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उत्तराखंड में सप्ताहांत पर यातायात पाबंदियां लागू, सरोवर नगरी और नीम करोली आश्रम मार्ग पर बदले गए रास्तेउत्तराखंड
31 अक्तू॰ 2026, 11:24 am (1 घंटे पहले)· 1

उत्तराखंड में सप्ताहांत पर यातायात पाबंदियां लागू, सरोवर नगरी और नीम करोली आश्रम मार्ग पर बदले गए रास्ते

सप्ताहांत पर सैलानियों और भक्तों के भारी जमावड़े को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्जन, पार्किंग और शटल सेवा का नया खाका तैयार किया है। 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को भारी ट्रकों से लेकर टैक्सियों के लिए अलग-अलग समय पर प्रतिबंध प्रभावी रहेंगे।

पर्वतीय पर्यटन स्थलों की सैर करने अथवा प्रसिद्ध नीम करोली आश्रम में दर्शन पूजन की मंशा रखने वाले मुसाफिरों के लिए सफर शुरू करने से पूर्व सड़क व्यवस्था का जायजा लेना बेहद जरूरी हो गया है। छुट्टी के दिनों में सैलानियों के भारी आगमन से संकरी पहाड़ी सड़कों पर गाड़ियां घंटों रेंगने लगती हैं। इस विकट समस्या से निपटने और रास्तों पर वाहनों की सुगम आवाजाही बनाए रखने के लिए खाकी और जिले के आला अधिकारियों ने विस्तृत यातायात प्रबंधन की घोषणा की है। 31 अक्टूबर तथा एक नवंबर को पर्वतीय प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य धार्मिक स्थल तक विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि स्थानीय रहवासियों तथा बाहर से आने वाले मुसाफिरों दोनों को घंटों जाम में न फंसना पड़े।

श्रद्धालुओं के लिए शटल गाड़ियां और बड़े वाहनों पर कड़ा पहरा

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर जमीनी स्तर पर सख्त बंदोबस्त किए गए हैं। आश्रम की तरफ जाने वाले बड़े व्यावसायिक ट्रकों और कंटेनरों की आवाजाही पर तड़के तीन बजे से लेकर रात के 11 बजे तक पूर्ण निषेध रहेगा। ऐसे समस्त बड़े वाहनों को जनपद की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त आश्रम वाले हिस्से में साधारण टैक्सियों, आम दोपहिया वाहनों और पीली पट्टी वाली व्यावसायिक मोटरसाइकिलों अथवा स्कूटरों के जाने पर भी सख्त मनाही कर दी गई है। बाहर से अपनी निजी कारों में आने वाले आगंतुकों के वाहन निर्धारित खुले मैदानों और पार्किंग स्थलों में खड़े कराए जाएंगे, जहां से आश्रम तक श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए प्रशासन द्वारा शटल सेवा का संचालन किया जाएगा।

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मैदानी रास्ते से गुजरने वाली गाड़ियों के लिए डायवर्जन योजना

पहाड़ों के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले मैदानी शहर में शनिवार और रविवार को सुबह नौ बजे से रात दस बजे तक डायवर्जन की व्यवस्था प्रभावी रहेगी। बरेली की दिशा से आकर पर्वतीय अंचल की तरफ जाने वाली सभी छोटी-बड़ी गाड़ियों को तीनपानी फ्लाईओवर से मोड़ा जाएगा, जहां से वे गोलापार मार्ग होते हुए नारीमन तिराहा काठगोदाम की ओर अग्रसर होंगी। इसी तरह रुद्रपुर की तरफ से आने वाले यातायात को पंतनगर तिराहे (दिनेशपुर मोड़) से राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर भेजा जाएगा, जहां से वाहन लालकुआं, तीनपानी फ्लाईओवर और गोलापार होते हुए आगे बढ़ेंगे। जो मुसाफिर शहर की अंदरूनी सड़कों पर प्रवेश कर जाएंगे, उनकी गाड़ियों को गन्ना सेंटर से मोड़कर गौला रोड के रास्ते नारीमन तिराहे निकाला जाएगा। रामनगर अथवा बाजपुर होकर पहाड़ों पर जाने वाले वाहन चालकों को कालाढूंगी नैनीताल तिराहे से मंगोली की दिशा में मोड़ा जाएगा।

जरूरी सेवाओं के ट्रकों के लिए तय समय सीमा

पहाड़ी रास्तों पर बड़े मालवाहक ट्रकों को सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक चलने की इजाजत नहीं होगी। आम जनजीवन से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं जैसे फल, हरी सब्जियां, दूध, रसोई गैस तथा ईंधन ढोने वाले ट्रकों के संचालन पर भी दोपहर दो बजे से लेकर रात 11 बजे तक पाबंदी लगाई गई है। पर्वतीय हिस्सों से नीचे उतरने वाले भारी ट्रकों को सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक सीमावर्ती चौकियों पर रोका जाएगा। यदि कोई बड़ा ट्रक गलती से शहरी सीमा में प्रवेश पा लेता है, तो उसे नंबर एक बैंड से पहले सड़क किनारे अथवा सलड़ी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत अमृतपुर मोड़ के पास रोककर खड़ा कराया जाएगा।

मैदान की ओर लौटने वाले पर्यटकों के लिए वैकल्पिक निकास

दोपहर बाद जब मैदानों की ओर लौटने वाले वाहनों का दबाव बढ़ता है, तो उसके लिए भी वैकल्पिक निकासी मार्ग तय किया गया है। काठगोदाम के समीप जाम की स्थिति बनने पर दोपहर तीन बजे के उपरांत भवाली और आसपास के पर्यटन स्थलों से नीचे उतरने वाली कारों को मस्जिद तिराहे से डायवर्ट किया जाएगा। यह गाड़ियां नंबर एक बैंड, रूसी बाईपास द्वितीय, रूसी बाईपास प्रथम तथा कालाढूंगी मार्ग से होकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगी। हालांकि पर्वतीय रूटों पर चलने वाली राज्य परिवहन निगम (रोडवेज) और केमू की यात्री बसों की सामान्य आवाजाही उनके तयशुदा पुराने मार्गों से ही निर्बाध जारी रखी जाएगी। पुलिस ने सभी आगंतुकों से सहयोग करने और सड़क पर बेतरतीब वाहन पार्क न करने का अनुरोध किया है।

सवाल-जवाब

यह विशेष यातायात प्लान किन तारीखों पर लागू रहेगा?
यह नया यातायात और डायवर्जन प्लान 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को प्रभावी रहेगा।
क्या पर्यटक अपनी निजी कार सीधे कैंची धाम तक ले जा सकते हैं?
नहीं, निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़ा करना होगा और वहां से शटल सेवा से मंदिर पहुंचना होगा।
भारी वाहनों के लिए कौन से समय पर प्रतिबंध लगाया गया है?
भारी व्यावसायिक वाहनों का संचालन सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
दूध, सब्जी और रसोई गैस ढोने वाले ट्रकों के लिए क्या नियम हैं?
अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े इन वाहनों पर दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक यात्रा मार्ग पर चलने पर रोक रहेगी।
हल्द्वानी शहर में डायवर्जन व्यवस्था कितने बजे से कितने बजे तक रहेगी?
हल्द्वानी में यह डायवर्जन सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा।
क्या रोडवेज और केमू की बसों का रूट भी बदला गया है?
नहीं, रोडवेज और केमू की यात्री बसें अपने निर्धारित पुराने मार्गों से ही सामान्य रूप से चलती रहेंगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·44 मिनट पहले

सप्ताहांत पर जाम से बचना है तो घर से निकलने से पहले रास्ते की जानकारी जरूर ले लें।

Karan Malhotra@karan-malhotra·44 मिनट पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा। नीम करोली आश्रम जाने वाले हाईवे पर वीकेंड में वैसे भी इतनी लंबी लाइन लग जाती है कि कई बार घंटों गाड़ी वहीं फंसी रह जाती है।

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