गंभीर गृहयुद्ध और भुखमरी के संकट से जूझ रहे अफ्रीकी देश सूडान में सात दिनों के भीतर खनन से जुड़ी दूसरी बड़ी आपदा सामने आई है। पूर्वोत्तर सूडान के रेड सी राज्य अंतर्गत सुदूर ग्रामीण इलाके ओनी में शनिवार देर रात गैर-कानूनी ढंग से संचालित सोने की खदान की मुख्य सुरंग अचानक जमींदोज हो गई। इस भीषण दुर्घटना में कम से कम 11 मजदूरों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 30 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। सुरंग के मलबे में अभी भी कई अन्य श्रमिकों के फंसे होने का अंदेशा बना हुआ है, जिसे देखते हुए राहत एवं बचाव दल लगातार बचाव कार्य चला रहे हैं।
ओनी इलाके में देर रात घटी दुर्घटना
सूडान के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित ओनी क्षेत्र में यह हादसा उस वक्त हुआ जब खदान के अंदर दर्जनों श्रमिक सामान्य कामकाज में जुटे हुए थे। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी अब्देलहाई खरीफ अबाकर ने बताया कि शनिवार देर रात अचानक खदान की मुख्य शाफ्ट भरभराकर गिर गई, जिससे नीचे काम कर रहे लोगों को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। दुर्घटना के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर मलबे में दबे खनिकों को निकालने का प्रयास शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
हफ्ते भर पहले पश्चिमी हिस्से में मारे गए थे 82 मजदूर
सूडान में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी के बीच संचालित हो रही अनधिकृत खदानें कामगारों के लिए अत्यंत जानलेवा साबित हो रही हैं। शनिवार की इस त्रासदी से ठीक पहले 16 सितंबर को देश के पश्चिमी इलाके में कई सोने की खदानें एक के बाद एक ढह गई थीं। उस भयावह हादसे में कम से कम 82 मजदूरों की जान चली गई थी। वह पश्चिमी क्षेत्र पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के नियंत्रण वाले दायरे में स्थित है। चंद दिनों के अंतराल पर हुए इन दो बड़े हादसों ने देश में बिना किसी निगरानी चल रहे खनन नेटवर्क के गंभीर खतरों को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
गृहयुद्ध और भुखमरी के बीच अवैध खनन का प्रसार
सूडान पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से सेना और पैरामिलिट्री बलों के बीच जारी भीषण गृहयुद्ध की चपेट में है। इस हिंसक टकराव की वजह से देश के कई हिस्से भयंकर अकाल और भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। अर्थव्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने और रोजगार के वैध साधन खत्म होने के कारण लाखों गरीब नागरिक पेट भरने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर इन अनियंत्रित खदानों में मजदूरी करने पर मजबूर हैं।
वर्तमान में देश भर में हजारों ऐसी छोटी और गैर-कानूनी खदानें सक्रिय हैं, जहां कामगारों की हिफाजत के लिए कोई भी बुनियादी सुरक्षा बंदोबस्त मौजूद नहीं है। युद्धग्रस्त हालात और प्रभावी सरकारी नियंत्रण के अभाव के चलते इन अवैध स्थलों पर लगातार जानलेवा घटनाएं हो रही हैं। प्रशासनिक दल और स्थानीय कर्मी अब भी ओनी में गिरे मलबे को हटाकर लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं।
























