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उत्तर कोरिया ने शामिल किया नया विध्वंसक कांग कोन, रूस और अमेरिका के विशिष्ट क्लब में मारी एंट्रीदुनिया
7 सित॰ 2026, 11:25 pm (7 दिन पहले)· 2

उत्तर कोरिया ने शामिल किया नया विध्वंसक कांग कोन, रूस और अमेरिका के विशिष्ट क्लब में मारी एंट्री

उत्तर कोरिया ने अपने नौसैनिक बेड़े में पाँच हजार टन वजनी परमाणु-सक्षम युद्धपोत ‘कांग कोन’ को शामिल कर लिया है। इस कदम से देश अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो गया है।

उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत में एक बड़ा इजाफा करते हुए पाँच हजार टन वजनी नए विध्वंसक युद्धपोत ‘कांग कोन’ को आधिकारिक तौर पर अपने बेड़े का हिस्सा बना लिया है। पूर्वी बंदरगाह शहर वोनसन में आयोजित एक विशेष कमीशनिंग समारोह के दौरान देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने इस नए पोत को नौसेना को सौंपा। सरकारी माध्यमों से मिली जानकारी के अनुसार, इस युद्धपोत को मुख्य रूप से एक आक्रामक युद्धपोत करार दिया गया है जो देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली का एक अहम हिस्सा बनने के लिए तैयार किया गया है।

परमाणु क्षमता और आक्रामक रणनीति पर जोर

वोनसन में आयोजित समारोह के दौरान किम जोंग-उन ने नए विध्वंसक पोत के बारे में विस्तार से बात करते हुए इसे देश की परमाणु युद्ध प्रतिरोधक क्षमता का मुख्य आधार बताया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह पोत दुश्मनों को बेहद घातक और करारा जवाब देने में पूरी तरह सक्षम होना चाहिए। नेता ने स्पष्ट किया कि समुद्री रक्षा को अभेद्य बनाने और किसी भी बाहरी हमले को पूरी तरह रोकने के लिए देश के नौसैनिक बेड़े को परमाणु हथियारों से लैस बल के रूप में विकसित करना मौजूदा समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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भविष्य की नौसैनिक योजनाएं और पनडुब्बी विकास

इस नए युद्धपोत को शामिल करने के साथ ही उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने यह भी संकेत दिया है कि देश आने वाले समय में अपनी नौसैनिक ताकत का और अधिक विस्तार करेगा तथा कई और शक्तिशाली रणनीतिक सैन्य संसाधनों को तैनात किया जाएगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि यह दीर्घकालिक योजना देश के परमाणु ऊर्जा से चलने वाले पनडुब्बी विकास कार्यक्रमों से गहराई से जुड़ी हो सकती है। इस दिशा में काम जनवरी 2021 में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पहली बार सार्वजनिक किया गया था, जबकि दिसंबर 2025 में जारी की गई तस्वीरों में किम जोंग-उन को एक निर्माणाधीन 8,700 टन क्षमता वाली परमाणु-संचालित पनडुब्बी का निरीक्षण करते हुए देखा गया था।

पूर्वी सागर बेड़े की ताकत और पिछला विध्वंसक पोत

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, ‘कांग कोन’ को देश के पूर्वी सागर बेड़े में तैनात किया जाएगा ताकि वह एक अडिग परमाणु युद्ध रोधी शक्ति के रूप में समुद्र में देश की संप्रभुता की रक्षा कर सके। दिलचस्प बात यह है कि इस पांच हजार टन वजनी पोत को शामिल करने की घोषणा, देश के पहले इसी श्रेणी के विध्वंसक ‘चोए ह्योन’ के बेड़े में आने के तीन महीने से भी कम समय के भीतर सामने आई है। इससे पहले चोए ह्योन को पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की रक्षा और युद्ध को रोकने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

क्षेत्रीय तनाव और दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यास

उत्तर कोरिया की ओर से ‘कांग कोन’ को बेड़े में शामिल करने की यह बड़ी घोषणा ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आई है जब दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान मिलकर लगातार पाँच दिनों तक ‘फ्रीडम एज’ नामक सैन्य अभ्यास को अंजाम दे रहे हैं। उत्तर कोरिया ने इस त्रिपक्षीय सैन्य ड्रिल को सीधे तौर पर युद्ध का पूर्वाभ्यास करार दिया था और उसके तुरंत बाद अपने इस नए युद्धपोत की तैनाती की आधिकारिक घोषणा कर दी। दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का आधिकारिक रूप से यह कहना है कि यह संयुक्त सैन्य अभ्यास क्षेत्र में केवल शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

वैश्विक महाशक्तियों के क्लब में औपचारिक प्रवेश

इस नए विध्वंसक पोत को अपने सैन्य बेड़े में शामिल करने के साथ ही उत्तर कोरिया ने आधिकारिक रूप से उस अत्यंत दुर्लभ और विशिष्ट क्लब में अपनी धमाकेदार एंट्री कर ली है जिसमें अब तक केवल अमेरिका, रूस और दुनिया के चुनिंदा देश ही शामिल माने जाते थे। वर्तमान में केवल इन्हीं प्रमुख देशों के पास परमाणु-सक्षम नौसैनिक विध्वंसक मौजूद हैं। अमेरिका के पास आर्ले बर्क-श्रेणी के पोत हैं जो टॉमहॉक मिसाइलें दाग सकते हैं, रूस के पास उदालोय और सोव्रेमेनी श्रेणी के पोत हैं जो कलिब्र और जिरकॉन मिसाइलों के परमाणु संस्करण ले जा सकते हैं, और चीन के पास टाइप 055 तथा टाइप 052D जैसे पोत हैं जो लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें ले जाने में सक्षम हैं। अब इस सूची में उत्तर कोरिया के चोए ह्योन और कांग कोन जैसे युद्धपोत भी शामिल हो चुके हैं जो देश की स्टेट न्यूक्लियर काउंटरएक्शन सिस्टम का अहम हिस्सा हैं।

सवाल-जवाब

उत्तर कोरिया के नए युद्धपोत का नाम क्या है?
उत्तर कोरिया के नए 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत का नाम ‘कांग कोन’ है।
कांग कोन युद्धपोत को किस बेड़े में शामिल किया गया है?
इस युद्धपोत को उत्तर कोरियाई नौसेना के पूर्वी सागर बेड़े में शामिल किया गया है।
इस युद्धपोत को नौसेना में शामिल करने की घोषणा कहाँ की गई?
इसकी घोषणा पूर्वी बंदरगाह शहर वोनसन में आयोजित एक कमीशनिंग समारोह के दौरान की गई।
उत्तर कोरिया से पहले किन देशों के पास परमाणु-सक्षम नेवल डिस्ट्रॉयर थे?
उत्तर कोरिया से पहले केवल अमेरिका, रूस और चीन के पास ही परमाणु-सक्षम नौसैनिक विध्वंसक थे।
इस घोषणा से ठीक पहले कौन सा सैन्य अभ्यास हो रहा था?
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान मिलकर पाँच दिन का फ्रीडम एज मिलिट्री एक्सरसाइज कर रहे थे।
उत्तर कोरिया के पहले 5,000 टन वाले विध्वंसक का क्या नाम था?
उत्तर कोरिया के पहले 5,000 टन वाले विध्वंसक का नाम चोए ह्योन था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·6 दिन पहले

उत्तर कोरिया द्वारा 'कांग कोन' विध्वंसक को पूर्वी सागर बेड़े में तैनात करना और त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यासों के बीच परमाणु नौसैनिक क्षमता बढ़ाना कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा समीकरणों को तेजी से बदल रहा है। यह भू-राजनीतिक कदम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नौसैनिक हथियारों की दौड़ को और तेज करेगा, जिससे भविष्य में अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीतिक प्रतिक्रिया और अधिक आक्रामक हो सकती है।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·7 दिन पहले

उत्तर कोरिया द्वारा पाँच हजार टन वजनी परमाणु-सक्षम विध्वंसक 'कांग कोन' का नौसेना में शामिल होना और दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान के 'फ्रीडम एज' सैन्य अभ्यास के बीच इसकी घोषणा क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता को पूरी तरह बदल रही है। यह कदम प्योंगयांग की उस आक्रामक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को समुद्र के रास्ते और मजबूत कर रहा है। पूर्वी सागर बेड़े में इसकी तैनाती और परमाणु-संचालित पनडुब्बी विकास कार्यक्रमों की तरफ बढ़ते कदम दक्षिण एशिया समेत संपूर्ण इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सामरिक तनाव को और अधिक गहरा सकते हैं।

Li Wei@li-wei·7 दिन पहले

प्योंगयांग द्वारा महज तीन महीनों में दूसरी बार इस श्रेणी के पोत को बेड़े में उतारना इस बात का संकेत है कि वह अपनी समुद्री सैन्य निर्माण क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है। रूस के साथ बढ़ते रणनीतिक तालमेल के बीच, परमाणु-सक्षम युद्धपोतों और निर्माणाधीन 8,700 टन की परमाणु पनडुब्बी की ओर यह प्रगति अमरीकी सहयोगियों के लिए रक्षात्मक चुनौतियों को कई गुना बढ़ा देगी। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में यह नौसैनिक विस्तार आने वाले दिनों में शक्ति संतुलन को और अधिक जटिल बनाएगा।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·7 दिन पहले

उत्तर कोरिया द्वारा पाँच हजार टन वजनी परमाणु-सक्षम विध्वंसक ‘कांग कोन’ को बेड़े में शामिल करना और अमेरिका, रूस व चीन के विशिष्ट क्लब में अपनी जगह का दावा करना कोरियाई प्रायद्वीप में सुरक्षा समीकरणों को तेजी से बदल रहा है। वाशिंगटन और सियोल के बीच चल रहे ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास के ठीक बीच यह तैनाती इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्योंगयांग अपनी समुद्री सामरिक क्षमता और परमाणु प्रतिरोधक तंत्र को लगातार मजबूत कर रहा है, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय तनाव और गहरा सकता है।

Sophie Laurent@sophie-laurent·7 दिन पहले

कार्लोस के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह रणनीतिक कदम यूरोपीय सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीति के बीच गहरे होते आपसी जुड़ाव को उजागर करता है। जब प्योंगयांग अपनी परमाणु-सक्षम नौसैनिक क्षमताओं को तेजी से उन्नत कर रहा है, तब वाशिंगटन और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ रहा है। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त युद्धाभ्यास के दौरान इस विध्वंसक की तैनाती यह दर्शाती है कि आने वाले समय में वैश्विक कूटनीति और रक्षा नीतियों में सुरक्षा के समीकरण और अधिक जटिल हो जाएंगे।

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