हरियाली तीज का त्योहार नजदीक आते ही सावन की फुहारों के बीच फिरोजाबाद की मशहूर चूड़ी मंडी में रौनक लौट आई है, और इस बार दुकानों पर सिर्फ हरे रंग की नहीं बल्कि हरे और लाल रंग की जोड़ी वाली चूड़ियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। इस मौसम में हल्की बूंदाबांदी के बीच महिलाओं के श्रृंगार में हरे रंग की चूड़ियों का हमेशा से खास महत्व रहा है, लेकिन अब उसी के साथ लाल रंग की चूड़ियां मिलाकर पहनने का चलन बढ़ गया है। गली इमामबाड़ा स्थित चूड़ी मार्केट में दुकानदारों ने अपनी दुकानों को इसी नए रंग संयोजन वाली चूड़ियों से सजा दिया है, और दूर-दराज से महिलाएं खासतौर पर यही कॉम्बो खरीदने पहुंच रही हैं। अलग-अलग दुकानों पर इन चूड़ियों के दाम भी अलग-अलग रखे गए हैं।
हरे के साथ लाल का यह नया फैशन कैसे आया
गली इमामबाड़ा में चूड़ियों की फर्म चलाने वाले नितिन गोयल ने बताया कि सावन शुरू होने से पहले ही मंडी में नई डिजाइनों की बहार आ गई थी। उनके मुताबिक पहले महिलाएं सिर्फ हरे रंग की सादा चूड़ियां पहनना पसंद करती थीं, लेकिन इस बार बाजार में हरे रंग के साथ लाल रंग की चूड़ियों का कॉम्बो चलन में है। नितिन गोयल ने कहा
हरे रंग की चूड़ियों के साथ लाल रंग की चूड़ियां पहनने का बिल्कुल नया फैशन इस बार मार्केट में आया है।
सिर्फ सादी चूड़ियां ही नहीं, अब इसी रंग संयोजन में कई और डिजाइनों की चूड़ियां भी तैयार की जा रही हैं, जिन्हें महिलाएं हाथों में सजाकर हरियाली तीज मनाने की तैयारी कर रही हैं।
पत्थर, जरी और फिगर वर्क वाली चूड़ियां भी बाजार में
दुकानदारों ने बताया कि महिलाओं में हरे और लाल रंग की चूड़ियों को लेकर बढ़ रहे क्रेज को देखते हुए अब फिगर वर्क, स्टोन और जरी वर्क वाली चूड़ियां भी खासतौर पर तैयार की जा रही हैं। मार्केट में चूड़ियां सिर्फ तोड़े यानी गुच्छों में ही नहीं बल्कि डिब्बियों में भी दर्जन के हिसाब से बेची जा रही हैं। मान्यता है कि हरा रंग हरियाली और खुशहाली का प्रतीक होता है, जबकि लाल रंग को शुभ माना जाता है, यही वजह है कि महिलाएं दोनों रंगों की चूड़ियों को मिलाकर सेट के रूप में पहनना पसंद कर रही हैं।
विदेशों से भी आ रहे ऑर्डर, जानें कीमत
चूड़ी कारोबारियों के मुताबिक हरे रंग की चूड़ियों की मांग पूरे देश में पहले से ही बनी हुई है, लेकिन अब हरे और लाल रंग के इस नए कॉम्बो को देश के बाहर भी पसंद किया जा रहा है। व्यापारियों को यूएस, इंग्लैंड और बांग्लादेश से हरी-लाल फैंसी चूड़ियों के ऑर्डर मिल रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इतनी मांग के बावजूद इनकी कीमत बेहद कम रखी गई है। हरे और लाल रंग की चूड़ियों का एक गुच्छा, जिसमें आठ दर्जन चूड़ियां होती हैं, महज 110 रुपये में मिल रहा है, वहीं डिब्बियों में बिकने वाली चूड़ियों की कीमत 50 रुपये रखी गई है। दुकानदारों का कहना है कि सस्ती कीमत और नए डिजाइन की वजह से ही यह कॉम्बो देश और विदेश दोनों जगह महिलाओं को खूब पसंद आ रहा है।













