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सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाजबिहार
19 जुल॰ 2026, 3:36 pm (45 दिन पहले)· 3

सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है, लेकिन लंबे समय तक अनशन के कारण उन्हें विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी में रखा गया है।

कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, की स्वास्थ्य स्थिति अब स्थिर है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके शरीर पर लंबे समय तक चले भूख हड़ताल के प्रभावों को देखते हुए उन्हें चौबीसों घंटे चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता बनी हुई है।

अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन

रविवार को वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने एक आधिकारिक बुलेटिन जारी किया। इसमें बताया गया है कि सोनम वांगचुक के महत्वपूर्ण पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन उनके रक्त से संबंधित पैरामीटर अभी भी सामान्य नहीं हैं और उनमें मामूली बदलाव बने हुए हैं। अस्पताल के अनुसार, लंबे समय तक उपवास रखने के कारण उनके शरीर पर शारीरिक तनाव और प्रणालीगत प्रभाव पड़े हैं। इस स्थिति को देखते हुए, उन्हें विशेषज्ञों की एक बहु-विषयक टीम की कड़ी निगरानी में रखकर निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा रही है।

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विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी

सफदरजंग अस्पताल और एम्स, नई दिल्ली के चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से सोनम वांगचुक का आकलन किया है। डॉक्टरों का मानना है कि उनकी वर्तमान स्थिरता के बावजूद, किसी भी संभावित जटिलता का समय पर पता लगाने और उसे प्रबंधित करने के लिए निरंतर नैदानिक निगरानी और चिकित्सा हस्तक्षेप आवश्यक है। संबंधित चिकित्सा दल लगातार उनके स्वास्थ्य और रक्त मापदंडों की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

इलाज पर सहमति का मुद्दा

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि चिकित्सा दल और एम्स के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ द्वारा बार-बार परामर्श दिए जाने के बावजूद, सोनम वांगचुक के परिवार ने अभी तक प्रस्तावित चिकित्सा हस्तक्षेप के लिए सहमति नहीं दी है। मंत्रालय के अनुसार, सोनम वांगचुक को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, जबकि उनके परिवार को प्रस्तावित इलाज के लिए मनाने के प्रयास जारी हैं।

विरोध प्रदर्शन का संदर्भ

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा शनिवार सुबह जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया था। यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों के पालन में एक अत्यंत सावधानीपूर्वक किए गए तीन-स्तरीय ऑपरेशन के तहत की गई थी। उस समय तक उनका अनशन 18 जुलाई को अपने 21वें दिन में प्रवेश कर चुका था। विरोध प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी दलों के नेता सोनम वांगचुक से मिले थे और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए उनसे अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।

सवाल-जवाब

सोनम वांगचुक की वर्तमान स्थिति क्या है?
सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन अस्पताल में उन्हें विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी में रखा गया है।
उन्हें अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया?
21 दिनों तक चले अनशन के कारण उनके शरीर पर पड़े शारीरिक प्रभावों के चलते उच्च न्यायालय के आदेश पर उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया था।
क्या इलाज को लेकर कोई समस्या है?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, उनके परिवार ने अभी तक डॉक्टरों द्वारा प्रस्तावित चिकित्सा उपचार के लिए सहमति नहीं दी है।
अस्पताल में किन विशेषज्ञों की टीम निगरानी कर रही है?
सफदरजंग अस्पताल और एम्स, नई दिल्ली के डॉक्टरों की एक संयुक्त बहु-विषयक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
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