न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान राजनयिक शिष्टाचार की धज्जियां उड़ गईं। संघर्ष के दौरान यौन हिंसा को खत्म करने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के मौके पर बुलाई गई एक सार्वजनिक सुनवाई में इज़राइल के राजदूत और संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों के बीच तीखी बहस और चिल्ला-चिल्ली देखने को मिली। इस विवाद के दौरान इज़राइली राजदूत डैनी डैनन ने संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट पक्षपात से भरी है, जिसमें पहली बार इज़राइल को यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के तहत ब्लैकलिस्ट किया गया है।
इस्तीफे की मांग और तीखे व्यक्तिगत हमले
शुक्रवार को हुई इस बैठक में हंगामा तब और बढ़ गया जब इज़राइली राजदूत डैनी डैनन ने सीधे तौर पर प्रमिला पैटन पर निशाना साधा। उन्होंने पैटन पर पक्षपाती होने का आरोप लगाने के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव की प्राथमिकताओं की भी कड़ी आलोचना की। डैनन ने पैटन पर बरसते हुए कहा कि वे महासचिव की इज़राइल को निशाना बनाने की जिद के आगे झुक गईं।
मामला तब और बिगड़ गया जब डैनन ने संयुक्त राष्ट्र की एक अन्य अधिकारी वैनेसा फ़्रेज़ियर को भी निशाने पर लिया। डैनन ने बेहद कड़े शब्दों में कहा, "हम एक सदस्य देश हैं और आप UN के लिए काम करती हैं, इसलिए अब आप चुप रहेंगी। आप और आपकी शर्मनाक रिपोर्ट चुप रहेगी।" डैनन ने पैटन की रिपोर्ट को एक नया निचला स्तर करार दिया।
बीच-बचाव और सबूतों पर टकराव
इस तीखी बहस के बीच बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के मामलों में महासचिव की प्रतिनिधि वैनेसा फ़्रेज़ियर ने हस्तक्षेप किया। माल्टा की पूर्व UN राजदूत फ़्रेज़ियर ने 'पॉइंट ऑफ़ ऑर्डर' का इस्तेमाल करते हुए डैनन को टोक दिया। उन्होंने इज़राइली राजदूत से बैठक में व्यक्तिगत हमले न करने का आग्रह किया और स्पष्ट किया कि उनके पास रिपोर्ट में शामिल किए गए दावों के पर्याप्त और सत्यापित सबूत मौजूद हैं।
वैनेसा फ़्रेज़ियर ने हाल ही में महासचिव की ओर से एक अलग रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में इज़राइल को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ यह गंभीर चेतावनी भी दी गई थी कि बच्चों के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए इज़राइली सेटलर समूहों को भी वैश्विक ब्लैकलिस्ट में डाला जा सकता है।
ब्लैकलिस्ट को लेकर बढ़ा विवाद
ट्रेंडकिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फ़िलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ बढ़ते मानवाधिकार उल्लंघनों पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पहले ही गहरी चिंता जता चुके हैं। इज़राइल का नाम पहले से ही इन उल्लंघनों से जुड़ी 'शर्मनाक सूची' में शामिल किया जा चुका है। गौरतलब है कि पैटन और फ़्रेज़ियर दोनों की ही रिपोर्टों में केवल इज़राइल ही नहीं, बल्कि उसके प्रतिद्वंद्वी संगठन हमास को भी ब्लैकलिस्ट श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद इज़राइल के प्रतिनिधि इस कार्रवाई को पूरी तरह से पूर्वाग्रह से प्रेरित बता रहे हैं।













