किडनी में पथरी की शिकायत अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के लोग भी इसका शिकार तेजी से बन रहे हैं। लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि कॉफी पीने से पथरी बनने का खतरा बढ़ता है या नहीं, रोजाना कितना पानी पीना ठीक रहेगा और खाने-पीने में किन बातों का ध्यान रखा जाए। डॉ. रितिका शर्मा, जो फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट के तौर पर काम करती हैं, ने इन्हीं सवालों पर आसान भाषा में जरूरी जानकारी दी है।
डॉ. रितिका शर्मा के मुताबिक कॉफी को लेकर लोगों में काफी उलझन बनी रहती है। उनका कहना है कि बहुत ज्यादा मात्रा में कॉफी पीने से किडनी में पथरी बनने की आशंका कुछ हद तक बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए कॉफी की मात्रा भी असामान्य रूप से ज्यादा होनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति दिनभर में सामान्य तौर पर करीब दो कप कॉफी पीता है, तो उससे शरीर पर बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ता। इसका मतलब यह है कि सीमित और संतुलित मात्रा में कॉफी पीना सुरक्षित माना जा सकता है, दिक्कत तभी शुरू होती है जब इसकी मात्रा जरूरत से कहीं ज्यादा हो जाए।
रोजमर्रा की सेहतमंद डाइट ही सबसे मजबूत बचाव
डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि किडनी स्टोन से बचने का सबसे कारगर तरीका है पूरे दिन संतुलित और सेहतमंद खानपान अपनाना। इसमें पर्याप्त पानी पीना, सलाद को रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाना, शरीर को जरूरी प्रोटीन देना और नियमित रूप से एक्सरसाइज करना शामिल है। इनमें से कोई भी एक आदत अकेले उतना असर नहीं करती, बल्कि जब ये चारों आदतें एक साथ अपनाई जाती हैं तभी किडनी को सुरक्षित रखने में असली मदद मिलती है। अगर रोजाना इसी तरह की दिनचर्या अपनाई जाए, तो किडनी स्टोन जैसी बीमारी से काफी हद तक बचाव संभव है।
ज्यादा नमक और कम पानी की जोड़ी बढ़ा सकती है खतरा
डॉ. रितिका शर्मा के अनुसार सिर्फ ज्यादा नमक खाने को पथरी बनने की सीधी और अकेली वजह नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसका असर शरीर पर जरूर पड़ता है। ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने लगता है, जिसे वॉटर रिटेंशन कहा जाता है, और कई बार यही स्थिति आगे चलकर कैल्सिफिकेशन का रूप ले लेती है, जिससे किडनी स्टोन बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसी वजह से नमक और पानी दोनों की मात्रा को संतुलित रखना जरूरी बताया गया है। दिनभर में करीब 5 ग्राम यानी एक छोटा चम्मच नमक ही पर्याप्त माना जाता है।
वहीं शरीर को दिनभर में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी नियमित रूप से चाहिए। डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि अगर किसी को पहले से किडनी स्टोन हो चुका है, तो डॉक्टर और डाइटिशियन दोनों ही ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं ताकि पानी के जरिए स्टोन अपने आप बाहर निकल सके। हालांकि अगर तकलीफ ज्यादा बढ़ जाए या साथ में कोई और परेशानी भी नजर आए, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
बाहर का खाना और बदलती जीवनशैली किडनी पर पड़ रही भारी
डॉ. रितिका शर्मा का कहना है कि आजकल किडनी से जुड़ी दिक्कतें हर उम्र के लोगों में सामने आ रही हैं और इसकी एक बड़ी वजह हमारी बदली हुई जीवनशैली है। बड़ी संख्या में लोग एक्सरसाइज को पूरी तरह नजरअंदाज कर चुके हैं और घर पर खाना बनाने की बजाय जोमैटो और स्विगी जैसी ऐप से खाना मंगवाना एक आम आदत बन गई है। ताजा और साफ-सुथरा घर का खाना बनाने की आदत लगातार कम होती जा रही है। बाहर से मिलने वाले खाने में तेल और नमक दोनों ही जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, और कई बार इस्तेमाल होने वाला तेल भी अच्छी क्वालिटी का नहीं होता। इसके अलावा मैगी, नूडल्स, चिप्स और दूसरी रेडीमेड चीजों को नियमित रूप से खाने का चलन भी लगातार बढ़ रहा है।
डॉ. रितिका शर्मा के मुताबिक यही सारी आदतें मिलकर किडनी स्टोन बनने में मदद करने वाला एक बड़ा कारण बनती जा रही हैं। इसलिए वक्त रहते खानपान और रहन-सहन में सुधार करना बेहद जरूरी है, ताकि आने वाले समय में किडनी से जुड़ी गंभीर परेशानियों से बचा जा सके।



















