बुर्किना फासो में कानूनी और सामाजिक व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं. देश की अंतरिम संसद ने हाल ही में एक नए आपराधिक कानून को अपनी मंजूरी दे दी है. इस नए प्रावधान के तहत आतंकवाद, देशद्रोह और जासूसी जैसे बेहद गंभीर मामलों में मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है. इससे पहले अफ्रीकी देश में लंबे समय से मृत्युदंड दिए जाने पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी.
ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर लगी रोक
अपराध कानूनों में बदलाव के साथ ही सांस्कृतिक मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं. देश के संचार, संस्कृति, कला और पर्यटन मंत्रालय ने राष्ट्र स्तर पर आयोजित होने वाले सभी स्थानीय और राष्ट्रीय ब्यूटी कॉन्टेस्ट के आयोजन पर रोक लगा दी है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं देश की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक मूल्यों और मानवीय गरिमा के साथ मेल खानी चाहिए. जब तक प्रशासन की ओर से इन आयोजनों के लिए नए और स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार नहीं किए जाते, तब तक किसी भी नए ब्यूटी पेजेंट को मंजूरी नहीं दी जाएगी.
शिक्षा और विज्ञान को बढ़ावा
ब्यूटी पेजेंट प्रतियोगिताओं पर रोक लगाए जाने के समानांतर सरकार ने महिलाओं को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विशेष पहल शुरू की है. इसी कड़ी में सरकार ने 'हाकिली मूसो' नाम से एक नई राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता की शुरुआत की है. इस मंच के जरिए गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के क्षेत्रों में युवा महिलाओं की प्रतिभा को सामने लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि वे देश के विकास में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकें.
तख्तापलट के बाद से बदलावों का दौर
सितंबर 2022 में हुए तख्तापलट के बाद सत्ता की कमान संभालने वाले कैप्टन इब्राहिम ट्राओरे के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में बुर्किना फासो लगातार अपने कानूनी और सामाजिक ढांचे में बड़े फेरबदल कर रहा है. हालांकि, मानवाधिकार संगठनों की ओर से मृत्युदंड की दोबारा शुरुआत को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है, लेकिन सरकार अपने फैसलों पर अडिग नजर आ रही है.
संसद में सर्वसम्मति से मुहर
इस नए और कड़े कानून के पक्ष में संसद में मौजूद सभी 71 सांसदों ने एकमत होकर मतदान किया. इस निर्णय के साथ ही साल 2018 में मौत की सजा को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए उठाए गए ऐतिहासिक कदम को आधिकारिक रूप से पलट दिया गया है. ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो बुर्किना फासो में आखिरी बार किसी अपराधी को फांसी दिए जाने का मामला साल 1988 का है, जिसके बाद से देश में मृत्युदंड पर अमूमन विराम लगा हुआ था.
सुरक्षा और संस्कृति को मजबूत करने की दलील
सरकार की ओर से उठाए गए इन तमाम कदमों को देश की राष्ट्रीय संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक मूल्यों और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है. बुर्किना फासो के न्याय मंत्री एडासो रोड्रिग बयाला ने इन फैसलों का बचाव करते हुए साफ तौर पर कहा कि देश को आतंकवाद के खतरे से प्रभावी ढंग से निपटने और राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ऐसे सख्त दंड विधानों की सख्त जरूरत है.



















