झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ देर रात मंदिर के पास धान के खेत में एक नवजात बच्ची को झोले में लेकर पहुँची महिला को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथ मौजूद दो अन्य महिलाएँ मौके से भागने में सफल रहीं। घटनास्थल पर पूजा-अर्चना की सामग्री मिलने के बाद इलाके में अंधविश्वास और बलि की आशंका को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ शुरू हो गईं। समय रहते ग्रामीणों के पहुँच जाने से नवजात और उसकी माँ दोनों सुरक्षित हैं।
रात के सन्नाटे में मंदिर के पास हलचल
यह घटना छतरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मनहू गाँव में स्थित देवी मंदिर के पास की है। शुक्रवार की रात करीब 9:30 बजे मदया भलही की रहने वाली 40 वर्षीय अंजू देवी एक नवजात बच्ची को थैले में रखकर मंदिर के नजदीक धान के खेत में पहुँची थी। उसके साथ दो अन्य अज्ञात महिलाएँ भी थीं। घटनास्थल पर सिंदूर, चूड़ी और पूजा-पाठ से जुड़ा अन्य सामान भी रखा हुआ था। उसी समय पास के जलस्रोत में कुछ स्थानीय लोग मछली पकड़ रहे थे। खेत में संदिग्ध गतिविधियाँ और महिलाओं की आवाज सुनकर उन्हें शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को मौके पर बुला लिया।
ग्रामीणों को देखकर दो महिलाएँ फरार
लोगों को अपनी ओर आते देख अंजू देवी के साथ आई दोनों महिलाएँ अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलीं। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए अंजू देवी को पकड़ लिया और नवजात बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया। सूचना मिलते ही मुखिया प्रतिनिधि जहीर अंसारी घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने बच्ची की नाज़ुक हालत को देखते हुए तुरंत उसे अपने कपड़ों में लपेटा और ठंड तथा संक्रमण से बचाया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से माँ और नवजात दोनों को तुरंत छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में दोनों का उपचार जारी है।
गर्भावस्था और प्रसव से अनजान था परिवार
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू महिला के पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है। परिजनों के मुताबिक, अंजू देवी की पहले से एक बेटी है। परिवार के किसी भी सदस्य को महिला के गर्भवती होने अथवा हाल ही में बच्ची को जन्म देने की कोई भनक तक नहीं थी। अचानक देर रात नवजात के साथ पकड़े जाने की खबर से परिवार के लोग भी दंग हैं। अस्पताल में भर्ती महिला से जब देर रात खेत में जाने का कारण पूछा गया, तो वह कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रही है और उसने चुप्पी साध रखी है।
अंधविश्वास के पहलुओं पर पुलिस की जाँच
ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मौके पर मिले सामान और मंदिर के पास की परिस्थिति को देखते हुए नवजात की बलि दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालाँकि, प्रशासन अथवा पुलिस ने बलि के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत छानबीन की जा रही है। फरार दोनों महिलाओं की तलाश जारी है और उनके पकड़े जाने तथा अंजू देवी से पूछताछ पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नवजात को इतनी रात गए मंदिर के पास खेत में ले जाने का वास्तविक मकसद क्या था।



















