पश्चिमी जर्मनी में एक महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने के ऊपर दो रहस्यमय ड्रोन उड़ते हुए देखे गए हैं। यह ताजा घटनाक्रम लिपजिग एयरपोर्ट पर विस्फोटक से लदे एक उपकरण के बरामद होने के ठीक कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिससे देश भर की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
मेचेरनिच बेस पर हुई संदिग्ध गतिविधि
जर्मनी के सशस्त्र बलों यानी बुंडेसवेहर ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि गुरुवार शाम को बॉन के पास स्थित मेचेरनिच के एक सैन्य अड्डे के ऊपर ये ड्रोन देखे गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बेस पर अमेरिकी निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के घटकों और उपकरणों का भंडारण किया जाता है। बुंडेसवेहर ज्वॉइंट फोर्स कमांड की एक प्रवक्ता ने बताया कि स्थिति को स्थानीय पुलिस को सौंपने से पहले सैन्य पुलिस को तुरंत मौके पर तैनात किया गया था।
हाइब्रिड युद्ध के दौर से गुजर रहा देश
यूक्रेन का समर्थन करने वाले यूरोपीय देशों के सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों के आसपास इस तरह के ड्रोन नजर आने की यह नवीनतम घटना है। इन सभी मामलों में शक की सुई रूस की ओर घूमती रही है, हालांकि मास्को ने हमेशा से इनमें अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है। इस बीच, जर्मनी के आंतरिक मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंडट ने रविवार को बिल्ड अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया कि देश लगातार अस्थिर करने वाले हमलों का निशाना बन रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही वे युद्ध की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन उन्हें रोजमर्रा के आधार पर हाइब्रिड युद्ध का सामना करना पड़ रहा है।
पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों की बढ़ती अहमियत
रूस की ओर से 2022 में शुरू किए गए पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से ये एयर डिफेंस सिस्टम यूक्रेन के लिए रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में रोकने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। हालांकि, राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इस हफ्ते अपने सहयोगियों से और अधिक सहायता भेजने की पुरजोर अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यूक्रेन के पास इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक खत्म होने की कगार पर पहुंच चुका है।
जांच और रूस का रुख
रविवार को जब बीबीसी ने मेचेरनिच के ऊपर देखे गए इन ड्रोनों के संभावित मूल स्रोतों के बारे में पूछा, तो बुंडेसवेहर ने चल रही जांच पर कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, इस मामले में स्थानीय पुलिस से भी प्रतिक्रिया मांगी गई है। कुछ यूरोपीय अधिकारियों ने इन ड्रोन उड़ानों के पीछे सीधे तौर पर रूस का हाथ बताया है, जबकि मास्को पहले भी ऐसे सभी दावों को पूरी तरह से बेतुका बता चुका है।



















