रेट अंतर से येन के मुकाबले चढ़ा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, पर जापान की दखल की चेतावनी बनी अड़चनदिल्ली-पंजाब की नौकरी छोड़ गांव लौटे सुरेंद्र राम, अब एक एकड़ में भिंडी उगाकर रोज कमा रहे ₹3,000भारत में बैठे-बैठे एप्पल और एनवीडिया के शेयर खरीदने के दो आसान रास्तेदिल्ली पुलिस का हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कड़ा एक्शन, 70 लोग हिरासत में, कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्जजालौर की बेटियों के लिए शानदार मौका: कृषि की पढ़ाई पर राजस्थान सरकार देगी 25,000 रुपये तक की सालाना स्कॉलरशिपबीकानेर के डॉक्टरों ने 13 साल की बच्ची की दुर्लभ जन्मजात बीमारी का किया सफल इलाज, दिल्ली में मिला सर्वोच्च सम्मानटीकमगढ़ में नवजात पोती की हत्या: दादी ने गला घोंटा, बेटियों के प्रति नफरत बनी खौफनाक जुर्म की वजहगोंडा में ₹1.13 करोड़ का ड्रग रैकेट ध्वस्त, अवैध दवाओं के जखीरे के साथ 'अमन फार्मास्युटिकल्स' सीलश्योपुर में रमाबाई ने अपनी जमीन के लिए 32 घंटे टावर की चोटी पर बिताए, आखिरकार झुका प्रशासनउन्नाव के नवाबगंज टोल पर आज रात से महंगा होगा सफर, जानें कार से ट्रक तक की नई दरें
मंगल पांडे की जयंती पर अमित शाह ने एक्स पर श्रद्धांजलि पोस्ट कीनेता जी
2 दिन पहले· 4

मंगल पांडे की जयंती पर अमित शाह ने एक्स पर श्रद्धांजलि पोस्ट की

मंगल पांडे की जयंती पर अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए 1857 की क्रांति में उनके बलिदान को याद किया, जिसके बाद यूजर्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं।

मंगल पांडे की जयंती के मौके पर अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने हैंडल @AmitShah से एक पोस्ट करते हुए 1857 की क्रांति में उनके योगदान को याद किया।

अमित शाह ने क्या लिखा

अपनी पोस्ट में अमित शाह ने बताया कि मंगल पांडे ने 1857 के विद्रोह की शुरुआत करते हुए लोगों में अपनी संस्कृति, आत्मसम्मान और देश हित के लिए लड़ने की चेतना जगाई थी। उन्होंने लिखा, "अंग्रेजी दमन और अन्याय से मां भारती को मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपने प्राणों तक की आहुति दे दी।" अमित शाह के मुताबिक, इसी बलिदान से निकली चिंगारी आगे चलकर पूरे देश में क्रांति की ज्वाला बनकर फैली। पोस्ट के साथ एक लिंक भी जोड़ा गया था, जो एक वीडियो श्रद्धांजलि जैसा प्रतीत होता है।

कौन थे मंगल पांडे

मंगल पांडे को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती क्रांतिकारियों में गिना जाता है और उन्हें 1857 के विद्रोह की चिंगारी भड़काने वाला माना जाता है। इतिहास में उन्हें अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सबसे पहले हथियार उठाने वालों में से एक बताया जाता है, जिसे आगे चलकर उत्तर भारत में फैले बड़े विद्रोह की नींव माना जाता है। ऐतिहासिक जानकारी के मुताबिक, विद्रोह में उनकी भूमिका के चलते उन्हें फांसी दी गई थी, और कुछ जानकारियों में यह भी बताया जाता है कि यह फांसी तय तारीख से करीब दस दिन पहले ही दे दी गई थी। उनका पैतृक गांव बलिया जिले से जुड़ा बताया जाता है और इतिहास में उन्हें देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम के अगुआ क्रांतिकारियों में शुमार किया जाता है।

हर साल दी जाती है श्रद्धांजलि

अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता समय-समय पर मंगल पांडे की जयंती और पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते रहे हैं और उनके साहस को देशवासियों के लिए प्रेरणा बताते रहे हैं। पहले भी प्रधानमंत्री सहित कई बड़े नेता उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दे चुके हैं और उनकी बहादुरी को देश के लिए मिसाल करार दे चुके हैं।

जनता की प्रतिक्रिया

अमित शाह की इस पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कई यूजर्स ने मंगल पांडे को महान क्रांतिकारी बताते हुए उनके साहस और बलिदान को सलाम किया, वहीं कुछ यूजर्स ने इसी पोस्ट के जरिए विरोधी नेताओं पर राजनीतिक निशाना साधा, जिससे कमेंट सेक्शन में श्रद्धांजलि के साथ-साथ सियासी बहस भी देखने को मिली। कुछ अन्य यूजर्स ने बिना किसी टिप्पणी के सिर्फ मंगल पांडे की स्मृति को नमन किया।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

अमित शाह ने मंगल पांडे को लेकर सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया?
उन्होंने एक्स पर लिखा कि मंगल पांडे ने 1857 की क्रांति का बिगुल फूंका और लोगों में संस्कृति, आत्मसम्मान व देश हित के लिए लड़ने की चेतना जगाई।
मंगल पांडे कौन थे?
मंगल पांडे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं और उन्हें 1857 के विद्रोह की चिंगारी भड़काने वाला माना जाता है।
मंगल पांडे को फांसी कब दी गई थी?
ऐतिहासिक जानकारी के मुताबिक उन्हें विद्रोह में भूमिका के चलते फांसी दी गई थी, और कुछ जानकारियों के अनुसार यह तय तारीख से करीब दस दिन पहले ही दे दी गई थी।
मंगल पांडे का पैतृक गांव कहां है?
उनका पैतृक गांव बलिया जिले से जुड़ा बताया जाता है।
अमित शाह की पोस्ट पर लोगों ने कैसी प्रतिक्रिया दी?
प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं, कई यूजर्स ने मंगल पांडे के साहस को सलाम किया जबकि कुछ ने पोस्ट के जरिए विरोधी नेताओं पर राजनीतिक निशाना साधा।
क्या पहले भी नेताओं ने मंगल पांडे को श्रद्धांजलि दी है?
हां, प्रधानमंत्री सहित कई नेता पहले भी उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दे चुके हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR