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रूस में पुतिन सरकार के धुर विरोधी राजनेता लेव श्लोसबर्ग को ११ साल की जेल की सजादुनिया
17 अग॰ 2026, 10:22 pm (28 दिन पहले)· 2

रूस में पुतिन सरकार के धुर विरोधी राजनेता लेव श्लोसबर्ग को ११ साल की जेल की सजा

रूस की अदालत ने प्रमुख युद्ध-विरोधी राजनेता लेव श्लोसबर्ग को सशस्त्र बलों पर फर्जी खबरें फैलाने और उनकी छवि धूमिल करने के आरोप में ११ साल और एक महीने की सजा सुनाई है।

रूस के जाने-माने राजनीतिक चेहरे और युद्ध के मुखर विरोधी लेव श्लोसबर्ग को उत्तर-पश्चिमी शहर प्सकोव की एक अदालत ने ११ साल और एक महीने के कारावास की सजा सुनाई है। इस अदालतई फैसले के तहत उन पर रूसी सेना को बदनाम करने के सार्वजनिक प्रयास करने और झूठी जानकारियां फैलाने के गंभीर आरोप तय किए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने उनके लिए कुल १२ साल और एक महीने की जेल की मांग अदालत के सामने रखी थी, जिसके बाद यह कठोर सजा सुनाई गई है।

राजनीतिक रुख के कारण सजा का दावा

सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद ६३ वर्षीय लेव श्लोसबर्ग ने इस पूरे फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस अदालत की एकमात्र मंशा किसी व्यक्ति को उसकी राजनीतिक, सार्वजनिक और नागरिक विचारधारा अपनाने के लिए दंडित करना मात्र थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान उन्होंने सभी आरोपों का विरोध करते हुए इसे एक निष्पक्ष जांच का स्वांग बताया, जिसका एकमात्र उद्देश्य अवैध लक्ष्यों को पूरा करना था। उनके अनुसार, अभियोजन का आधार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए गए उनके विचार और टिप्पणियां थीं। सुनवाई के दौरान पीठासीन न्यायाधीश ने उन्हें कई बार अपनी बात पूरी करने से रोका भी।

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याब्लोको पार्टी का रुख और चुनाव से प्रतिबंध

लेव श्लोसबर्ग जिस उदारवादी राजनीतिक दल याब्लोको से जुड़े हैं और उसके उप-प्रमुख हैं, उसने इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण फैसला ठीक उस वक्त आया जब देश के सर्वोच्च न्यायालय ने सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों में याब्लोको पार्टी के भाग लेने पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ डाली गई याचिका को खारिज कर दिया। याब्लोको एकमात्र ऐसा पंजीकृत राजनीतिक दल था जिसने साल २०२२ में शुरू हुए रूस के पूर्ण पैमाने पर यूक्रेन आक्रमण का खुलकर विरोध किया था।

चुनावी माहौल और अन्य राजनीतिक दल

चुनावों से ठीक पहले याब्लोको को मतपत्रों से बाहर कर दिया गया था। इसके पीछे मुख्य आधार यह था कि पार्टी अंतरराष्ट्रीय एलजीबीटी आंदोलन का सार्वजनिक समर्थन करती है, जिसे रूस के सर्वोच्च न्यायालय ने एक चरमपंथी संगठन के रूप में सूचीबद्ध कर रखा है। इसके अलावा, समर्थक क्रेमलिन राष्ट्रवादी पार्टी रोदिना द्वारा दायर एक मुकदमे में यह भी तर्क दिया गया था कि पार्टी कॉपीराइट उल्लंघन की दोषी थी। इन घटनाक्रमों के बीच, आगामी १८ से २० सितंबर के संसदीय चुनाव में हिस्सा ले रहे अन्य सभी १० राजनीतिक दल यूक्रेन में चल रहे युद्ध का पूर्ण समर्थन करते हैं।

क्रेमलिन का दबदबा और जनमत सर्वेक्षण

रूस के राज्य-संचालित मतदान संस्थान वीसीआईओएम के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रूस पार्टी की जनमत रेटिंग गिरकर ३२.१ प्रतिशत पर आ गई है, जो कि बीते मई के बाद से सबसे निचला स्तर है। इसके बावजूद, यह माना जा रहा है कि क्रेमलिन के पास चुनावी प्रक्रिया को अपनी इच्छित दिशा में ले जाने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। देश में स्वतंत्र चुनावी निगरानी संस्थाओं की क्षमता को भी काफी हद तक सीमित कर दिया गया है ताकि वे पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकें या उसे चुनौती दे सकें।

विपक्ष का दमन और युद्ध-कालीन सेंसरशिप

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जो लगभग २७ वर्षों से सत्ता की बागडोर संभाले हुए हैं, के खिलाफ किसी भी प्रकार के विरोध को यूक्रेन में सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से पूरी तरह कुचल दिया गया है। देश में लागू युद्ध-कालीन सेंसरशिप कानूनों के तहत जनता के बीच असंतोष के किसी भी प्रदर्शन को सख्ती से दबाया जाता है, जिसके एवज में भारी-भरकम जुर्माने या लंबी जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। अदालत के समक्ष अपने अंतिम भाषण में, लेव श्लोसबर्ग ने एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और तत्काल संघर्ष विराम लागू कर राजनीतिक संवाद शुरू करने की अपनी पुरानी मांग को दोहराया।

सवाल-जवाब

लेव श्लोसबर्ग को कितनी सजा सुनाई गई है?
प्सकोव की एक अदालत ने लेव श्लोसबर्ग को ११ साल और एक महीने की सजा सुनाई है।
श्लोसबर्ग पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए गए थे?
उन पर रूसी सशस्त्र बलों को बदनाम करने और उनके बारे में झूठी जानकारियां फैलाने के आरोप तय किए गए थे।
लेव श्लोसबर्ग किस राजनीतिक दल से जुड़े हैं?
वे उदारवादी राजनीतिक दल याब्लोको के उप-प्रमुख हैं।
याब्लोको पार्टी को चुनावों से क्यों हटाया गया?
पार्टी पर अंतरराष्ट्रीय एलजीबीटी आंदोलन का समर्थन करने और कॉपीराइट उल्लंघन के आरोप थे, जिसके बाद उसे मतपत्रों से बाहर कर दिया गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·27 दिन पहले

लेव श्लोसबर्ग को मिली सजा और 'याब्लोको' पार्टी पर लगा प्रतिबंध रूस में राजनीतिक विरोध के पूर्ण सफाए का स्पष्ट प्रमाण है। आगामी चुनावों में सभी शेष दलों का युद्ध समर्थक होना यह दर्शाता है कि क्रेमलिन सुरक्षा और असहमति के नाम पर लोकतांत्रिक स्पेस को पूरी तरह खत्म कर रहा है। ऐसे दमनकारी माहौल से देश के भीतर असंतोष भूमिगत होकर लंबे समय में आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर अस्थिरता पैदा कर सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·27 दिन पहले

लेव श्लोसबर्ग को ग्यारह साल की सजा और आगामी चुनावों से एकमात्र युद्ध-विरोधी दल याब्लोको पर प्रतिबंध इस बात का स्पष्ट संकेत है कि क्रेमलिन राजनीतिक विपक्ष को पूरी तरह कुचलने की रणनीति पर काम कर रहा है। सितंबर के संसदीय चुनावों से पहले इस तरह के न्यायिक कदमों से यह तय हो गया है कि संसद में युद्ध का विरोध करने वाली किसी भी वैकल्पिक आवाज को उभरने का मौका नहीं मिलेगा, जिससे सत्ता पर प्रशासनिक नियंत्रण और अधिक मजबूत हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·27 दिन पहले

अपराध और न्याय प्रणाली के इस दुरूपयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य तंत्र का उपयोग असहमति को अपराध घोषित करने के लिए किया जा रहा है। जब न्यायपालिका सत्ता की इच्छा पूरी करने का माध्यम बन जाती है, तब कानूनी प्रक्रियाओं की आड़ में राजनीतिक विरोधियों को ठिकाने लगाने का रास्ता साफ हो जाता है। आगामी चुनावों से पहले इस तरह के कठोर फैसलों और प्रतिबंधों से यह तय हो गया है कि संस्थागत नियंत्रण के जरिए हर स्वतंत्र आवाज का गला घोंटा जाएगा, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

Sophie Laurent@sophie-laurent·27 दिन पहले

लेव श्लोसबर्ग को ग्यारह साल की सजा और याब्लोको पार्टी पर प्रतिबंध इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मास्को आगामी चुनावों से पहले किसी भी प्रकार के राजनीतिक विरोध को पूरी तरह से समाप्त करना चाहता है। यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उठने वाली हर स्वतंत्र आवाज को दबाकर क्रेमलिन अपनी चुनावी प्रक्रिया को और अधिक नियंत्रित कर रहा है, जिससे रूस में राजनीतिक बहुलता का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·27 दिन पहले

लेव श्लोसबर्ग को मिली सजा और एकमात्र युद्ध-विरोधी दल याब्लोको को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना यह दर्शाता है कि क्रेमलिन घरेलू राजनीतिक असंतोष को जड़ से मिटाने के लिए किस हद तक जा रहा है। आगामी चुनावों में सभी शेष दस दलों का युद्ध का समर्थन करना और स्वतंत्र आवाज़ों का दमन यह तय करता है कि रूस में राजनीतिक बहुलता और विरोध की गुंजाइश अब लगभग समाप्त हो चुकी है, जिसका दीर्घकालिक प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक मोर्चे पर स्पष्ट दिखाई देगा।

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