वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने जहां वहां भारी तबाही मचाई है, वहीं अमेरिका में बसे वेनेजुएला के लोग अपने वतन की मदद के लिए एकजुट हो गए हैं। इन भूकंपों में कम से कम 188 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। फ्लोरिडा से लेकर टेक्सास तक, बरसों पहले देश छोड़कर आए परिवार गुरुवार को राहत सामग्री जुटाने में लगे रहे। वे नकद रकम, पानी की बोतलें, दवाइयां और फर्स्ट एड किट इकट्ठा कर रहे थे, और साथ ही अपने रिश्तेदारों से संपर्क साधने की बेचैन कोशिश भी कर रहे थे।
दो बड़े झटके और लड़खड़ाती मदद की राह
7.2 और 7.5 तीव्रता के ये झटके बुधवार रात आए और इन्हें पिछले सौ साल से भी ज्यादा समय में वेनेजुएला के सबसे ताकतवर भूकंपों में गिना जा रहा है। इनका सबसे बुरा असर कराकस पर पड़ा, जहां राजधानी के मुख्य हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुंचा। यह नुकसान इसलिए और चिंता बढ़ा रहा है क्योंकि देश में राहत सामग्री लेकर आने वाली उड़ानों को इसी हवाई अड्डे की जरूरत पड़ती है, और इसके खराब होने से मदद पहुंचने में देरी हो सकती है। मलबे से सामने आ रही तस्वीरों में घायल बच्चों, जानवरों और आम लोगों को धूल भरे मलबे से बाहर निकाला जाता दिखा।
डोरल बना प्रवासियों की मदद का केंद्र
मियामी के पास डोरल में रहने वाले ऑस्कर टोरेस ने बताया कि एक व्हाट्सऐप ग्रुप संदेशों से भर गया, जो वेनेजुएला के लोगों को उनके परिवारों से जोड़ता है। डोरल में अमेरिका की सबसे बड़ी वेनेजुएला आबादी रहती है। टोरेस ने कहा, "आज सुबह ही मैं डोरल का ग्रुप देख रहा था और हर कोई मदद के लिए आगे आ रहा है, पैसा, दवा, पानी। सबसे पहले जरूरत की चीजें।"
टोरेस सेल्स मैनेजर हैं और 1995 में वेनेजुएला से अमेरिका आए थे। उन्होंने कहा कि लोग जल्द से जल्द मदद पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने बताया, "लोग पहली खेप जल्द से जल्द भेजने की बात कर रहे हैं।" टोरेस के मुताबिक डोरल के स्थानीय अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने ऑनलाइन और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि किन चीजों की जरूरत है। टोरेस ने भी इन कोशिशों के लिए पैसे देने की योजना बनाई।
टोरेस ने बताया कि कराकस और वालेंसिया में रहने वाले उनके रिश्तेदार भी भूकंप की चपेट में आए। कुछ लोग इमारतों से भागते समय घायल हो गए। उन्होंने कहा, "उनके घर तबाह हो गए हैं और कुछ इमारतें ढह गई हैं। शुक्र है कि मेरी जानकारी में किसी की मौत नहीं हुई।" हजारों लोग लापता हैं, जिसके चलते अमेरिका में बैठे परिवार लगातार खबरों की तलाश में जुटे हैं।
टेक्सास का 'काटीज़ुएला' और जरूरी सामान की लिस्ट
अमेरिका में 7,70,000 से ज्यादा वेनेजुएला के लोग रहते हैं। फ्लोरिडा के अलावा टेक्सास और यूटा में भी इनकी बड़ी आबादी है। ह्यूस्टन इलाके में लोगों ने फेसबुक ग्रुप और दूसरे सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने दान केंद्रों की सूची और जरूरी सामान की लिस्ट साझा की। कई संग्रह केंद्र केटी और उसके आसपास बनाए गए।
केटी, ह्यूस्टन के डाउनटाउन से करीब 48 किलोमीटर पश्चिम में है। यहां की बड़ी वेनेजुएला आबादी की वजह से इसे 'काटीज़ुएला' उपनाम मिला है। दान देने वालों से मेडिकल और फर्स्ट एड का सामान मांगा गया। इस सूची में गॉज, पट्टियां, एंटीसेप्टिक और डिस्पोजेबल दस्ताने शामिल थे। इसके अलावा फेस मास्क, सिरिंज, थर्मामीटर और ब्लड प्रेशर मॉनिटर भी मांगे गए।
दिल अब भी वेनेजुएला में अटका है
स्थानीय निवासी डैनियल एरेनास ने गुरुवार को लिंक्डइन पर अंग्रेजी में जानकारी पोस्ट की। उनका मकसद ह्यूस्टन में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना था। उन्होंने कहा, "मैं दस साल पहले इस देश में आया, यहां अपनी जिंदगी बनाई, लेकिन मेरा दिल आज भी वेनेजुएला में है। वहां जो हो रहा है वह दिल दहला देने वाला है। उनके पास इस हालात से निपटने के संसाधन नहीं हैं।"
समुद्री उद्योग के सलाहकार एरेनास ने बताया कि भूकंप से कराकस में रहने वाले उनके परिवार को लेकर डर बैठ गया। उन्होंने बताया कि एक ऊंची इमारत में रहने वाली उनकी मौसी ने व्हाट्सऐप संदेश में अंदर मची दहशत का जिक्र किया। एरेनास ने कहा, "वह रो रही थीं, चिल्ला रही थीं और कह रही थीं कि उन्हें दर्द हो रहा है पर पता नहीं कहां से। उन्होंने कहा कि उनका सब कुछ चला गया। वह बेहाल थीं।" एरेनास ने बताया कि बाद में उनसे संपर्क हो गया।
आगे की राह
जैसे-जैसे दान की मुहिम फैल रही है, परिवार लगातार नुकसान की रिपोर्ट और लापता लोगों की सूचनाओं पर नजर रखे हुए हैं। कराकस के हवाई अड्डे की दिक्कत तेजी से सामान पहुंचाने में बड़ी चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद फ्लोरिडा और टेक्सास के वेनेजुएला समुदाय सामान और पैसा जुटाते रहे। आयोजकों का कहना है कि जब तक अपनों की और खबरें नहीं मिलतीं, तब तक उनका पूरा ध्यान बुनियादी और मेडिकल जरूरतों पर ही रहेगा।













