2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान अमेरिका के केंद्रीय बैंक की कमान संभालने वाले फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन बेन बर्नान्के अब एंथ्रोपिक की स्वतंत्र निगरानी संस्था का हिस्सा बन गए हैं। AI कंपनी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।
बर्नान्के जिस संस्था से जुड़े हैं, उसका नाम एंथ्रोपिक लॉन्ग-टर्म बेनिफिट ट्रस्ट है। इसका मकसद कंपनी को इस बात पर केंद्रित रखना है कि वह लंबे समय में इंसानियत के फायदे के लिए उन्नत AI तैयार करे। इस ट्रस्ट के पास असली ताकत है, यह एंथ्रोपिक के बोर्ड में सदस्य नियुक्त कर सकता है और जब भी कोई फैसला समाज पर AI के असर से जुड़ा हो, तो बोर्ड और शीर्ष नेतृत्व दोनों को सलाह देता है।
चार सदस्यों वाला ट्रस्ट
बर्नान्के के आने से अब इस ट्रस्ट में चार सदस्य हो गए हैं। उनके साथ सामाजिक उद्यमी नील बडी शाह, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी रह चुके रिचर्ड फोंटेन, और राष्ट्रपति जो बाइडेन के पूर्व खुफिया सलाहकार मारियानो-फ्लोरेंटिनो क्यूएलर शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि आर्थिक संकटों पर बर्नान्के का लंबा अध्ययन और अर्थव्यवस्था को उसके सबसे कठिन दौर से बाहर निकालने का उनका अनुभव यह आंकने में मदद करेगा कि AI नौकरियों और व्यापक अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर सकता है।
बर्नान्के ने एक बयान में कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता बहुत बड़ी है, और इसके संभावित नतीजों का दायरा भी उतना ही बड़ा है। यह क्षमता किस दिशा में जाएगी, यह कुछ हद तक उन संस्थाओं पर निर्भर करेगा जो हम इसके इर्द-गिर्द खड़ी करते हैं।"
बबल की चर्चा के बीच नियुक्ति
उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब कुछ निवेशक और अर्थशास्त्री चेता रहे हैं कि AI में जिस रफ्तार से पैसा उमड़ रहा है, वह पुराने बाजार उछालों की सट्टेबाजी जैसी लगती है। एनवीडिया के सीईओ जेन्सन हुआंग ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि चिप बनाने वाली उनकी कंपनी शायद अब ओपनएआई और एंथ्रोपिक में बड़े निवेश नहीं करेगी, क्योंकि दोनों कंपनियां संभावित पब्लिक लिस्टिंग के करीब पहुंच रही हैं और यह बहस भी तेज हो रही है कि कहीं AI का मूल्यांकन बबल तक तो नहीं पहुंच गया।
यह खबर एंथ्रोपिक और ट्रंप प्रशासन के बीच के एक तनावपूर्ण दौर के बाद आई है। पिछले महीने वाणिज्य विभाग ने कंपनी के सबसे नए AI मॉडल्स पर कुछ समय के लिए निर्यात नियंत्रण लगा दिए थे, लेकिन जब एंथ्रोपिक ने अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जोड़े और अमेरिकी अधिकारियों के साथ सहमति बनाई, तो यह फैसला वापस ले लिया गया।
विवादों से घिरी विरासत
बर्नान्के आज भी आर्थिक इतिहास में एक विवादित नाम हैं। 2006 से 2014 तक फेडरल रिजर्व की अगुवाई करते हुए वे उस वक्त इसके मुखिया थे जब अमेरिका का हाउसिंग बाजार धराशायी हुआ और उसके बाद आए संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को ग्रेट डिप्रेशन के बाद की सबसे बड़ी गिरावट में धकेल दिया। कुछ अर्थशास्त्री उनके कदमों की तारीफ करते हैं कि इनसे और भी बड़ी तबाही टल गई। वहीं आलोचक कहते हैं कि नियामक संकट से पहले जमा हो रहे खतरों को भांप नहीं पाए, और वे लंबे समय से उन फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं जो संकट के बाद लिए गए, जिनमें लीमन ब्रदर्स का डूबना भी शामिल है। साल 2022 में बर्नान्के को बैंकों और आर्थिक संकटों पर उनके शोध के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला।










