इसे भी अतिक्रमण की सूची में रखकर ध्वस्त करने का फैसला लिया। स्थानीय प्रशासन और कंपनी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से जमीन को कब्जा मुक्त कराने की योजना का हिस्सा है, न कि किसी खास इमारत को निशाना बनाने का मामला।

संरक्षण की मांग उठी, कंपनी अब भी चुप

हालांकि स्थानीय लोगों के एक तबके का कहना है कि इतनी पुरानी इमारत को पूरी तरह गिराने के बजाय इसे बचाया जा सकता था। उनका सुझाव है कि इस हॉल को सामुदायिक भवन या किसी और जनहित के काम में बदला जा सकता था, जिससे इमारत भी बच जाती और स्थानीय लोगों को इसका फायदा भी मिलता। इन लोगों के मुताबिक यह सिनेमा हॉल सिर्फ मनोरंजन की जगह नहीं था, बल्कि बर्नपुर और आसपास के इलाकों की सामूहिक यादों और विरासत का हिस्सा भी था। इसके बावजूद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इसे गिराने का ही रास्ता चुना। फिलहाल इस पूरे मामले पर सेल-आईएसपी यानी इस्को स्टील प्लांट की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसके चलते स्थानीय लोगों में असमंजस और नाराजगी दोनों बनी हुई है।

सवाल-जवाब

बर्नपुर सिनेमा हॉल कब गिराया गया?
रविवार को बुलडोजर चलाकर इसे ध्वस्त कर दिया गया।
यह सिनेमा हॉल कितना पुराना था?
यह करीब 60 साल पुराना सिनेमाघर था।
सिनेमा हॉल को किसने और क्यों गिराया?
सेल-आईएसपी यानी इस्को स्टील प्लांट ने अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत इसे गिराया, क्योंकि यह हॉल कंपनी की जमीन पर बना था।
क्या इस अभियान में पहले भी कोई ढांचे तोड़े गए हैं?
हां, इसी अभियान के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालय, क्लब और अन्य निर्माण पहले भी गिराए जा चुके हैं।
स्थानीय लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
लोगों में भारी मायूसी और भावनात्मक पीड़ा देखी गई, कई बुजुर्गों ने हॉल से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं।
क्या सेल-आईएसपी ने कोई आधिकारिक बयान दिया?
नहीं, अभी तक कंपनी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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