अमेरिकी जांच एजेंसी के मुखिया काश पटेल के आगामी दिनों में रूस का दौरा करने की संभावना जताई जा रही है। यूक्रेन संकट को लेकर मॉस्को और वॉशिंगटन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के साये में इस यात्रा को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह संभावित दौरा अक्टूबर के मध्य में निर्धारित किया जा सकता है, जिसे कूटनीतिक हलकों में काफी असामान्य घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
रूस से जुड़े पुराने मामलों और विवादों का इतिहास
इस प्रस्तावित यात्रा के केंद्र में काश पटेल का रूस से जुड़े पूर्व विवादों का पुराना इतिहास भी है। यह सिलसिला डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौर से ही शुरू हो गया था, जब उन्होंने उन तमाम जांचों की वैधता पर सवाल खड़े किए थे जिनमें यह टटोला जा रहा था कि क्या 2016 के चुनावों में जीत हासिल करने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ कोई सांठगांठ की गई थी या नहीं। ब्यूरो के सर्वोच्च पद पर आसीन होने के बाद से उनकी इन विदेश यात्राओं पर अमेरिकी कांग्रेस की भी पैनी नजर बनी हुई है।
रूसी मीडिया और विश्लेषकों की प्रतिक्रियाएं
इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए रूस के प्रमुख सरकारी समाचार पत्र मोस्कोव्स्की कोम्सोमोलेट्स ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि एफबीआई निदेशक किसी भी तरह के सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं, तो उन्हें अपने साथ कुछ ठोस प्रस्ताव भी लेकर आने होंगे। रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के अर्बातोव इंस्टीट्यूट फॉर US एंड कैनेडियन स्टडीज़ से जुड़े व्लादिमीर वासिलीव ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ऐसा माना जाता है कि मॉस्को के पास अमेरिकी डेमोक्रेट्स से जुड़ी कुछ संवेदनशील जानकारियां मौजूद हैं जो उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं, और इन्हें किसी न किसी माध्यम से अमेरिकी पक्ष के साथ साझा किया जा सकता है।
विशेषज्ञ व्लादिमीर वासिलीव के संबंध रशियन इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल के साथ काफी गहरे हैं, जिस संस्था के बोर्ड की कमान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के हाथों में है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अमेरिकियों के पास भी शायद साझा करने के लिए कुछ तथ्य हों, क्योंकि रूसी पक्ष यह जानना चाहेगा कि इसके बदले में उन्हें क्या हासिल होगा या फिर किसी विशेष मुद्दे पर उनका क्या दृष्टिकोण है।
मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग का संभावित कार्यक्रम
इस दौरे की अंदरूनी जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आया है कि काश पटेल आगामी 14 से 15 अक्टूबर के दौरान रूस की यात्रा करेंगे। अपनी इस यात्रा के सिलसिले में वे सबसे पहले मॉस्को जाएंगे और उसके बाद सेंट पीटर्सबर्ग का रुख करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरान उनकी खातिरदारी और मेजबानी रूस की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी एफएसबी द्वारा की जाएगी, जो कि सोवियत काल की केजीबी का ही आधुनिक स्वरूप है। हालांकि, अभी तक यह स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है कि उनकी मुलाकात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन या क्रेमलिन के अन्य शीर्ष अधिकारियों से होगी या नहीं, क्योंकि इस यात्रा के आधिकारिक एजेंडे को लेकर अब तक कोई आधिकारिक और विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।


















