देशभर के तमाम मेडिकल और डेंटल शिक्षण संस्थानों में काउंसलिंग के कई पारंपरिक दौर संपन्न होने के उपरांत भी चिकित्सा पाठ्यक्रमों में उल्लेखनीय संख्या में स्थान खाली रह गए हैं। इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने संयुक्त रूप से एक विशेष व्यवस्था बनाई है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को योग्यता के आधार पर इन बची हुई सीटों पर प्रवेश का अवसर मिल सके। कई बार मामूली अंकों के अंतर, कटऑफ की विसंगति या पिछली काउंसलिंग में हुई तकनीकी भूलों के कारण प्रतिभावान छात्र डॉक्टर बनने की दौड़ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे सभी अभ्यर्थियों के लिए घोषित की गई यह अतिरिक्त प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में सामने आई है।
एमबीबीएस की रिक्तियों को भरने के लिए विशेष पहल
नीट यूजी की लंबी और जटिल दाखिला प्रक्रिया के बावजूद पूरे देश में एमबीबीएस की करीब 2000 सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा की सीटों का खाली रह जाना न केवल व्यवस्था के लिए एक चुनौती है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी निराशाजनक होता है जो रात-दिन इस परीक्षा की तैयारी करते हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने बची हुई प्रत्येक सीट का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष राउंड आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कदम से वे छात्र लाभान्वित होंगे जो बहुत ही कम अंकों के अंतर से पिछली सूचियों में अपनी जगह सुरक्षित नहीं कर पाए थे।
एमबीबीएस और बीडीएस पांचवें राउंड की महत्वपूर्ण तिथियां
आधिकारिक पोर्टल mcc.nic.in पर जारी किए गए विवरण के अनुसार, इस विशेष काउंसलिंग चक्र का शुभारंभ 2 नवंबर 2026 से सुनिश्चित किया गया है। एमबीबीएस के विशेष राउंड के साथ ही बीडीएस और बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रमों के पांचवें चरण की रूपरेखा भी इसी समय सारिणी के तहत क्रियान्वित की जाएगी।
इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण और निर्धारित आवेदन शुल्क चुकाने की सुविधा 2 नवंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी। पंजीकरण विंडो 4 नवंबर की दोपहर 03:00 बजे बंद कर दी जाएगी, जबकि शुल्क के ऑनलाइन भुगतान का विकल्प उसी दिन शाम 06:00 बजे तक खुला रखा जाएगा। इसके बाद कॉलेजों के चयन और उन्हें वरीयता क्रम में दर्ज करने यानी चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 2 नवंबर से 5 नवंबर के बीच संचालित होगी। छात्रों द्वारा चुनी गई प्राथमिकताओं को लॉक करने की सुविधा 4 नवंबर की शाम 04:00 बजे प्रारंभ होगी और यह 5 नवंबर की सुबह 11:00 बजे समाप्त हो जाएगी।
सीटों के आबंटन का मूल्यांकन 5 और 6 नवंबर को पूरा किया जाएगा। इसके उपरांत 7 नवंबर 2026 को अंतिम चयन परिणाम सार्वजनिक किया जाएगा। परिणाम जारी होने के पश्चात जिन उम्मीदवारों को सीटें मिलेंगी, उन्हें 7 नवंबर से 16 नवंबर की शाम 05:00 बजे के भीतर संबंधित संस्थान में पहुंचकर अपने दस्तावेज सत्यापित कराने होंगे और उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
बीडीएस और बीएससी नर्सिंग के छठे दौर की योजना
दंत चिकित्सा और नर्सिंग पाठ्यक्रमों में भी रिक्त स्थानों को भरने के लिए प्रशासन ने एक अतिरिक्त छठे राउंड की पूरी योजना तैयार की है। इससे उन अभ्यर्थियों को दोहरा अवसर मिलेगा जो पांचवें दौर तक कोई सीट सुरक्षित करने में सफल नहीं हो पाते हैं।
छठे राउंड के अंतर्गत पंजीकरण, शुल्क जमा करने तथा अपनी पसंद के कॉलेज भरने की संयुक्त प्रक्रिया 17 नवंबर से 19 नवंबर 2026 तक संचालित की जाएगी। इस दौर के लिए चॉइस लॉकिंग की अवधि 18 नवंबर की शाम 04:00 बजे से लेकर 19 नवंबर की सुबह 09:00 बजे तक निर्धारित की गई है। 19 नवंबर को आबंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 20 नवंबर को इसका परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इस चरण में सफल होने वाले छात्रों को आवंटित संस्थानों में व्यक्तिगत रूप से 21 नवंबर से 28 नवंबर 2026 के बीच पहुंचकर प्रवेश औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें
यह पूरी प्रक्रिया इस शैक्षणिक सत्र के लिए नीट यूजी काउंसलिंग का अंतिम अवसर है, जिसके बाद किसी भी तरह के अतिरिक्त फेरबदल की गुंजाइश नहीं रहेगी। इसलिए अभ्यर्थियों को कॉलेज चयन के समय अपनी अखिल भारतीय रैंक और पिछले वर्षों के कटऑफ का गहन विश्लेषण करना चाहिए। किसी भी अंतिम समय की तकनीकी अड़चन से बचने के लिए समय सीमा से पहले ही शुल्क का भुगतान सुनिश्चित कर लेना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, संस्थान में उपस्थिति के समय सभी मूल प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज पहले से व्यवस्थित रखना अनिवार्य है, ताकि सत्यापन के दौरान किसी भी व्यवधान का सामना न करना पड़े।



















