विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल 'निम्स दाई' पुर्जा का शव पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हुए विनाशकारी हिमस्खलन के कई दिनों बाद खोज एवं बचाव दल द्वारा बरामद कर लिया गया है। इस दुखद घटना में निर्मल पुर्जा के साथ तीन अन्य विदेशी पर्वतारोहियों के पार्थिव शरीर भी बर्फ से बाहर निकाले गए हैं। इस बड़े हादसे के बाद से दुनिया भर के पर्वतारोहण प्रेमियों और एडवेंचर कम्युनिटी में शोक की लहर दौड़ गई है।
ब्रॉड पीक पर सर्च ऑपरेशन और शवों की बरामदगी
अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रविवार को चले विशेष बचाव अभियान के दौरान ग्राउंड टीम ने चार पर्वतारोहियों के शवों का पता लगाया। मृतकों में नेपाल में जन्मे ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, चीन के वांग झोंग, नेपाल के नीमा शेरपा तथा किली पेम्बा शेरपा शामिल हैं। हालांकि, ब्रॉड पीक के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र और लगातार खराब हो रहे मौसम के कारण सभी शवों को निचले शिविरों तक पहुंचाने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और राहत कर्मी निरंतर प्रयास कर रहे हैं।
10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल पर गिरा बर्फ का पहाड़
यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब 10 पर्वतारोहियों का एक अंतरराष्ट्रीय दल ब्रॉड पीक की चढ़ाई पर था और अचानक आए एक शक्तिशाली हिमस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे के तुरंत बाद पाकिस्तान सेना, स्थानीय प्रशासन, अनुभवी शेरपा गाइडों और स्वयंसेवकों के सहयोग से एक बड़े पैमाने पर खोज अभियान शुरू किया गया था।
इससे पहले शुक्रवार को भी बचाव दल ने चार अन्य सदस्यों का स्थान चिन्हित किया था। उस दौरान प्रतिकूल मौसम और तेज हवाओं के कारण बचाव हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके थे, जिससे पैदल रास्ते से केवल तीन शवों को ही नीचे लाया जा सका था। शुक्रवार को लाए गए शवों में ओमान की पर्वतारोही नाथिरा अहमद, अमेरिकी नागरिक मैलोरी गीस और नेपाल के बहादुर गुरुंग शामिल थे। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस अभियान के दो पर्वतारोही अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।
लापता गाइड और पाकिस्तानी टीम के प्रयास
लापता पर्वतारोहियों में पाकिस्तान के जाने-माने पर्वत गाइड सोहैल साखी भी शामिल हैं, जो एडवेंचर स्पोर्ट्स कंपनी 'मूविंग माउंटेन्स' से जुड़े हुए थे। सोहैल साखी अपनी बेहतरीन गाइड सेवाओं के साथ-साथ एक भूगोलविद और उच्च पर्वतीय फोटोग्राफर के रूप में भी जाने जाते हैं। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान के अध्यक्ष इरफान अरशद खान ने इस त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति करार दिया है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में दिन-रात काम कर रही सेना, नागरिक सुरक्षा बलों और स्थानीय शेरपाओं के समर्पण की सराहना की है।
189 दिनों में 14 चोटियां फतह कर बनाया था विश्व रिकॉर्ड
नेपाल में जन्मे और ब्रिटिश सेना के पूर्व सैनिक रहे निर्मल पुर्जा ने वर्ष 2019 में पर्वतारोहण के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा था। उन्होंने महज 189 दिनों के भीतर दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची पर्वत चोटियों (8,000 मीटर से ऊपर) को सफलतापूर्वक फतह करके एक असंभव सा दिखने वाला विश्व रिकॉर्ड कायम किया था। उनकी इस ऐतिहासिक यात्रा और अद्वितीय जज्बे को समर्पित नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री 14 पीक्स: नथिंग इज इम्पॉसिबल रिलीज हुई थी, जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर एक बड़ा सितारा बना दिया। हालांकि, उनका यह रिकॉर्ड वर्ष 2023 में टूट गया था।
उत्तरी पाकिस्तान के पर्वतों में बढ़ता जोखिम
पाकिस्तान का उत्तरी पर्वतीय क्षेत्र अपनी अद्भुत सुंदरता के साथ-साथ अत्यधिक खतरों के लिए भी जाना जाता है। ब्रॉड पीक और उसके आसपास के इलाकों में अचानक हिमस्खलन होना, चट्टानों और बर्फ के बड़े टुकड़ों का खिसकना, कम ऑक्सीजन का स्तर तथा तेजी से बदलता मौसम पर्वतारोहियों के लिए हमेशा जानलेवा साबित होता है। हर वर्ष दुनिया भर से कई साहसी पर्वतारोही इन चोटियों की ओर रुख करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण यहां अक्सर दुखद हादसे देखने को मिलते हैं।



















