दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक बड़ी दुर्घटना सामने आई है, जहां एक गैर-कानूनी तरीके से संचालित हो रही सोने की खदान के मलबे में दबकर 14 लोगों की मौत हो गई है। नारिनो प्रांत के एक सुदूर क्षेत्र में स्थित इस ओपन-पिट खदान के अचानक धंस जाने से अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयानों के अनुसार, सोमवार को सांता बारबरा डी इस्कुआंडे नाम के छोटे से कस्बे के समीप यह भीषण हादसा हुआ, जिसमें सात अन्य मजदूर गंभीर रूप से जख्मी भी हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत शुरू किए गए बचाव और राहत कार्यों को सोमवार की रात तक समाप्त कर दिया गया।
अवैध खनन के खतरे और भौगोलिक चुनौतियां
नारिनो प्रशासन ने इस दुर्घटना के बाद अनौपचारिक और अवैध खनन से जुड़े गंभीर खतरों पर चिंता व्यक्त की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन महीनों के भीतर ही इस क्षेत्र में खदान ढंसने की यह दूसरी बड़ी त्रासदी है, जिसमें अब तक कुल 27 बेकसूर लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सांता बारबरा डी इस्कुआंडे की भौगोलिक स्थिति बेहद दुर्गम है, क्योंकि यह क्षेत्र घने वर्षावनों के बीच बसा हुआ है। यहां तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग का कोई विकल्प नहीं है और केवल जलमार्ग यानी नावों के जरिए अथवा छोटे विमानों की सहायता से ही पहुंचा जा सकता है। इस कठिन भौगोलिक बनावट के कारण राहत और बचाव टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।
गवर्नर ने जताया दुख और विद्रोही समूहों का साया
नारिनो के गवर्नर लुइस अल्फोंसो एस्कोबार ने इस मार्मिक दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद हादसे में पूरे के पूरे परिवार खत्म हो गए हैं और यह बेहद हृदयविदारक स्थिति है। कोलंबिया के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों ऐसी छोटी खदानें बिना किसी सरकारी परमिट या अनुमति के चलाई जा रही हैं, जिन पर कई जगहों पर सशस्त्र विद्रोही समूहों का कब्जा या नियंत्रण बना हुआ है। सांता बारबरा डी इस्कुआंडे में न केवल भौगोलिक बाधाएं हैं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
सशस्त्र समूहों की सक्रियता और मानवीय अपील
इस पूरे इलाके में दो प्रमुख विद्रोही गुट सक्रिय रूप से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। इनमें जैकोबो एरेनास ब्लॉक भी शामिल है, जिसकी कमान रेवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया के पूर्व सदस्यों के हाथों में है। इन लड़ाकों ने साल 2016 में कोलंबिया सरकार के साथ संपन्न हुए शांति समझौते का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया था। इस बीच, कोलंबिया के ओम्बड्समैन कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर क्षेत्र में सक्रिय सभी सशस्त्र संगठनों से यह अपील की है कि वे इस छोटे कस्बे तक मानवीय सहायता पहुंचने में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करें। कार्यालय ने एक्स पर लिखा कि उनकी तमाम कोशिशें इस समय केवल इंसानी जिंदगियों को बचाने और इस विकट आपातकालीन परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने पर पूरी तरह केंद्रित होनी चाहिए।



















