विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने की इच्छा रखने वाले ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश CUET परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए थे, उनके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय और राज्य स्तरीय उच्च शिक्षण संस्थानों में खाली बची सीटों को भरने के उद्देश्य से अब नॉन-CUET अभ्यर्थियों को दाखिले का सीधा अवसर दिया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों और उत्तराखंड के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम वर्ष की रिक्त सीटों पर बिना एंट्रेंस परीक्षा वाले छात्रों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इस पहल से उन हजारों विद्यार्थियों का साल बर्बाद होने से बच जाएगा जो प्रवेश प्रक्रिया की मुख्य दौड़ से बाहर हो गए थे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेजों में नॉन-CUET अभ्यर्थियों को राहत
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज ने अपने प्रवेश नियमों में संशोधन करते हुए गैर-CUET छात्रों को दाखिला प्रक्रिया का हिस्सा बनाने का फैसला किया है। महाविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में केवल बीएससी गणित पाठ्यक्रम में नॉन-CUET अभ्यर्थियों को मौका देने की अनुमति दी थी, किंतु अब इस छूट का दायरा बढ़ाते हुए बीए प्रथम वर्ष में भी बिना प्रवेश परीक्षा वाले अभ्यर्थियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा तय शेड्यूल के अनुसार नॉन-CUET अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 28 अगस्त को आयोजित की जा रही है।
हालांकि इस ऑनलाइन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण शर्त लागू की गई है। इसमें केवल वही विद्यार्थी प्रतिभाग कर सकेंगे जिन्होंने कॉलेज के आधिकारिक पोर्टल पर पूर्व में अपना पंजीकरण सफलता पूर्वक पूर्ण कर लिया था। ऐसे पंजीकृत छात्रों को CUET के माध्यम से आए अभ्यर्थियों के साथ ही बची हुई सीटों पर मेरिट के अनुसार प्रवेश का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय उन स्थानीय और बाहरी छात्रों के लिए अत्यंत मददगार सिद्ध होगा जो किसी तकनीकी या व्यक्तिगत कारण से राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा नहीं दे पाए थे।
इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (ADC) ने जारी किया नया कटऑफ और प्रवेश दिशानिर्देश
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक अन्य प्रमुख घटक संस्थान, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज (ADC) ने भी स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए नया कटऑफ स्कोर जारी किया है। महाविद्यालय में 31 अगस्त को बीए और बीएससी पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होगी। कॉलेज प्रशासन के अनुसार बीए प्रथम वर्ष में नॉन-CUET अभ्यर्थियों को भी बची हुई रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर प्रदान किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, बीएससी पाठ्यक्रम में विशेष श्रेणियों के तहत प्रवेश दिए जाएंगे। इसमें CUET में शामिल हुए खेल कोटा, दिव्यांग अभ्यर्थी, कश्मीरी विस्थापित तथा पर्वतीय क्षेत्र के कोटे वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता के आधार पर अवसर मिलेगा। परिसरों के अनुसार कटऑफ की बात करें तो कौड़ीबाग परिसर में बीकॉम पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम कटऑफ अंक 100 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा Zero Road परिसर में बीए एवं बीकॉम दोनों ही पाठ्यक्रमों की शेष सीटों पर सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए बिना किसी कठिन बंदिश के प्रवेश की खिड़की पूरी तरह से खोल दी गई है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय मुख्य परिसर का नया कटऑफ और शुल्क भुगतान की समय-सीमा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर ने भी स्नातक पाठ्यक्रमों की रिक्त सीटों को भरने के लिए बीए का 10वां कटऑफ और बीएससी गणित का 13वां कटऑफ आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को नए कटऑफ के तहत सीटें आवंटित की गई हैं, उन्हें 31 अगस्त की सुबह 10 बजे तक अपनी प्रवेश प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर लेनी होगी। अभ्यर्थियों को प्रवेश पोर्टल पर जाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी अनिवार्य फीस भी जमा करनी होगी, अन्यथा उनका आवंटन निरस्त माना जाएगा।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी विस्तृत कटऑफ सूची के अनुसार बीए पाठ्यक्रम में सामान्य वर्ग का कटऑफ अंक 439 से घटकर 430 अंक, ईडब्ल्यूएस श्रेणी का 365 से घटकर 360 अंक, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का 369 से घटकर 361 अंक और अनुसूचित जाति (SC) का कटऑफ 317 से घटकर 308 अंक पर आ गया है। वहीं बीएससी गणित पाठ्यक्रम में सामान्य वर्ग का कटऑफ 412.75 से 414.50 अंक, ओबीसी वर्ग का 364.50 से 367 अंक, ईडब्ल्यूएस वर्ग का 372 से 376 अंक और एससी वर्ग का कटऑफ 279 से 282 अंक तय किया गया है। इसके अतिरिक्त बीएएफएम (BAFM) पाठ्यक्रम में अनारक्षित वर्ग का कटऑफ 660.13 अंक, ओबीसी का 621.19 अंक तथा एससी वर्ग का कटऑफ 503.66 अंक दर्ज किया गया है।
भौतिक दस्तावेज सत्यापन और नामांकन के लिए अतिरिक्त अवसर
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन नवप्रवेशी विद्यार्थियों को भी एक और मौका दिया है जो बीए, बीएससी गणित या बीएससी बायो प्रथम वर्ष में सीट पाने के बाद भी प्रथम चरण के दौरान अपने प्रमाणपत्रों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) और नामांकन कराने से चूक गए थे। ऐसे विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय के प्रवेश भवन में विशेष शिविर की व्यवस्था की गई है।
बीएससी गणित के छात्र 31 अगस्त और 1 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच विश्वविद्यालय के प्रवेश भवन में उपस्थित होकर अपने सभी मूल शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन करवा सकते हैं। वहीं बीए के विद्यार्थियों के लिए भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया 31 अगस्त से प्रारंभ होकर 2 सितंबर तक संचालित की जाएगी। सत्यापन कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिदिन दो पालियों की व्यवस्था की गई है। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।
गढ़वाल विश्वविद्यालय में 12वीं के अंकों के आधार पर मेरिट दाखिला
उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने भी उन छात्र-छात्राओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं जो CUET प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके थे। गढ़वाल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में खाली बची सीटों पर नॉन-CUET अभ्यर्थियों के दाखिले की अधिसूचना जारी कर दी है। ऐसे इच्छुक छात्र जो बिना CUET स्कोर के प्रवेश लेना चाहते हैं, वे 31 अगस्त तक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपना नया पंजीकरण करा सकते हैं।
गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन अभ्यर्थियों का चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त बोर्ड अंकों के आधार पर तैयार की जाने वाली मेरिट सूची के जरिए किया जाएगा। पंजीकरण की समयावधि समाप्त होने के तुरंत बाद मेरिट लिस्ट प्रकाशित की जाएगी। विश्वविद्यालय ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों और परिसरों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी प्रवेश प्रक्रिया को 4 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से संपन्न करा लें। विद्यार्थियों को यह विशेष हिदायत दी गई है कि वे फॉर्म भरने से पहले संबंधित कॉलेज या परिसर में अपने पसंदीदा विषय की रिक्त सीटों की संख्या की जांच अवश्य कर लें।
नॉन-CUET पंजीकरण शुल्क और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
गढ़वाल विश्वविद्यालय में नॉन-CUET कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण शुल्क की दरें भी घोषित कर दी गई हैं। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क के रूप में 400 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा दिव्यांग श्रेणी के आवेदकों के लिए यह शुल्क 200 रुपये निर्धारित किया गया है।
क्योंकि अलग-अलग संबद्ध परिसरों और डिग्री कॉलेजों में विषयवार रिक्त सीटों की संख्या भिन्न हो सकती है, इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद ही अपना विकल्प चुनें। जो छात्र CUET परीक्षा में नहीं बैठ पाए थे या जिन्हें CUET काउंसलिंग के दौरान मनचाही सीट नहीं मिल सकी थी, उनके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के इन प्रमुख विश्वविद्यालयों में दाखिला पाने का यह अंतिम अवसर साबित हो सकता है।



















