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असम में चाय उद्योग को बड़ी राहत, ऑर्थोडॉक्स चाय पर सब्सिडी बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलो की गईअसम
20 सित॰ 2026, 1:55 pm (26 मिनट पहले)· 0

असम में चाय उद्योग को बड़ी राहत, ऑर्थोडॉक्स चाय पर सब्सिडी बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलो की गई

असम सरकार ने चाय उद्योग विशेष प्रोत्साहन योजना में बदलाव करते हुए ऑर्थोडॉक्स व स्पेशलिटी चाय पर सब्सिडी बढ़ा दी है, जिससे निर्यातकों और स्थानीय उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।

पूर्वोत्तर के बागानों और चाय उत्पादकों को वैश्विक बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए असम सरकार ने अपनी विशेष प्रोत्साहन नीति में अहम संशोधन अधिसूचित किए हैं। संशोधित असम चाय उद्योग विशेष प्रोत्साहन योजना (ATISIS) 2020 आगामी 31 मार्च 2031 तक प्रभावी रहेगी। व्यापारिक संगठनों और नीलामी मंचों ने राज्य प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि इससे घरेलू उत्पादन लागत कम करने और अंतरराष्ट्रीय निर्यात को तेज करने में सीधी मदद मिलेगी।

सीटीसी चाय निर्यात पर प्रोत्साहन और परिवहन खर्च की भरपाई

इस नीतिगत बदलाव के तहत सिंगल ओरिजिन असम क्वालिटी सीटीसी चाय के निर्यात पर 3 रुपये प्रति किलोग्राम की वित्तीय सहायता तय की गई है। चारों तरफ से जमीन से घिरे होने की वजह से असम के चाय व्यापारियों को कंटेनर लाने-ले जाने, आंतरिक माल ढुलाई और बंदरगाहों तक परिवहन पर काफी अधिक खर्च उठाना पड़ता है। गुवाहाटी चाय नीलामी खरीदार संघ का कहना है कि यह नया प्रावधान उसी अतिरिक्त ढुलाई लागत की भरपाई करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

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गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (GTAC) के जरिए बेची जाने वाली सीटीसी चाय को आधिकारिक तौर पर इस निर्यात लाभ के लिए उपयुक्त माना गया है। संघ के सचिव दिनेश बिहानी के अनुसार, इस आधिकारिक पहचान से संगठित नीलामी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बागान मालिकों को अपनी फसल पारदर्शी तरीके से बेचने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि चाय व्यापारी इस प्रगतिशील नीतिगत ढांचे की शुरुआत के लिए राज्य सरकार के आभारी हैं।

ऑर्थोडॉक्स, माचा और कार्यशील पूंजी पर बढ़े लाभ

संशोधित नियमों में ऑर्थोडॉक्स तथा स्पेशलिटी चाय के उत्पादन पर मिलने वाले अनुदान को 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक यूनिट अथवा चाय बागान के लिए अधिकतम वार्षिक क्लेम की सीमा को भी बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया है। इस कदम से प्रीमियम गुणवत्ता वाली पत्तियों का उत्पादन करने वाले उत्पादकों को भारी वित्तीय सहारा मिलने की उम्मीद है।

नीति में पहली बार माचा चाय को भी शामिल किया गया है, जिससे आधुनिक स्वास्थ्य पेय बाजार में असम की पहुंच बढ़ेगी। इसके अलावा चाय इकाइयों के लिए कार्यशील पूंजी पर ब्याज छूट की सीमा को भी 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। दिनेश बिहानी ने बताया कि दुनिया के सबसे बड़े सीटीसी नीलामी केंद्रों में शुमार गुवाहाटी का मंच इस व्यवस्था के जरिए अंतरराष्ट्रीय तथा घरेलू व्यापार नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

सवाल-जवाब

संशोधित असम चाय प्रोत्साहन योजना कब तक लागू रहेगी?
यह संशोधित नीति 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
सीटीसी चाय निर्यात पर कितनी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है?
सिंगल ओरिजिन असम क्वालिटी सीटीसी चाय के निर्यात पर 3 रुपये प्रति किलोग्राम का प्रोत्साहन तय किया गया है।
ऑर्थोडॉक्स और स्पेशलिटी चाय की सब्सिडी में क्या बदलाव हुआ है?
उत्पादन सब्सिडी 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है और अधिकतम सीमा प्रति यूनिट 1 करोड़ रुपये सालाना है।
इस योजना में कौन सा नया चाय उत्पाद जोड़ा गया है?
इस बार योजना के दायरे में पहली बार माचा चाय को भी शामिल किया गया है।
कार्यशील पूंजी पर ब्याज छूट कितनी बढ़ाई गई है?
कार्यशील पूंजी पर ब्याज छूट की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
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