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ईरान के साथ अमेरिकी चर्चाओं में टांग अड़ाई तो ओमान पर बरसाएंगे बम, डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनीदुनिया
17 अग॰ 2026, 7:48 pm (28 दिन पहले)· 1

ईरान के साथ अमेरिकी चर्चाओं में टांग अड़ाई तो ओमान पर बरसाएंगे बम, डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में दखलअंदाजी न करे, वरना सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी वार्ताओं में किसी भी तरह का हस्तक्षेप करने का प्रयास किया, तो अमेरिका उस पर बमबारी करने से पीछे नहीं हटेगा। इस तीखे बयान ने मध्य पूर्व की कूटनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।

एक साक्षात्कार के दौरान जब डोनाल्ड ट्रंप से ओमान की मध्यस्थता की भूमिका के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत आक्रामक अंदाज में दो टूक कहा कि यदि ओमान बीच में आया, तो उस पर बम बरसा दिए जाएंगे। यह तीखी प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर कई तरह के घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं।

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इसी सिलसिले में आगे बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया कि अमेरिका का सीधा संपर्क ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के अधिकारियों के साथ बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन इस ताकतवर संगठन के साथ एक अलग बैकचैनल के माध्यम से सीधे संपर्क में रहकर बातचीत को आगे बढ़ा रहा है।

ओमान और तेहरान के बीच हुआ था रणनीतिक समझौता

डोनाल्ड ट्रंप की यह आक्रामक चेतावनी ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आई है जब ईरान की तरफ से शनिवार को यह सार्वजनिक किया गया था कि उसने ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन मार्ग का एक नया नक्शा तैयार करने को लेकर एक अहम समझौता किया है। तेhrān का कहना था कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच कई हफ्तों की तकनीकी बैठकों के बाद यह सहमति बनी थी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शुमार है, जहां जरा सा भी तनाव पूरी दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है।

ईरान के रुख पर टिप्पणी करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की कि तेहरान को अब सफेद झंडा लहरा देना चाहिए, जिसका सीधा मतलब यह है कि उसे बिना शर्त आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। उन्होंने ईरान के नेतृत्व की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ियों से करते हुए कहा कि वे इस समय बेहद दबाव और मुश्किल परिस्थितियों से घिरे हुए हैं।

गाजा और हमास को लेकर भी सामने आया बड़ा दावा

केवल ईरान ही नहीं, बल्कि गाजा के मोर्चे पर भी डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल से आग्रह किया कि उसे अब वहां अपने सैन्य हमले रोक देने चाहिए। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया कि हमास ने अपने हथियार नीचे रखने पर सहमति जता दी है। उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिका का हमास के साथ भी एक अलग संवाद चैनल खुला हुआ है और उन्हें पूरा भरोसा है कि हमास अपने हथियार पूरी तरह त्याग देगा।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को क्या धमकी दी है?
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में दखल देगा, तो उस पर बम बरसाए जाएंगे।
ईरान और ओमान के बीच हाल ही में क्या समझौता हुआ था?
ईरान ने शनिवार को दावा किया था कि उसने ओमान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए शिपिंग रूट का नक्शा तैयार करने का समझौता किया है।
ट्रंप का दावा ईरान के किस संगठन के साथ संपर्क को लेकर है?
ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के अधिकारियों के साथ गुप्त संपर्क और बैकचैनल बातचीत चल रही है।
गाजा के मुद्दे पर ट्रंप ने इजरायल से क्या कहा है?
ट्रंप ने इजरायल से गाजा में हमले रोकने की अपील की है क्योंकि उनके मुताबिक हमास हथियार डालने पर सहमत हो चुका है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Rohan Verma@rohan-verma·27 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप की यह आक्रामक चेतावनी और ओमान को बम से उड़ाने की धमकी मध्य पूर्व की भू-राजनीति को एक खतरनाक मोड़ पर ले जाती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर ओमान और ईरान का समझौता वैश्विक तेल आपूर्ति और कच्चे तेल की कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, आईआरजीसी और हमास के साथ सीधे बैकचैनल संपर्कों का दावा यह दर्शाता है कि अमेरिका पारंपरिक कूटनीति से हटकर सीधे दबाव की रणनीति पर काम कर रहा है। यदि यह कूटनीतिक दबाव सफल नहीं हुआ, तो यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है और वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·27 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह देखना महत्वपूर्ण है कि ओमान को दी गई धमकी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नया समुद्री समझौता वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम है। व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच इस प्रत्यक्ष दबाव की रणनीति पर तीखी प्रतिक्रिया आ सकती है। यदि यह बैकचैनल कूटनीति विफल होती है, तो अमेरिकी नीति निर्माताओं को गंभीर आर्थिक और सामरिक नतीजों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे वैश्विक बाजारों में भारी अनिश्चितता छा सकती है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·27 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप की ओमान को दी गई चेतावनी और आईआरजीसी के साथ बैकचैनल कूटनीति के खुलासे से मध्य पूर्व का भू-राजनीतिक संतुलन हिल गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर ओमान और ईरान के रणनीतिक समझौते के बीच अमेरिका का यह आक्रामक रुख वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक नया भू-राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

डोनाल्ड ट्रंप का यह आक्रामक रवैया और ओमान को सीधी धमकी इस बात का संकेत है कि अमेरिकी विदेश नीति पारंपरिक राजनयिक माध्यमों से हटकर सीधे दबाव की राजनीति पर लौट आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान और ओमान का नया समझौता खाड़ी देशों की क्षेत्रीय कूटनीति को जटिल बना रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा असर पड़ना तय है। इसके अलावा, आईआरजीसी और हमास के साथ अलग बैकचैनल वार्ता का दावा यह साबित करता है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपने रणनीतिक हितों को साधने के लिए एकतरफा और अप्रत्याशित तरीकों को प्राथमिकता दे रहा है, जो आने वाले समय में कूटनीतिक अनिश्चितता को और बढ़ाएगा।

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