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ब्रिटेन के खेत में अवैध खुदाई से निकला लौह युग के 933 सोने के सिक्कों का विशाल खजानादुनिया
20 सित॰ 2026, 2:19 pm (41 मिनट पहले)· 0

ब्रिटेन के खेत में अवैध खुदाई से निकला लौह युग के 933 सोने के सिक्कों का विशाल खजाना

ब्रिटेन के एसेक्स में बिना अनुमति मेटल डिटेक्टर से की गई तलाश के दौरान करीब 2000 साल पुराने 933 सोने के दुर्लभ सिक्के मिले हैं, जिनका संबंध जूलियस सीजर के आक्रमण काल से जोड़ा जा रहा है.

ब्रिटेन के एसेक्स स्थित ग्रेट बैडो इलाके में जमीन के नीचे दबा एक अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक खजाना अचानक सामने आ गया. एक व्यक्ति बिना अनुमति के एक निजी खेत में मेटल डिटेक्टर लेकर पहुंच गया था. तलाश के दौरान जमीन के भीतर दबे 933 सोने के प्राचीन सिक्के बरामद हुए, जिसने पुरातत्वविदों को हैरत में डाल दिया है. इतिहास के पन्नों में यह बरामदगी अब तक ब्रिटेन में मिले लौह युग के सबसे बड़े सोने के सिक्कों के खजाने के तौर पर दर्ज हो गई है, जिसे ग्रेट बैडो खोज का नाम दिया गया है.

निजी जमीन पर बिना अनुमति तलाशी और नियमों की अनदेखी

यह ऐतिहासिक खोज किसी सार्वजनिक या बंजर स्थल पर नहीं, बल्कि एक निजी संपत्ति वाले खेत पर हुई थी. जिस व्यक्ति ने इन सिक्कों को जमीन खोदकर निकाला, उसके पास उस जगह पर मेटल डिटेक्टर इस्तेमाल करने की कोई कानूनी अनुमति नहीं थी. इसके अलावा, खजाना मिलने के बाद शुरुआत में ट्रेजर एक्ट 1996 के तहत तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अधिकारियों को तुरंत सूचना भी नहीं दी गई थी. इस गैर-कानूनी और जल्दबाजी में की गई खुदाई का सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ कि सिक्के जमीन के भीतर किस पुरातात्विक संदर्भ और स्थिति में सहेजे गए थे, उससे जुड़ी कई वैज्ञानिक जानकारियां हमेशा के लिए नष्ट हो गईं. इसके बावजूद, इन सिक्कों की मौजूदगी ने ब्रिटेन के प्राचीन इतिहास की एक बेहद अहम कड़ी को उजागर कर दिया है.

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सिक्कों की संरचना और निर्माण काल

जमीन से निकाले गए कुल 933 सोने के सिक्कों का विश्लेषण करने पर उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का पता चला. इस पूरे जखीरे में 930 ईस्टर्न ब्रिटिश स्टेटर शामिल हैं, जिन्हें पुरातात्विक वर्गीकरण में व्हाडन चेज माना जाता है. जानकारों के मुताबिक इनका निर्माण लगभग 60 से 20 ईसा पूर्व के बीच उत्तरी टेम्स के क्षेत्र में हुआ था. इन मुख्य सिक्कों के अतिरिक्त इस संग्रह में एक क्वार्टर स्टेटर, यूरोपीय महाद्वीप से जुड़ा एक गैलो बेल्गिक ई प्रकार का सिक्का और ईस्ट एंग्लिया क्षेत्र का एक नॉरफ्लॉक वुल्फ स्टेटर भी शामिल था. सिक्कों के साथ जमीन में किसी प्राचीन पात्र अथवा बर्तन के टूटे हुए अवशेष भी मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इन्हें किसी बर्तन में भरकर छिपाया गया था.

जूलियस सीजर के आक्रमण से जुड़ाव की पहेली

इस अनपेक्षित खोज की खबर सार्वजनिक होने के बाद पुरातत्व विशेषज्ञों की टीम ने उस खेत की गहन वैज्ञानिक जांच की. इस आधिकारिक पड़ताल के दौरान जमीन से एक और सिक्का बरामद हुआ, हालांकि अन्य कोई बड़ी पुरातात्विक सामग्री वहां नहीं मिली. इस पूरे खजाने को लेकर सबसे बड़ा ऐतिहासिक सवाल यह खड़ा हुआ है कि क्या इन सिक्कों का सीधा संबंध रोमन शासक जूलियस सीजर के अभियानों से था. जिस ग्रेट बैडो क्षेत्र में ये सिक्के मिले, वह प्राचीन काल में ट्रिनोवेंटेस जनजाति से जुड़ा माना जाता है, जबकि मिले हुए ज्यादातर सिक्कों का संबंध उस भूभाग से है जिसे बाद के दौर में कैटुवेलोनी से जोड़ा गया था. इतिहास के अनुसार जूलियस सीजर ने 54 ईसा पूर्व में ब्रिटेन पर अपना सैन्य अभियान चलाया था. विशेषज्ञों का यह अनुमान है कि उस दौर में पूर्वी ब्रिटेन के भीतर इतने बड़े पैमाने पर सोने के स्टेटर ढाले जाने की मुख्य वजह रोमन सेना के आक्रमण और उससे उपजी उथल-पुथल हो सकती है.

संग्रहालय द्वारा अधिग्रहण और सार्वजनिक प्रदर्शन की योजना

इस अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए मई 2025 में म्यूजियम ऑफ चेम्सफोर्ड ने इसे औपचारिक रूप से अपने अधिकार में ले लिया. इस खजाने को हासिल करने के लिए £250000 के नेशनल लॉटरी हेरिटेज फंड के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख संस्थाओं से जरूरी आर्थिक सहायता जुटाई गई थी. इसके बाद 2026 की गर्मियों में पहली बार एक खास प्रदर्शनी के जरिए इन प्राचीन सिक्कों को आम जनता के देखने के लिए प्रदर्शित किया गया. अब इस पूरे संग्रह को 2027 से शुरू होने वाली एक स्थायी प्रदर्शनी में रखने की पूरी तैयारी चल रही है. जमीन के नीचे करीब 2000 वर्षों तक दबे रहे ये 933 सोने के सिक्के केवल बहुमूल्य धातु भर नहीं हैं, बल्कि ये ब्रिटेन के लौह युग, स्थानीय सत्ता संघर्षों और रोमन साम्राज्य के विस्तार से ठीक पहले के बेहद अशांत दौर की गवाही देते हैं.

सवाल-जवाब

ग्रेट बैडो में कुल कितने सोने के सिक्के मिले?
इस खोज में जमीन के नीचे से कुल 933 सोने के प्राचीन सिक्के मिले हैं.
यह खजाना कितना पुराना बताया गया है?
यह खजाना करीब 2000 साल पुराना है, जिसके सिक्के लगभग 60 से 20 ईसा पूर्व के बीच के हैं.
सिक्कों की खोज किस कानून के तहत घोषित नहीं की गई थी?
शुरुआत में इस खोज की जानकारी ट्रेजर एक्ट 1996 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं दी गई थी.
क्या इन सिक्कों का संबंध जूलियस सीजर से है?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 54 ईसा पूर्व में जूलियस सीजर के ब्रिटेन अभियान के समय उपजी उथल-पुथल की वजह से ये सिक्के बनाए गए थे.
यह खजाना किस संग्रहालय ने और कब हासिल किया?
म्यूजियम ऑफ चेम्सफोर्ड ने मई 2025 में £250000 के नेशनल लॉटरी हेरिटेज फंड की मदद से इसे हासिल किया.
आम लोग इस खजाने को स्थायी रूप से कब देख पाएंगे?
इस खजाने की स्थायी प्रदर्शनी की शुरुआत 2027 से की जाएगी.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·16 मिनट पहले

यह ऐतिहासिक खोज यह दर्शाती है कि सैन्य अभियानों और राजनीतिक अस्थिरता के दौर में संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए कैसे सोने के सिक्कों को छिपाया जाता था। हालांकि, बिना अनुमति और गैर-कानूनी खुदाई ने इस खजाने से जुड़ा पुरातात्विक संदर्भ हमेशा के लिए नष्ट कर दिया। यह घटना चेतावनी देती है कि पुरातात्विक विरासत की सुरक्षा के लिए कठोर कानूनी प्रवर्तन और जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, वरना अनियंत्रित गतिविधियों के कारण ऐतिहासिक अध्ययन का वैज्ञानिक मूल्य अपूरणीय रूप से नष्ट होता रहेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 मिनट पहले

उमर की बात बिल्कुल सटीक है। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से बिना अनुमति की गई ऐसी खुदाई महज एक प्रक्रियात्मक चूक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत की आपराधिक लूट है। 'ट्रेजर एक्ट 1996' के तहत तय समय सीमा में सूचना न देना और कानूनी प्रक्रिया को ताक पर रखना कानून के शासन को सीधी चुनौती देता है। जब तक अवैध मेटल डिटेक्टिंग और गैर-कानूनी खनन पर अदालती स्तर पर कड़े दंड तथा त्वरित अभियोजन की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक ऐसे मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों का नष्ट होना जारी रहेगा। पुरातात्विक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए कठोर पुलिसिंग और सख्त कानूनी प्रवर्तन बेहद जरूरी है।

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